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देखने को नज़ारे दुनिया में
होंगे बहुत हसीं
रहने को सबसे अच्छी
पूर्वजों की सरजमीं।
जीती लंका राम छोड़कर
वापस लौट आये अयोध्या
तो पूजे जाते हर‌ घर
जो‌ जीतकर बसे परायी जमीं
चर्चित उनके महल, मकबरे
पर‌ झुकता नहीं शीश उस दर।।
4d · 94
चाय
लोग कहते हैं
आज चाय दिवस
ऐसा दिवस तो बताओ
जो बिना चाय हो।
चाय को एक दिन की बता
मेरी तोहीन ना करो
मैं मानव जीवन की
सर्वमान्य मनुहार हूं।
आम और खास
सब समान रूप से
मेरे तलबगार हैं।
गरीब पतीले में उबालता
और मीठे के लालच में पीता
अमीर गर्म पानी में कप में
बिना चीनी डिप-डिप करता
कितना‌ ही पेंतरा बदलो
पीने के लिए सिप- सिप
करवाकर सबको बराबरी
का आभास कराती हूं।
जब तक रौनक है विचारों में
ढालते रहिये इन्हें तहरीरों में
जिंदगी जिंदादिली का नाम है
मत सोचिए लिखा क्या है
हाथ की‌ लकीरों में।।
आंखों से जाम लिया
होठों पर थाम लिया
उसने फोन काट‌ दिया
ये कैसा‌ सितम किया ?
सपने नहीं पूरे हुए
अधूरे भी कैसे कहें?
उसने तो मुझे पढ़ लिया
मैं  ही असफल रहा।।
May 18 · 88
Love
Love starts with silence
Persists with surveillance
And ends with violence .
ये फूल नहीं तेरा अक्ष हैं
घर से बाहर तेरा कक्ष हैं
हर ओर तेरी अनुभूति इनका लक्ष्य है
प्यार अपना अक्षय‌ है।।
चांद सी महबूबा पाने के लिए
रात्रि जैसा विशाल और शांत जिगर चाहिए
क्योंकि महबूबा के अंदाज भी चन्द्रकलाओं
की भांति ही बदलते रहते हैं।।
May 15 · 44
हकीकत
आंख मिल जाने से
कोई मिल नहीं जाता
हां शायर जरूर बना देता
शायरी लिखते-लिखते
जब कभी दीदार हो जाता
लफ्ज़ इतने जहन में बैठ जाते
कि हकीकत हजम‌ नही होता।।
May 14 · 84
कश्ती
कश्ती चलते - चलते मैली हुई
सोचा किनारों से पूछें कोई हल
देखा किनारों का जब हाल
पाया खुद को इनसे खुशहाल सूरत-ए-हाल।।
May 12 · 21
मां
तेरी‌ निशानियां नहीं
ये तेरी कुर्बानियां हैं
जीवन के संघर्षों में
मुझ पे मेहरबानियां हैं।।
May 11 · 93
यारी
यारी वह आरी‌ है
जो‌ बड़ी से बड़ी दु:ख
की रात काट सकती है
जुल्फ वो घटाएं हैं
जो बिन बरसे ही
लताओं का आभास
करा सकती हैं।।
May 10 · 42
आखातीज
म्हारी आखातीज
घी‌-खीचड़े रो भोग
जे सागै खाटो मिलज्या
रैवां बारों मिनहां निरोग।
खेत में सोनचिड़ी दिखज्या
फोगड़ां गां सीटा
रामजी छांट करदे
सुगन मानां मोटा।
के तो घरै बीनणी आसी
के भरसी कोठ्या मोटा
बारों मिनहां धीणो रैसी
पीसां रो नीं होसी टोटा।।
May 10 · 45
तन्हाई
मत तन्हाई की बात करो
जरा इस पर‌ भी गौर करो
मयखानो ने बोलने की आजादी दी
आंखें मिलीं तो खामोश हो गया।।
May 9 · 133
लिबास
तुलना ना करना कभी
मेरे लिबास के शौक की
मेरे कफ़न से
लिबास मैं  खुद तय करता हूं
कफ़न मेरा दूसरे तय करेंगे।।
May 8 · 30
फिसलना
लोग फिसलते उम्र के हर मोड़ पर हैं
रफ्तार फिसलने की उम्र बढने
पर थोड़ी कम  हो जाती है
दिमाग लगाने को थोड़ा वक्त मिल जाता है।।
May 7 · 118
प्यास
नदियां ही ठीक रही हैं
हर दौर में मानव जीवन के लिए
मर्यादाएं तय कर सकें तो
बेहतर है प्यास से निपटने के लिए
समुद्र तो खारे होते हैं
मर्यादा का पैगाम जरूर देते हैं।।
May 5 · 127
सेवियां
मैदे से बनी
घी में भूनी
दूध में पकाई
जोड़ दी चीनी
किशमिश से
रसीली बनी
खायी मैंने
तेरे मुंह पानी ।।
May 5 · 44
राधा
तारे हैं पूरे, चांद है आधा
उल्लू की आवाजें नींद में बाधा
छत पर ना सोना अकेले
यदि साथ ना हो अपनी राधा।।
May 4 · 154
धुंध
जिंदगी रोज देती नये गंतव्य
कभी प्यारी लालिमा, कभी कुंद सी धुंध
चलो लिखना आये ना आये
हम भी चलायें शब्द बाण अंधाधुंध।।
कुछ लोगों से यह नहीं पूछा जाता कैसे हो
उनसे मन ही मन पूछा जाता है क्यों हो?
