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सुनाताहु मे अब, एक घरकी कहानी —२
जिन्दगीने किया, कैसे छेड्खानी

हस्ता, चेहरा हे उसका, दिलमे दर्द हे पुरानी
लगाहे आग मनमे, कोइतो पिलाव थोडा पानी
प्यार देकर बढ्ता हे , कभी कम नही होता
दर्द सुनाकर दिल रोता हे, आसुव का दासता —२

सुनाताहु मे अब, एक घरकी कहानी
जिन्दगीने किया, कैसे छेड्खानी

ऋतु आएँ, अाँख आगे, नआया, उसके अपने
नइ पत्ते, लगा पेढँपे, नआया, उसमे मौसमे
खुशी कोइ रंगमे नही आता हरघडी सामने
बन्द किए पल्कँे, उघरते नही सुनके बात, प्यारके —२

सुनाताहु मे अब एक घरकी कहानी
जिन्दगीने किया कैसे छेड्खानी
Genre: Gazal
Theme: Story Of Pain || Narration
आजके बाद फिर मिल्नेका, रख्ना तमन्नाए
चाहत हो गानेना, तो, लो मे, सिखाँदु तुझको —२
ध.ध.ध. म.म..म ब. ब. ब. .......

खाब हो उड्नेका , पंख, लगादु तुझको —२
आजके बाद फिर मिल्नेका,रख्ना तमन्नाए
दिलमे अगर कोइ, चाहत हो तो, नछुपाव मुझको
मेरे साथ, हस्ना और हसाना, सब जनको
खाब तो खाब हे, जिन्दगी हे एक , सही
उम्मीदे, आसाए, तमन्नाए भी होगी कइँ —२
आवाज नही लेकिन, होठ कुछ, कह रहे —२
रबका भाषा यही हे, लो, मे सिखादु तुझको

मासुम चेहेरा जब , पास आए नजरे ही दिल धड्काए
रबका भाषा  यही हे, लो ,मे सिखादु तुझको
सितारोके बात हवाओसे, जब संझोगे
तित्लीयाका पंख गगनमे  सहरे, जब देखोगे
जब किसिकी चाहतमे, कुछ देर भुलोगे
सारी दुनीया कुछ नयाँ नयाँसा, जब लगे
तो मे सझु..........
आजके बाद फिर मिल्नेका, रख्खा हे, तमन्नाए —२

चाहत हो गानेका, तो लो मे, सिखादु तुझको
खाब हो उड्नेका पंख लगादु तुझको
सारी दुनीया नयाँ नयाँसा जब लगे तो मे संंझु
आजके  बाद फिर मिल्नेका, रख्खाहे, तमन्नाए —२
Genre: Romantic Gazal
Theme: Connection || The One
डरना मना यहाँ, आपका सरमाना मना हे —२
मिले हे सालोबाद, लो अब रुठना, मना हे —२े

बितेहुए पलका खयालात, लाना मना  हे
यादोका बारात यहाँ, सजाना मना हे —२
जुदाइका , कोइ बहाना बनाना, मना हे —२
डरना मना यहाँ, आपका सरमाना मना हे

भुल होगइ होगी, हमसे कभी कोइ
जिताथा यहाँ हम, आपका नाम ले, लेकर
रोया बहुतथा, यादोका आसु, पिकर
मिलेहे सालोबाद, लो अब रुठना, मना हे

सिकायत हमसे, बहुत होगी चुप रहेना मना हे
झुठी कहानी, बनाकर हमे सुनाना माना हे
जुदाइका , कोइ बहाना, बनाना मना हे

मोतीयोके लहरे, आपके आखोसे बहाना मना हे
टुटी हँइ रिस्ताके गाठ, अब जुडाना, मना हे
आपकी धड्कन बढगइ सुनो, बढाना, मना हे
जिताथा यहाँ हम्, आपका नाम ले, लेकर
आज हमसे रहेकर, आपका धड्कनोका, क्या हुुुवा
आपकी धढ्कन बढगइ सुनो बढाना, माना हे

मिलेहे सालोबाद, लो अब रुठना, मना हे
डरना मना यहाँ, आपका सरमाना मना हे —२
जुदाइका ,कोइ बहाना, बनाना मना हे —२
Genre: Gazal
Theme: Connection || When everthing matter
खन्जर तो था हाथोमे मगर थे नही हम काँतील
दुरिया  जीत्नी बढादे दुनीया हे नही हम तुम्से जुदा
खन्जर तो था हाथोमे मगर थे नही हम काँतील

