Submit your work, meet writers and drop the ads. Become a member
Daivik Apr 28
तू राम हैं,रहीम भी
तू सर्वेंद्र हैं,जग-जुगान्तर का साक्षी।

विधिवत विविधता के वन का तू ही वनरक्षक हैं
लक्ष लक्ष्यों की पूर्ति में तू ही तो सहायक हैं।
अंधकार से प्रकाश तक पहुचने में तू ही सार्थी
दुष्बिचारों के दलदल का विनाशक भी तू ही।

भोला बाबा तू
बिन दोष हैं।

सर्वरक्षक तू
तू सर्वोबड़ी
तू ही तो अपार सुंदरी।

तेरी नीति चमत्कार हैं
तेरे सीख निराकार हैं
तेरी लीला अपरम्पार हैं
सत्य ही तू महान है ।

सरोवर एकांत का तू हैं
वृक्ष दान का तू
गंगा ज्ञान की तू हैं
पर्वत साधना की तू
राजा कुदरत का तू हैं।

न भूखा तू प्रेम का
न भोग का,न योग का
न श्रध्दा का,न भक्ति का
न रस का,न यश का।

तेरे नाम हज़ार
उनपर लिखे गीत लाख
परंतु एक तू
परे वाद के।

तू कौन हैं?
इस प्रश्न के कारण मरे कई
तेरा कोनसा रूप पाक हैं
इस पर लड़े गए युद्ध कई।

तू हैं परे संबंध के,परे आकार के
परे मोह के,परे धर्म के
परे रीति,परे इस विचित्र संस्कृति के
परे समय के,परे सृष्टि।

अनादि तू,अनंत हैं
तू रहा हैं सदैव के लिए
परिवर्तन के परे परे।

तू मन की रचना हैं,तू स्वयंभू
अस्तित्व मैं तू कुच्छ नही,आस्था में सब कुच्छ हैं तू।

तेरा अर्थ क्या
किसे पता
जानना असंभव है ।

तू आशा हैं,
विश्वास हैं।
My first hindi poem I wrote 5 years ago.I am an atheist lol.
Daivik Apr 26
पंख तेरे हैं अग्नि के
ताकत है चट्टान की
अंग तेरे हैं शक्ति के
सपने तेरे अंगार से
क्षीरसागर से बड़ी जिज्ञासा तेरी
इंसान―तू महान हैं।

तू रचना हैं किसीकी
किसीका तू रचयता
समुद्र को हैं थमा सकता
बन तू विजेता ।

तू रुक मत, तू झुक मत
बनाया तूने सब कुछ,
शून्य से अनन्त तक
तू कर्ताधर्ता हैं संसार का,
तू ही तो महामहिम
कर वही जो हैं सही।

तू विराट हैं,तू विशाल हैं
रचता तू इतिहास हैं
मन का मालिक तू,परंतु गुलाम भी
बदलदे वसुंधरा।

तेरे प्रश्नों का हैं अंत नही
उत्तरों से तू संतुष्ट नही
तेरा मोक्ष तुझे खुद पता नही
इंसान―तू महान हैं,
दैत्य से तू बचा रहे।

अपने रचनाओं पे नाज़ कर
हर जीव का तू सम्मान कर
तेरी बनाई इंसानियत का तू मान रख
तू खुद खुदका भगवान बन।

तू खुद खुदका भगवान बन
तू रुक मत, तू झुक मत
कर वही जो हैं सही
क्योंकि
पंख तेरे हैं अग्नि के
ताकत है चट्टान की
अंग तेरे हैं शक्ति के
सपने तेरे अंगार से
क्षीरसागर से बड़ी जिज्ञासा तेरी

इंसान―तू महान हैं
तू बन खुदका विजेता।
Daivik Apr 9
"दो गज की दूरी
रखना हैं ज़रूरी"

"ओ! जा रहे हो रैली में,
तब छूट मिली है  पूरी"

"क्योंकि चुनाव वाले प्रदेशों में
कोरोना को आने की
नही मिली हैं मंज़ूरी"

भारत सरकार द्वारा
जनहित में जारी
If I do something
And reveal it
Won't I lose
All the joy of doing it !!!

हम कुछ करे और जता दे
तोह करने का सारा मज़ा न गवा दे
हर रात अपने साथ एक नई दिन लेकर आति हैं, और हर शाम एक नई सुबह
हर ग़म अपने साथ एक नई खुशी लेकर आति हैं, और हर आँसु मुस्कुराने कि एक नई वजह
हर नींद अपने साथ एक नई ख्वाब लेकर आति हैं, और हर सपना खिलति है एक रोशनि की तरह
मुश्किलों के डर से हम जीना नहीं भूल सकते
क्यूँ की

"इतना बड़ा समुन्दर के अंदर भी एक सुकून होता है
बस ज़िन्दगी जीने के लिए एक जुनून चाहिए होता है"
We can't forget to live in the fear of difficulties because even such a big sea holds great comfort, peace in it and just a passion is needed to move ahead in life...
ज़िदगी में एक बार तो दिल ठूठना ज़रूरी है
ताकि ये पता चले कि उसे किस से बचाना है
पत्थर से ठोकर खाने से हर बार चोट नही लगती
कभी कभी तो खुद को संभालना भी आ जाता है।
It is important to go through a heart-break once in life to know who it should be protected from. Stumbling to a stone doesn't always mean to get hurted, some times it also helps us learn how to handle ourselves...
Ashish Gaur Mar 20
Aajkal Bolna hota hai kuch merko
Par kuch aur hi bol jata hu me
Aajkal hasta sabke saath hu me
Bas tumhare saath hi muskura pata hu me

Aajkal harr raat sone toh jata hu me
Par sapno me tumhari awaz sunke uth jata hu me
Aajkal ek hi gane ko sau baar sunta hu me
Phir kyu tumko soch kar sau gane likh jata hu me

Aajkal hota toh me yehi pe hu
Par kissi aur ke khayalo me doob jata hu me
Aajkal raaste toh bahut leta hu me
Par manzilo me tum tak pahuch jata hu me

Aajkal zindagi lagti hai mere sapno ki tarah
Phir lagta hai galti se uth na jau me khi
Aajkal har pal jeeta hu me zindagi ki tarah
Phir sochta hu ye pal bheet na jae khi

Aajkal sanse tham jaati hai meri
Bas Jab bhi hoti ** tum sath
Aajkal dhadkne dhadkti hai meri
Bas Jab tak tum ** saath
हमारी दोस्ती..
बादल और बारिश कि तरह हैं
हमारी दोस्ती..
सूरज और धूप कि तरह हैं
हमारी दोस्ती..
समुंदर और लेसरों कि तरह हैं
हमारी दोस्ती..
आसमान और पंछियों कि तरह हैं
हमारी दोस्ती
और क्या कहें जनाब....
एक के बिना दूसरा अधूरा हैं
और दोनों एक साथ हो, तो पूरा हैं।
उसके घने ज़ुल्फ़ों से हमे मोहब्बत थी
उसके प्यारे लफ़्ज़ों से हमे मोहब्बत थी
उसके प्यार हमारेलिए इबादत थी
मगर, उसे हमेशा हमसे शिकायत थी
उसके साथ गुज़रे हुए हर लम्हा खुबसूरत थी
उससेे बिछड़ने के बाद उसकी हर याद हमारे आखोँ में बेमौसम बरसात थी।
जिन पलकों ने ख्वाबों की परियो को पनाह दिया था
आज वही सपने टूठकर आंखों में नमी लाने की सज़ा सुनाया हैं।
Next page