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1h · 58
Fortune
Past has gone
Still in memories
Future is unknown
Still worries
Present is fortune
But we a'nt in tune
That is why
We face ruin
चला जाता है अतीत
यादों में फिर भी बना है रहता
भविष्य का नहीं है पता
फिर भी यह जीने नहीं देता
वर्तमान है जीवन का भाग्य विधाता
इसका उपयोग करना नहीं आता
बिना दृढ़ निश्चय के
संबल इसको बना नहीं पाता
जीवन की इस भूलभुलैया में
इतनी सी बात मैं समझ नहीं पाता।
मशीनी रिश्ते, संस्कार छूटते
शिक्षा दिखती बेरोजगारी बांटते
सोशल मीडिया समय खाते
और नफरत उगलते
प्रेस लगती बिक कर छपते
खेती दिखती लुप्त होते
डांस खाते 'थैक' पर गोते
खेलों को अब सट्टे लीलते
खाने को रसायन मिलते
खबरों में पढ़ने को
'रेप ' के समाचार मिलते
कपड़े आजकल छोटे ही सिलते
फूल अब ज्यादा कृत्रिम ही मिलते
जिम्मेदार दिखते झांसा ही देते
इस कोलाहल में यदि राम होते
ना धनुष ना बाण उठा पाते
देख देख सिर्फ माथा पीटते।
Today is Dussehra,"the festival of the win of truth over evil " in India.
Oct 20 · 308
शेफ (Chef)
सफेद एप्रन पहनते शेफ
सिर पर सफेद 'टोक'
किचन का गर्म माहौल सहकर भी
पूरा करते हमारे खाने के शौक
काट - छांट की अद्भुत कला
सही पकाने की विधि
परोसने की अद्वितीय कला
पैदा करती खाने में प्रीति
ज्यादा कुछ ना सीख पाएं तो भी आज
सीख लो इनसे 'स्वस्थ खाने' की प्रकृति।

स्वस्थ खाने की‌ प्रकृति- Nature of healthy food.
Congratulations to all chefs on international chefs day for their services to the society.
Oct 17 · 111
कूकरी
आज दिवस भला उगा
नवरात्र का आगाज
घर में ब्याई कूकरी
लाई पिल्ला पांच
घर गूंजा किलकारी से
मैं रहा हूं‌ पुस्तक बांच
अब दिन जरूर फिरेंगे
यह बात है बिल्कुल सांच।।
Oct 17 · 172
टीबा
टिबों में रहते - रहते,
अब मैं खुद एक टीबा बना
तुझसे बिछुड़ने के बाद से ,
यह भेद मैंने जाना।
जीवन जटिल से जटिल हुआ
उम्र के हर मुकाम पर
जीवन की साध बढ़ती गई
इसके हर नये आयाम पर
चाहा था संगीत,मिल रहा है क्रंदन
यही है वर्तमान का असली चरित्र चित्रण

संबंधों की पकड़ ज्यों ज्यों ढीली पड़ती
अंदर की छटपटाहट बढ़ती
भावों का उभार आता
त्यों त्यों सहने की ताकत बढ़ती
सत्य स्वीकार नहीं,झूठ का है अभिनंदन
यही है वर्तमान का असली चरित्र चित्रण

प्रश्नों पर मनन नहीं ,उनका करते हैं दमन
उत्तर कहां से पाओगे,जब मन में नहीं चैन
आरोपों की नाव पर कब तक होगी सवारी
एक दिन तो खत्म होगी ये सब‌ खवारी
ये खुराफाते तब तक लील जाएगी जीवन
यही है वर्तमान का असली चरित्र चित्रण
धरती पर रह कर जिसने भेजा
चांद तारों को मिसाइलों का सलाम
ऊंचे से ऊंचे पद, प्रतिष्ठा को पाकर भी
जिसने हर आम और खास के हृदय में
समान रूप से बनाया मुकाम
जाति, धर्म और वर्ण व्यवस्था
इनसे हमेशा ऊपर रखा भारत का मान
ऐसे कलाम को जन्मदिन का सहस्र सलाम
एक बार फिर से भारत भू पर जन्म लेकर
इसको गौरवान्वित करने का आह्वान।।
Rich tributes to Dr APJ Abdul Kalam  on his birthday
जीवन में संयम
कमाई में परिश्रम
आचरण में सच्चाई
संगठन की अच्छाई
जिसको समझ आई
वक्त को उसने
मजबूती दिखाई

