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Megha Thakur Jul 9
थोड़ी अलग सी हैं मेरी कहानी,
कुछ सुनाई हैं तुम्हें,
कुछ बाकी हैं सुनानी।
माना इसका कोई अन्त नहीं फिर भी मुकम्मल हैं मेरी कहानी,
जो जी रहीं हूँ वो मेरी हैं,
और जो भूला दी वो थीं अंजानी।
ना कोई मकसद हैं इसका ना कोई सीख हैं मेरी कहानी,
बस इतना जानती हूँ के कभी बेपरवाह,
तों कभी हैं ये रूहानी।
- मेघा ठाकुर
Megha Thakur Jul 5
ऐ आने वाले पल
कोई तो अच्छी खबर लेकर आ।
बहुत देख लिए दुख सबने,
अब तो थोड़ी खुशी देकर जा।
कब तक मैं आँसु बहाऊंगा,
कब तक इस दर्द को छुपाऊंगा।
एक बार तों मुझ पर रहम तू खा,
या छोड़ तनहा या जिन्दगी से मिलवा।
-Megha Thakur
Megha Thakur Jun 28
याद भी बाकी नहीं,
उस बीते वक्त की जो हमने साथ गुजारे थें।
पर ज़ेहन में आज भी वो पल जिन्दा हैं,
जब तुम हमसे तो जीते, पर हमको हारें थें।
अफसोस नहीं जाने का तुम्हारे,
क्योंकि तुम ना हमारे थें।
गम तों उन बीते लम्हातों का हैं,
जो हमने तुम्हारे साथ गुजारे थें।
-मेघा ठाकुर

— The End —