जिसपलसे तेरी आँखोने दावत दिए हमको —२
जिसपलमे हमने देखाथा पहले तुुझको
जिसपलमे सुनानेको न रहीथी  बात अप्ने —२े
जिसपलसे हमने पूmलोकी तरह सजाया तुझको
तेरी  यादोकी अमानत हे भरि मेरे मनमे

खन्जर तो था हाथोमे  मगर थे नही  हम काँतील
दुरिया  जित्नी बढादे दुनीया हे नही हम तुझसे जुदा

तुुझसे मील्नेकी रोज चाहत हे भरि इस्  दिलमे
वही गलीया वही मन्जिल होकर गुजरतेँहे रात भर
तकलीफ  बढ्ता जा रहाहे  सहारा तेरी बगएर

खामोस साइ हो जबसे होे गया कब्र भी प्यारी —२
देखाहु तेरी कब्रके सामने हे जगा अभी खाली
आरहाहु  तुझसे मील्ने आज करके अप्नी छल्ली —२
लैटारहा हु अमानत तेरी लो समालो इसे अखिरी

खन्जर तो था हाथोमे मगर थे नही हम काँतील
दुरिया जीत्नी बढादे दुनीया हे नही हम तझसे जुदा
खन्जर तो था हाथोमे मगर थे नही हम काँतील ।
Genre: Dark Gazal
Theme: Belonging
पानीमे भिगनेका मजा जाने उसको क्या पता —२
सराबका जलानेका अदा उसको क्या पता
पानीमे भिगनेका मजा जाने उसको क्या  पता
मेहखाना हे ए मेहखाना —२

प्यासेको मेहखानेका दिसा कोइ न बताए
लहेरे पारसे  चाँद दिखा उसको न बताए  
अधेरो बाद साम हुइ  उसको कोइ न बताए
महेखाना हे ए महेखाना —२

पिनेका मजा आकर मुझसे  न पुछो
पानीमे भिगनेका मजा मुझसे न पुछो
कहनेको क्या हे बाकी, अब तुुमभी कुछ कहो
महेखानेमे गिरनेका मजा उसको क्या पत्ता
महेखाना हे ए  महेखाना —२
    
टक्राकर पिनेका आलम, आगया नसा —२
लर खराते घुमनेका सुरु हो  रहा  सिलसिला
पानीमे भिगनेका मजा जाने  उसको क्या पत्ता
सराबका जलानेका अदा उसको क्या पत्ता
महेखानेमे गीरनेका मजा उसको क्या पत्ता
महेखाना हे ए  महेखाना —३
Genre: Romantic Gazal
Theme: Intoxication
सोइ नही हे आँख क्यू तेरी
आँसु गिर रहा हे , क्या कही —२

व तेरा य मेरा फिरसे कौन कहेगा
मीट्टीको कैसे, कहाँ कोइ इन्सान छोडेगा
व पहेली बक्तपे, किसने क्या ले आएँ
मीट्टीही  एक थी जो ए सोच  रहीथी —२
व पीछली बक्तपे किसने सँग क्या ले गएँ
मीट्टीही एक थी जो ए देख रहीथी

सोइ नही  हे आँख क्यू तेरी
आँसु गिर रहा हे क्याँ कही
फूलका वासमे भमरे क्यू डूले
रोसनी वाद ही चाँद फिर क्यू डुले
दर्दसेही आखोँमे आँसुव क्यू  गीरे

सोइ नहीहे आँख क्यू तेरी    
आँसु गिर रहा हे, क्याँ कही
फूलका  वासमे भमरे क्यू भूले
रोशनी बादही चाँद फिर क्यू  डुले
दर्दसेही  आँखमे आँसुव क्यू गिरे

सोइ नही हे आँख क्यू तेरी
आँसु गिर रहा हे क्याँ कही
व तेरा ए मेरा फिरसे कौन कहेगा
लहुके , रंगमे होली फिरसे कौन खेलेगा
दर्देदिल देखकर लोग फिर  क्यू  हसँे

सोइ नही हे आँख क्यू तेरी
सोइ नही हे आँख क्यू तेरी
आँसु गिर  रहा  हे, क्या कही—२
Genre: Observational
Theme: Motherland || Mud || Nature
निला निलासा गगन, निचेह‘े  हरी चौडीया
सामने घनी बस्ती फाँटमे फ्m,ूल पंछिया
हवाभी महेके समल समलके   जुल्फ  लहेराके
अनाज होे भरि खेतोमे, नही कोइ पेट खाली —२

