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raahii Feb 20
कोई हमें बतलाए कि माजरा क्या है,
जो बीत गया, उस वक़्त का मलाल क्या है।
सुहाना रहा सफर, जो मिले आपसे,
अब बिछड़ रहे हैं हम, तो ग़म क्या है।
The journey was beautiful because of your presence,
Now that we part ways, there’s no sorrow, only gratitude.
raahii Feb 20
बदकिस्मती हमारी, नहीं है एक शहर हमारा,
वरना कर लेते दीदार, रोज़ किसी बहाने से।
Fate has left us without a city to call our own,
Else, I’d find an excuse to see you every day.
raahii Feb 20
खेलने जा रहा हूँ इश्क़ की बाज़ी,
करने वाला हूँ दिल का इज़हार।
उम्मीद है हो जाएगी फ़तह,
हार भी मिले, तो हौसला रहेगा बरक़रार।
Love is a game, and I am ready to confess,
Hoping for victory, yet unwavering even in defeat.
raahii Feb 20
वो सर्द रातें , कड़कड़ाती ठण्ड,
वो धुंद का साया, और ओस मै जमे हम।
याद है अभी भी, जब तुम कसके हाथ पकड़ लेती थी
उन सुर्ख हाथों मै भी जान भर देती थी।
अब वो हाथ किसी और के हाथ मैं हैं
और ये सुर्ख हाथ, लाश सामान से हैं।
The cold winter nights once felt warm in your grasp,
But now, those hands hold someone else, leaving mine lifeless.
raahii Feb 20
अब सब कुछ धुंदला सा दिखता हैं मुझे ,
क्या ये मेरी आँखों पर पर्दा हैं , या उम्र का तकाज़ा हैं।
तेरा चेहरा फिर भी साफ़ दिखता हैं मुझे ,
ये मेरे मन का वहम हैं, या तेरी यादों का साया हैं।
कैसे कटता हैं मेरा दिन , ये सिर्फ मैं ही जानता हूँ ,
या खुदा ये कैसा हाल बनाया है।
Everything appears blurry, whether due to aging or destiny,
Yet your face remains vivid, lingering in my heart like an unshaken memory.
raahii Feb 20
एक ख्वाब हैं, जो मुझे रोज़ सताता हैं ,
जितना भी याद करूँ , सर से निकल जाता हैं।
दिखता हैं सब धुंदला , उस ख्वाब के साये मैं ,
इससे ख्वाब कहूं , या कहूँ मेख़ाब मैं।
अब मेख़ाब से मेरा वो याराना नहीं ,
छोड़ी है वो गालिया , अब वहां जाना नहीं।
वो ख्वाब जो कभी अपना सा लगता था ,
अब पराया सा हैं, पर कभी दिल मैं बसता था।
A dream once close to my heart now feels distant and unclear,
What once felt like home has now become a forgotten path.
raahii Feb 20
बीच रात मैं सताया एक ख्वाब ,
कर गया नींद को पूरा बर्बाद।
अब जाग ही गए तो कैसे सोये ,
करवट बदल - बदल हम बैचैन होये ।
मसनद से कह डाली दिल की बातें ,
मेहबूब मान उसे हम रोते रहे रातें।
उस ख्वाब ने जो दर्द जगाया ,
तन्हाई को और बढ़ाया।
A dream disturbed my sleep, leaving me restless and lost in thought,
Awakening old wounds, it deepened my loneliness through the night.
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