दुनिया की चर्चा
फालतू का खर्चा
आचरण में ढिलाई
हिस्सों की बात आई
अब शुरू हुई
प्यार की रुसवाई
वक्त ने उसको
औकात बताई
सहता है जीवन उम्र भर ,बे-खबरी की खामी
कब ली जायेगी,मेरे बारे में फैसलों में, मेरी हामी

मोड़ दिया जब चाहा, मेरा जीवन हर मोड़ पर
हर तरफ संदेह के घेरे अनचाहे मिले
मन को तरसाती रही लेकिन यह इच्छा
मेरे बारे में फैसलों में कभी तो ली जाएगी मेरी हामी

जीवन की हर राह पर मिली है बेबसी
जान कर भी मैं कुछ ना कर सकी
बस इस आशा में कटती रही उम्र मेरी
शायद उम्र के अगले पड़ाव में ली जाएगी
मेरे बारे में फैसलों में मेरी हामी

कहती गई उम्र की ढलती हुई अवस्थाऐं
बाप और पति ना सही, बेटा तो लेगा तेरी सलाहें
लेकिन अब तक नहीं आया ऐसा दिन जिसमें
मेरे बारे में फैसलों में ली हो मेरी हामी

कट ही रही है उम्र मेरी जैसे अब तक कटी
लेकिन अब वक्त आ गया है मैं काट दूं
यह बेबसी की बेड़ियां हमेशा के लिए
मुझे अब स्वयं ही दूर करनी है यह तंत्र की खामी
तब ही मिलेगी मेरे बारे में फैसलों को मेरी हामी
Congratulations on International girl child day. The theme is "My Voice, Our equal future".
Oct 10 · 108
नि:शब्द
कवियों की भी अजीब आदत है
यदि सामने हो मोहब्बत तो
तलाशते हैं उसके लिए उम्दा शब्द
जब मिल जाते हैं शब्द तो
लगते हैं उनको कविता में पिरोने
और हो जाते हैं नि:शब्द
Oct 9 · 230
Louise Gluck
Louise Gluck !
Louise Gluck!
You gave the
new dimensions
to world's
poetic outlook
Hope now world
will be more
attentive to poetry mystic
While poetic community
will write more humanistic
Congratulations to Nobel laureate poetess of  2020 Louise Gluck of USA
लुइस ग्लुक ! लुइस ग्लुक !
कवियों के दिलों में तुने
आज जगा दी नई कुहुक
आशा है कविता में
आपके नोबल से कवियों की
सोच को अब मिलेगा नया रुख
दुनिया होगी काव्य में
और ज्यादा मशरूफ
कवि होंगे कविताओं के भावों
में नवीनता से जागरूक
Congratulations to Nobel laureate poetess of 2020 Louise Gluck of USA
Oct 7 · 1.3k
Politics
May I smoke during prayer ?
Answer is ' No'
This is morality

May I pray during smoking ?
Answer is ' Yes'
This is politics

Knowing the
difference between
the two decides
our life's quality
Oct 4 · 289
तोंद
यह तोंद ही है
जो चेहरे से पहले
नजर आती है
खुराक का मिजाज
बयां कर देती है
एक बार अगर
आ गई तोंद
सौंदर्य को
देती है रोंद
समय रहते
संभालो तोंद
वरना बीमारियां
लगा लेंगी सेंध
वर्षा के बाद
इंद्रधनुष की प्यास
उसके रंगों की तलाश
उनको छूने की आस
यह है अजीब मोह पाश

खूब हैं दोस्त फिर भी
महिला मित्रों की तलाश
उसमें भी कशिश की आस
चेहरे में हो चंद्र कला का आभास
वास भी हो बहुत सुवास
फिर सहवास की तलाश
यह है पतन का पाश

पीने को नीर
और पवित्र क्षीर
फिर भी मय की तलाश
उसमें रंग और फ्लेवर
की नई-नई आस
पीने के बाद डिस्को
पर झूमने की प्यास
यह है कभी ना मिटने
वाली लालसा के पाश
दिल्ली हो या हाथरस
दो हजार बारह हो
या फिर दो हजार बीस
बेटियों के लिए मुफीद नहीं
अब यह अपना देश।

तोड़ना पीड़िता की
रीढ की हड्डी का हाथरस में
भरता है आक्रोश नस नस में
और साबित करता है
रीढ विहीन हो‌‌ गया है
अब यह अपना देश ।