हाथ होगा कामोमे, नही होगा कोइ खाली
परदेशके अप्ने, लौट आएङगे वापस प्यारि  भूमी
होगा फिर खुस्हाली, गाउँमे लौटेगा दिवाली
न रहेगा सिमाए,  न होगा धर्तीके  लकिरँे —२

भाइ भाइ कहेङगे सब , नही कोइ अनोखी आस्थाए
न कहेगा काइ मेरा, न बने कोइ पराया
दर्द तो होगा ही घाँउमे, मगर लगादे मलहम सभी
आसु जब किसिके टप्के दिल रहे सबकी हैरानी —२

अनाज हो भरि खेतोमे नही कोइ पेट खाली
न रहेगा कोइ मेरा न बने कोइ पराया
दर्द तो होगा ही घाउमे, मगर लगादे मलहम सभी —२
Genre: Gazal
Theme: Village Life || Social life
मुझे इन, साँयाका नाम बतादे कोइ
संग रहेताहे , जो मेरे , खुसीमे , और, मुस्किलोमे
साँस  नहीँ, चाल नही, नहीँ, एसा, कोइ, साथी —२
कास कोइ, सिखादे, इसे कुछ, प्यार, भरि बातेँ
सम्झाउँ राम कहानी, तो, व लगे मुस्कुराने —२

साफ हे, दोष नहीँ ,  नही, कोई, उसके सपने
सपनेतो, व देखतेहेँ जिनका होँ पास अप्ने —२

अप्ना नहीँ मे तो क्यूँ रहेताहे इधर उधर
समाजाव, कहीँ विछड जाव नहीँ आँना, फिर दोबारा —२
कास, कोइ सिरवादे, इसे कुछ प्यार भरि बातेँ
सँझाउँ राम कहाँनी, तो, व लगे मुस्कुराने —२

क्यूँ आताहे संग, हरदम, साथ जतानेको मुझसे —२
समाजाव,  कहीँ विछड्जाव, नहीँ आना, फिर दोवारा

सम्झाया उसने,  मेरे पास क्यूँ  रहेताहे साथ साथ
कास, मे भी साया होता, तो रहँु  उसके  पास —२

न काइ उल्झने , न होगी कोइ, दिवारेँ —२
न कोइ चाहत,  न होगी  कोइ मुस्किले —२
न कोइ नाम, न  होगी  काइ, ठिगाने —२
साया बनके समाजाउ,   मे भी, एक बार —२
Genre: Gazal
Theme: Shadow
इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हँे
व उसका हम उसके बाकि सव हमारँे हँे
इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हँे

रातके साथ दिपका, दिनके साथ धुपका ——२
गगनके साथ बरिसका और मिट्टीके साथ पेडका ——२

इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हेँ
व उसका हम उसके, बाकि सब हमारँे हँे
इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हँे

सराबीका साथ मेहकदाका, भमरेका साथ रंगका ——२
हाथका साथ हाथोका और दिलका साथ दिलवालोका ——२

इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हँे
व उसका हम उसके, बाकि सब हामारे हँे ——२
इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हे ——२
Genre: Gazal
Theme: Connection
नसा नही था सराबका , वही अब बना सहारा
सराबी नही मे, पर हु उस् घडीका मारा

दुनीया कहे पागल, कोइ दिवाना
कोही मुह मोडे, कोही रुठ जाए
कोही  देखे घुरके , कोही फिर संझाए
याद नही मुझे बना कैसेमे, सराबी
कास, राहोमे कोइ मुझसे टक्राए —२

रात कट्ती नही, सराब बगयर
साकी मेरे बहुत, लेकिन, सवही सराबी
रंग बिरंगी सराब हे, लेकिन, नसा हे सबका वही
पिकर, पिलाकर आज फिर, एक आगया चेतना
कास, राहोमे कोइ मुझसे टक्राए —२

आजभी पिनाहे बनके सराबी
सुनेगा कोइ फिर, मेरे पुरि कहानी
रंगीन होगा मेहफिल,  झुमे सब सराबी
कम पडेगा आज फिर, महेकदाका पानी
याद नही मुझे बना कैसेमे सराबी
पिकर, पिलाकर आज फिर, एक आगया चेतन

नसा नही था सराबका , वही अब बना सहारा
सराबी नही मे पर हु उस् घडीका मारा —२
Genre: Gazal
Theme: Intoxication
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