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मशीनी रिश्ते, संस्कार छूटते
शिक्षा दिखती बेरोजगारी बांटते
सोशल मीडिया समय खाते
और नफरत उगलते
प्रेस लगती बिक कर छपते
खेती दिखती लुप्त होते
डांस खाते 'थैक' पर गोते
खेलों को अब सट्टे लीलते
खाने को रसायन मिलते
खबरों में पढ़ने को
'रेप ' के समाचार मिलते
कपड़े आजकल छोटे ही सिलते
फूल अब ज्यादा कृत्रिम ही मिलते
जिम्मेदार दिखते झांसा ही देते
इस कोलाहल में यदि राम होते
ना धनुष ना बाण उठा पाते
देख देख सिर्फ माथा पीटते।
Today is Dussehra,"the festival of the win of truth over evil " in India.
सफेद एप्रन पहनते शेफ
सिर पर सफेद 'टोक'
किचन का गर्म माहौल सहकर भी
पूरा करते हमारे खाने के शौक
काट - छांट की अद्भुत कला
सही पकाने की विधि
परोसने की अद्वितीय कला
पैदा करती खाने में प्रीति
ज्यादा कुछ ना सीख पाएं तो भी आज
सीख लो इनसे 'स्वस्थ खाने' की प्रकृति।

स्वस्थ खाने की‌ प्रकृति- Nature of healthy food.
Congratulations to all chefs on international chefs day for their services to the society.
आज दिवस भला उगा
नवरात्र का आगाज
घर में ब्याई कूकरी
लाई पिल्ला पांच
घर गूंजा किलकारी से
मैं रहा हूं‌ पुस्तक बांच
अब दिन जरूर फिरेंगे
यह बात है बिल्कुल सांच।।
टिबों में रहते - रहते,
अब मैं खुद एक टीबा बना
तुझसे बिछुड़ने के बाद से ,
यह भेद मैंने जाना।
जीवन जटिल से जटिल हुआ
उम्र के हर मुकाम पर
जीवन की साध बढ़ती गई
इसके हर नये आयाम पर
चाहा था संगीत,मिल रहा है क्रंदन
यही है वर्तमान का असली चरित्र चित्रण

संबंधों की पकड़ ज्यों ज्यों ढीली पड़ती
अंदर की छटपटाहट बढ़ती
भावों का उभार आता
त्यों त्यों सहने की ताकत बढ़ती
सत्य स्वीकार नहीं,झूठ का है अभिनंदन
यही है वर्तमान का असली चरित्र चित्रण

प्रश्नों पर मनन नहीं ,उनका करते हैं दमन
उत्तर कहां से पाओगे,जब मन में नहीं चैन
आरोपों की नाव पर कब तक होगी सवारी
एक दिन तो खत्म होगी ये सब‌ खवारी
ये खुराफाते तब तक लील जाएगी जीवन
यही है वर्तमान का असली चरित्र चित्रण
धरती पर रह कर जिसने भेजा
चांद तारों को मिसाइलों का सलाम
ऊंचे से ऊंचे पद, प्रतिष्ठा को पाकर भी
जिसने हर आम और खास के हृदय में
समान रूप से बनाया मुकाम
जाति, धर्म और वर्ण व्यवस्था
इनसे हमेशा ऊपर रखा भारत का मान
ऐसे कलाम को जन्मदिन का सहस्र सलाम
एक बार फिर से भारत भू पर जन्म लेकर
इसको गौरवान्वित करने का आह्वान।।
Rich tributes to Dr APJ Abdul Kalam  on his birthday
जीवन में संयम
कमाई में परिश्रम
आचरण में सच्चाई
संगठन की अच्छाई
जिसको समझ आई
वक्त को उसने
मजबूती दिखाई

दुनिया की चर्चा
फालतू का खर्चा
आचरण में ढिलाई
हिस्सों की बात आई
अब शुरू हुई
प्यार की रुसवाई
वक्त ने उसको
औकात बताई
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