फिर मन ही जवाब दे देता है
जैसे बालों में जुएं, वैसे ही ये मुएं।।
May 1 · 89
सफर
चलते तो सभी हैं
कुछ पैरों के निशान छोड़ जाते हैं
कुछ रास्ते ही अलग बना जाते हैं
बाकी बचे हुए तो चलते हुए
इनकी चर्चा करते रहते हैं।।
ये उषा की किरणें
ये शीतल हवाएं
यह सूना आकाश
सब मुझे बहकायें
यह चाय का कप
जिसका रंग सुनहरा
अब आ जाओ तुम
थोड़ी आंखों से पिलायें
कहीं यह चाय बन दर्द
प्रकट ना हो जाये
आंखों अश्क पहरा।।
Apr 29 · 46
चांद
तू चांद‌ है हसीन रातों का
तेरी चांदनी ढक जाती
जब चढ़ता नशा मेरी बातों का
मैं शीशा तेरे जज़्बातों का
खोलता भेद तेरी अदाओं का।।
Apr 28 · 119
विश्राम
बादलों का ख्याल अच्छा है
गर्मी सहन कर जाने को
तुम भी आ जाया करो कभी ख्यालों में
इस तन्हा सफर में विश्राम देने को।।
मौसम का पूर्वानुमान लगाने वालों
कभी प्यार का पूर्वानुमान भी लगाया करो
बादल तुम्हें जो‌ सफेद दिखते होंगे
गुलाबी ही‌ गुलाबी नजर आयेंगे।।
Apr 25 · 53
Mountains
Mountains are heaven for the summer
Sun on face and clouds on shoulders
Really a beauty for the beholders.
Apr 22 · 156
कोटा शहर
जहां तक दृष्टि जाती
वहां तक दिखता कोटा
उसके आगे बादल से लटका
दिखता फिर भी कोटा।
सुनहरी आकाश की उपमा
शायद धारण कर ली कोटा
पढ़ने आते बच्चे यहां
पाल सुनहरी सपना मोटा।
डोरिया की साड़ी प्रसिद्ध
गहनों का रुतबा ऊंचा
सात अजूबों की नकल
बात कहती कूंचा-कूंचा।
रिवर फ्रंट ने चमक बढ़ाई
चंबल हो गई स्थल सुहानी
बीचोंबीच शहर से गुजरती
लगती सौन्दर्य की रानी।।
Apr 21 · 105
Parallel lines
Love is like two parallel lines
When they are separate it exists
When they combine it is felt
but neither seen & nor expressed.
यों तो चराग-ए-जहां
कई हैं यहां
रोशन दिल को करता
चराग-ए-मकां।।
Apr 13 · 116
जाट
जाट का‌ नाम जूनून है
जूनून जीना ही कानून ‌है।
Apr 11 · 34
Flashback
Some pictures take to the flashback
Apr 10 · 31
Fragrance
Time is more fragrant than flowers.