कानून चाहे कुछ भी करे
संस्कारों की भी है दरकार
संस्कारों की ही कमी
धरती है दनुज का भेष
'लानत है' का मतलब
अब कोई समझाता नहीं
माता, पिता‌‌ और गुरु
वाला‌ अब‌ डर रहा नहीं
इसलिए‌ ना शर्म बची है शेष
बेटियों के लिए मुफीद नहीं
अब यह अपना‌ देश
Sep 29 · 82
Heart Says
Thirty minutes laugh
Thirty minutes workout
Make it your
daily routine's part
Carry some hobbies
Drive away worries
Dance without rythm
Laugh without reason
Enjoy sunshine
Have a weekly
party time
This will keep
healty your heart
Practice this
valuable art
तीस मिनट हंसी
तीस मिनट कसरत
ऐसी बना लो
अपनी फितरत
पालिये कोई शौक
ना रहेगा खौफ
थिरकिये बिंदास
हंसिये बेपरवाह
खाइए धूप
रहिये लापरवाह
होगा खून का
पूरा प्रवाह है
हृदय दिवस की
अमूल्य सलाह है
World heart day special
जब सहता है जीवन रिश्तों की धूप
बेटी आती तब बनकर ठंडी बयार

घिर जाये जीवन कभी किसी व्याधि से
हर कोई देखे निराशा, शंका आदि से
धैर्य और मुस्कान से तब भी
काम लेती बेटी रूपी ठंडी बयार

जमाना हर मोड़ पर ढहाता है कहर सा
मुश्किलें खड़ी हैं मुंह बाये डायन सुरसा
लेकर नाम भगवान का तब भी
हिम्मत देती बेटी रुपी‌ ठंडी बयार

कहता है हर रिश्ता बारंबार
आपके जीवन में भी आएगी बहार
पर मैं कहता हूं वो बेटी का उल्लास
ही है मेरे जीवन की ठंडी बयार
#best wishes of daughters day to all HPians.
सजी है चौपड़ आस लगाए
कई धुरंधर अभी ना आए
चीयर्स का समय निकला जाई
शनिवार की संध्या गदरायी

प्याले छलकें छल- छल छल- छल
जिसमें लहरें निर्मल- निर्मल
देख- देख आंखें हरसाई
शनिवार की संध्या गदरायी

एसी की ठंड भी अगन लगाए
क्रिकेट ,सीरियल रास ना आए
आ जाओ अब जूम हताई
शनिवार की संध्या गदरायी

ये नहीं आए ,वो नहीं आए
काश कयामत ही आ जाए
ओ मेरे भाई तेरी दुहाई
शनिवार की संध्या गदरायी
Sep 26 · 91
बाला
वक्त की धारा में
डूबा एक सितारा
चला गया तन
रह गई सुरधारा
सहमा संगीत
हारा वक्त
बाला रहेगा सदा
हमसे अविभक्त
A tribute to SP Balasubramaniam ,the great musician, singer, actor .
RIP
Sep 25 · 58
मधुमास
भोग भोग सब भये उदास
सूंघ सूंघ‌ ना रुकी सुवास
स्वास स्वास बसे है आस
स्वास प्रबंध ही है मधुमास।।
Sep 24 · 60
World of Poetry
World of poetry
Based on imagery
Improved by
art of speakry
Does not need
mamoth dictionary
But words
should carry
some etiquette
necessary
कविता का संसार
कल्पना है
इसका आधार
भंगिमाएं लाती हैं
इसमें निखार
शब्द मिलते
नहीं यहां उधार
शब्द कम हों चाहे
पर होना चाहिए
उनमें भार ।।
Sep 23 · 110
एक कड़ी
एक कड़ी
खुशियों की लड़ी
शिशु ने पकड़ी
किशोर ने छोड़ी
तब से है सबकी
यादों में पड़ी
सतरंगी सी वह
बाल्यावस्था की घड़ी
हिंदी वालों को हिंदी में
अंग्रेजी वालों को अंग्रेजी में
कईयों को टनों में तो
कईयों को किलो में
यों ही लूटाते जायें
सदाचार की खूशबू‌
इस जहां में
शायरी तो इसलिए
करते हैं‌ कि खोज
सकें कोई रहबर इस
जीवन जंग-ए-मैदान में
चेहरा देखूं तो
लगे गुलाब
आंखें देखूं‌
तो जादू
दांत देखूं तो
लगे रत्नावली
ओंठ देखूं
तो शोले
इश्क‌ वो
बिमारी है
जहां‌ मस्तिष्क
कुछ ना बोले।।
Sep 20 · 126
Truth of desires
The desires suppressed
Will leave you depressed
in this world and haunted
in the another world.
दोस्त भी आजकल
दारू की तरह हो गए
चांदनी में हसीन
सपने बेचते
धूप में बोली से
खजाने भरते
जो वक्त ना समझे
उसके हिस्से में
"माफी" आए
सुनकर इसको
कोई क्यों चकराए।।
Sep 20 · 114
शायरी
यह इश्कबाजी ही है
शायरी की हवा ताजी
यह दर्द तो यूं ही बदनाम है
और मय को शामिल
करना एक लफ्फाजी
Sep 19 · 115
बुढ़ापा
बुढ़ापा नहीं यह है उम्र सुनहरी
थोड़ा सा अपनापन दो और
देखो यह  सयानेपन की ढेरी ।।
Sep 19 · 24
Ahoy matey
Ahoy!
My poem is
a' article today
Avast ye!
My ***** is
full of poems
Today I'm
One day cap'n
I'm firing
in the hole
No prey No pay
No quarter given
Yo- **- **
September 19 is talk like a pirate day. Read , enjoy and keep on wondering HPians.
आज के जमाने में
लोग स्वार्थ से जुड़ते हैं
परमार्थ के नाम से
दूर भागते हैं
पर मानवता कि नींव
परमार्थ पर टिकी है
शायद इसीलिए जीवन की
रंगत बहुत फीकी है।।
तू होती डायरी
मैं होता अल्फाज
तू खुलती
मैं लिखा जाता
होता लेखन
पर नाज
ना दूर होने
का डर होता
साथ- साथ ही
देते हसीन ख्वाबों
को परवाज
अगर होती ह्रदय की पीड़ा
मैं करती शब्दों से क्रीड़ा
लिख लेती एक कविता
पठन करती बन एक सरिता
पर आज है श्रृंगार की पीड़ा
चमक रही हूं जैसे अग्न जखीरा
कहीं‌ से आये मेरा पतंगा
समा मुझमें भये‌ अंतरंगा।।
Sep 16 · 289
Problems of life
The problems of life
are necessary for
the new dimensions to life
These are the basic
diet of thinking about
opportunities and
innovations in life
Don't ever be worried
about these
These are our requirements

