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Mar 22
आपका  मनमे जो हे आज बताव हमे ——२
सामने हमारीसिवा न होगा कोइ दुसरे ——२

चेहेरा उठाकर अाँख मीलालो आँखसे
न घबराव लो वक्तका सामना करो
आप नजर मोडकर कभीतो हँसा करो ——२
चाहत, ख्वाइस् कभी तो सुनाया करो
मनमे कोइतो राज होगी आपके
हमको कभी अप्ना समझकर् कहाँ करो ——२

आपका मनमे जो हे आज बताव हमे
सामने  हमरीसिवा न होगा कोइ दुसरे

मनमे कोइतो राज होगी आपके
हमको कभी अप्ना समझकर कहा करो
दर्द भरी दिलका कहीँ तो होगी मलहम  ——२
ढुड लाउँ उसे एकवार दिशा दिखादो ——२
साथी हु आपका अबतो दुरि घटादो ——२
एकवार फिर नजर उठाकरके तो देखो ——४
Genre: Romantic Gazal
Theme: Tell Me More
Mystic Ink Plus
Written by
Mystic Ink Plus  M/Nepal
(M/Nepal)   
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