अजीब इत्तेफाक है
बांटने से‌ खुशियां बढ़ती हैं
दर्द कम होता‌ है
दिल इसलिए ही
एक हमदर्द चाहता है।।
होली आती रंग लाती
और मस्ती भरी मसखरी
दबी इच्छाएं प्रकट होतीं
बन व्यंग्य की फूलझड़ी
पीने के शौकीन झूमते
इस मद्धम सर्दी रसभरी
फूलों पर गुनगुनाते भौंरे
लगते शबाब पर डालते डोरे
ऐसे मनभावन मौसम में
साठ वाले भी बनें छिछोरे।।
Mar 16 · 20
रणभेरी
चलो चुनावों की आज
बज गयी रणभेरी है
ना तेरी ना मेरी चलेगी
अब जनता की बारी है
पापड़ जैसे हल्की-हल्की
सिकती जनता हर दिन है
चुनावों में वह बनके लावा
हर पत्थर पिघला सकती है
भावनाओं के दोहन के
नीचे हर बार दब जाती हैं
देखो आजादी‌ के पिचहतरे
अब क्या गुल खिलाती है।।
आज फिर दिल उदास है
लगता है तू मेरे पास है
फ़ैसला कोई अहम होगा
ऐसा हो‌ रहा आभास है।

ख्वाहिशों को लगी हैं सीढियां
बस तेरा ही‌ इंतजार है
कमियां जो कभी कचोटती थी
आज खड़ी बनकर कसूरवार हैं।

दीदार तेरा इतना अनोखा है
हर वस्तु में जैसे तू सुमार है
इल्तिज़ा बस इतनी सी है
मोती बन आंखों ना उतर जाना
आज होनी दृश्यों की भरमार है।
नारी तेरे तीन रूप
मां , बेटी और संगिनी
समर्पण,संवेदनशील
हर कला का स्रोत
परिस्थिति के अनुसार
भावों से ओतप्रोत
तुझसे ही है यह दुनियां
नित - नित नमन‌ है
तुझे जग जननी।।
Mar 6 · 108
इरादा
इरादा जब पक्का हो
तो मिल ही जाता है हमदम
चेहरे की रंगत बदल जाती है
ख्वाब बदल लेते हैं हम।।
यह इश्क नहीं आसान
पहले देख- देख मुस्काना
फिर मिलने का ढूंढो बहाना
मिलो तो तारीफों का उलाहना
"झूठे - झूठे बार -बार सुनना"
बिन तारीफ तो पास क्या जाना
कभी गर्दन सुराहीदार बताना
कभी कमर का बल खाना
कानों के झूमके झूले
उनमें खुद को स्पर्श करते देखना
सब ठीक-ठाक हो तो शादी होना
उम्र भर उसका कुत्ता घुमाना
बाजार जाओ तो चुपचाप बैठे रहना
पर्स खाली होते देखना
फिर बैग उठा-उठा गाड़ी में रखना
घर आकर बच्चे कहें
पापा आपकी पसंद खराब ,मम्मी सब जानती है
अगली बार आप तो गाड़ी में ही रहना।।
        😀😀😀😀😀
Mar 3 · 44
शादियां
कुछ शादियां शक्ल देख
कुछ होती देखकर दौलत
इश्क होता आंखें पढ़कर
शब्दों की ना मोहलत।।
आ गया फाल्गुन
लेकर मस्ती के दिन
पेड़ों पर कौंपल देख
मुस्काये मेरा मन।
मधु के प्याले छलकें आंखों
देख गौरियों का तन
गींदड़ , डांडिया खेलकर
पाऊं उनका संग।
मेरा रोमांस फैल रहा
ज्यों बारहसिंगा के सींग
कचनार सी गोरियां
सोच-समझ बढाइयो प्यार की पींग।।
Mar 2 · 56
क़फ़स
यह जिस्म मेरा बन गया है मेरा ही क़फ़स
कानों गुंजें तेरे लफ्ज़, आंखों में तेरा अक्स।।
Mar 2 · 101
हमजोली
मैं दिल का राजा
तू देशी गर्ल
तू मेरी शहजादी
मैं तेरा फकीर
तू भरती प्यार से झोली
जीवन लगता आंख मिचौली
हर राह की तू हमजोली।

हर सपना बना हकीकत
मैंने माना‌ तुझे मल्कियत
तूने समझाई असलियत
आती गई हर सलाहियत
जीवन नैया जब भी डोली
चिंता नहीं रही जबसे है
हर राह की तू हमजोली।।
Feb 27 · 104
समां
तू ने जो बुना था समां
मिटा ना सका यह जहां ।।
@20 year old cream color baggie woven by my love
बिजली - पानी का मेल
कुछ तकनीक का खेल
खेजड़ियां पतझड़ डूबीं
सरसों रही इतराय।।
Feb 18 · 133
कैमरा
जब कैमरे को साक्षी बनाया
मुझको तेज ने फिर जगाया ।।
Feb 15 · 84
तस्वीर
लाख कोशिश करूं उसे भूलाने की
आज तक ऐसा कोई रंग नहीं मिला
जो सलाहियत रखता हो
आंखों से तस्वीर उसकी मिटाने की।।
प्यार वह अहसास है
जिसमें समुद्र की लहरें
आकाश की हवाएं
एक चेहरे में समा जाएं
पत्थर पर बैठ कर भी
रंगत फूलों की पाएं।।
चूमो धरती गर्व से
या फिर मां के पांव
हर खुशी और दर्द में
मिलेगी ठंडी छांव
यह एक दिन का फ़ूहड़पन है
सच्चा प्यार तो पर्दे मांय।।
Feb 12 · 158
जज़्बात
किसने जाना उम्र हो रही तमाम
बांट लो जज़्बात जब हमदर्द मिले।।
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