The problems of life
don't let us sleep
Still show new dreams
Either take directly to
the destination
Or change the
way to destination
In either case they
get us to a conclusion
These are our
exercise books
Which promote
our life's looks

ये जिंदगी की समस्याएं
जीवन की गति का आधार हैं
सोच का बुनियादी आहार हैं
अवसर ढूंढने का नवाचार हैं
ना इनसे कभी घबराना
              ये हैं हमारी आवश्यकताएं
              ये जिंदगी की समस्याएं
माना ये ना सोने देती
फिर भी नए-नए सपने दिखाती
या सीधे ही गंतव्य पहुंचाती
नहीं तो फिर मंजिल ही बदल देती
किसी निष्कर्ष पर जरूर पहुंचाती
               ये हैं हमारी अभ्यास पुस्तिकाएं
‌               ये जिंदगी की समस्याएं
Sep 15 · 75
अभियंता
एक अभियंता
होता है ऐसा
सृजनशील
मानव
जो पृथ्वी के
खजाने से
खनिज लेकर
बना सकता है
देव और दानव।।
हिंदी करती संस्कृति को आलोकित
लिखो, पढ़ो और हो जाओ रोमांचित
अंतरा-अंतरा बसे मिठास
समास-समास शब्द विलोप
छंद- छंद है श्रुति मूलक
अलंकार -अलंकार सौंदर्यपरक
जानो भेद करो विश्व व्यापित
लिखो,पढ़ो और हो जाओ रोमांचित
मुहावरा-मुहावरा गुणों की खान
रस - रस बोले व्यक्तित्व महान
श्लोक - श्लोक स्वास्थ्य
यह है संपूर्ण जीवन पथ्य
लेकर खुराक करो जीवन आनंदित
लिखो, पढ़ो और हो जाओ रोमांचित
जिसने किया इसमें काम
उसका बना अलग मुकाम
बच्चन,नीरज या प्रेमचंद नाम
ये काल को दे गए पैगाम
हिंद है हिंदी का मुल्क
बोलो हिंदी होकर दत्तचित
पढ़ो, लिखो और हो जाओ रोमांचित
# Hindi Diwas: 14th September
कुछ तारीखें नहीं बदलती हैं
वो जिंदगी भर ठहर जाती हैं
       क्योंकि
       मंजिल के बिना
       रास्ते नहीं होते
       हमदम के बिना
       कैलेंडर नहीं बदलते
कुछ लोग स्मृति से नहीं जाते हैं
वो अदृश्य होकर ज्यादा सिखाते हैं
       क्योंकि
       अब वे एहसास
       नहीं दिलाते
       बल्कि घट में
       ही वास करते
अब बारह सितंबर कभी नहीं बदलता है
यह हर पल सामने ही रहता है
       क्योंकि
       अब फूलों में ना
       सुगंध महसूस होती
       रंगों में ना
       उमंग दिखाई देती
ऐसे जीवन में भी तुम्हारी यादें मुस्काना नहीं भूलने देती हैं
और तुम्हारे आदर्शों की ज्योति जीने की राह दिखाती हैं।
हमारे शब्द
हमारी छाया हैं
हमारे आचरण
हमारी काया हैं
बस इतनी सी
अभिव्यक्ति की
माया है।।
दुनिया में रहते हैं
दुनिया वाले फिर भी
यह कहते हैं
लालसाओं के पीछे
भागने से
कमर झुक जाती है
जिस्म बूढ़ा हो जाता है
बाल पक जाते हैं
झुरिया इनाम में
मिलती हैं
तो फिर पशु
जिनकी कोई लालसा
नहीं होती है वो
क्यों नहीं समय के
प्रहार से बच पाते हैं
सच तो यह है
कि इस प्रकृति में
हम तब तक ही
सामयिक है जब तक
हम इसमें
रोज कुछ नया
करने की लालसा
मन में रखते हैं
यह जीवन पर्यंत
बनी रहनी चाहिए
यही सकारात्मकता
भी कहलाती है।
I know the world
because I know my
dignity and rights
through the window
of knowledge
Which opens only
by reading ...
Reading is thinking
Writing is speaking
with ink
Both of them take
me to my home
which are books..
Without knowledge
everybody hooks
Therefore give a
gift of literacy
to someone for
improving one's
world looks.
8th September is international literacy day . Literacy is a means to know our dignity and rights.
I am contributing a my bit through inking a poem.
जैसी आए
उसी में मौज मनाएं
यह जिंदगी है
इससे ना कतराएं
लालसाओं को
सीमा में बांधे
नेकी से
कर्तव्य साधें
Laziness and laxity
are a grave for
for a living person
where no body
offers floral tribute
and no body is
willing to contribute
जिंदगी एक किताब है
पढ़ाने जिसको शिक्षक आते अनेक
मां,बहन, बीवी और बेटी जैसा
उनमें से होता ना एक
ममता,स्नेह,प्यार और आदर
देने में करती हैं ये अतिरेक
पर स्वाध्याय ही अंतिम विकल्प है
अगर करवाना है अभिषेक।।
It is teachers day in India today.
Feeling blessed having teacher like Sh. jamanadharji kala at upper primary level . I owe a lot to him. Sadar naman.
आधुनिकता ने हमको
कहां से कहां पहुंचाया
       अब उषा दस्तक देती नहीं
       अलार्म से उठते हैं
       संध्या में ईश्वर स्तुति
       के बजाय कई सवाल
       लेकर सोते हैं
       जो नींद की मधुरता में
       विष घोलते हैं
इस बेबस जीवन में
कोई रस नहीं पाया
       कभी मौसम देखा नहीं
       मात्र समाचारों में सुना
       ख्वाबों को जिया नहीं
       बस नित एक नया बुना
       आराम के नाम पर कभी
       बस बीमारी को भुनाया
इतना होने पर भी इस जीवन क्रम
का कभी मंथन नहीं कर पाया
       कितनी ही बार अपनों की
       यादों में लिपटा
       हर बार किसी मजबूरी ने
       मारा मुझ पर झपटा
होटों तक आते-आते
दर्द फिर से हार गया।।
नशा कहां पीने में है
मयखाने तो नैनों में है
मस्ती तो‌ सीने में है
तपिश याद‌‌ संजोने में है
मुंह से कह‌ देने से तो बस
पल-छिन पल- छिन
कट जाती है
पर वह बात कहां होती है
जो‌ बिन‌‌ कहे‌ हो जाती है।।
सबसे बड़े दीन हैं वो जो
- कमाते हैं पर वक्त पर उनको रोटी नहीं
- परिवार वाले हैं पर वे सुनते नहीं
- रात में भी सो सकते नहीं
- सच्चे हैं पर उनकी कोई सुनता नहीं
सबसे बड़े धनवान वो हैं जो
- रोटी के लिए ही कमाते हैं
- परिवार के संग जीवन बिताते हैं
- स्वाभाविक गहरी नींद सोते हैं
- सांच झूठ से इत्तर व्यवहारिक होते हैं
Lessons of life
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