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Godawan 1d
आज मैंने वक्त का इशारा समझा
और कूलर साफ किया
कूलर के भी हत्थे मेरे हाथ में आए
दर्द उसने भी अपना साझा किया
बोला चलता हूं इसलिए कि
डर है मेरी जगह कोई ऐ .सी. ना ले ले
वरना शरीर मेरा जर्जर है
तू अपनी भी टोह ले ले
बड़बड़ करता हूं ताकि तू ना भूले
तेरे बच्चे तो हैं हम हैं बिल्कुल अकेले

पानी का नमक पी-पीकर
हो गए शरीर में दुनिया भर के छेद
हो सका तो करूंगा फिर सेवा
वरना होगा मेरा यह आखिरी खेद
देख रहा हूं तू भी मेरी तरह
डरता है चलने से
इसीलिए तो कतराता है
दोस्तों की महफिल में जाने से
कुछ दोस्त अभी भी ना वाकिफ होंगे
उम्र की हकीकत से
पर तुम घुल मिल लेना समय रहते
समय को कहां मतलब है तुम्हारी अकीदत से।
Godawan 1d
Every house has a chef
The health of the house is by its chef
The house whose chef is sensible
That house is the most happy & beautiful.
Godawan 1d
हर घर में एक शेफ है
शेफ ही घर की सेहत है
जिस घर की शेफ संजीदा है
वह घर सबसे अलहदा है।
A chef
Godawan Oct 11
समय कब रुका है
बस यह अपने निशान छोड़ता है
कभी अनुकूल तो कभी प्रतिकूल होता है
अनुकूल की चाहत
प्रतिकूल का तिरस्कार
हमें जीवन में कष्ट का आभास देता है
जिसने मिटा दिया अनुकूल- प्रतिकूल का फासला
उसको फिर नहीं रहता समय से कोई गिला।

समय गांधी, समय ही लिंकन
समय टैगोर, समय ही सेक्स्पीयर
समय ज्ञान, समय ही विज्ञान
समय रंक, समय ही राजा
समय मौन,‌ समय ही आवाज
समय के बिना कहां परवाज।

समय ना किसी के बस में
बस इसके अलग-अलग दौर की
अलग अलग होती है रस्में
समझी जिसने समय की चाल
उसके निशान बनेंगे मिसाल
करो समय की उचित पहचान
बनाओ खुश अपना जहान
वरना हिरोशिमा और नागासाकी
भी तो हैं समय के ही निशान।
Godawan Oct 4
ओ मेरे बचपन के शहर
तू रहा मेरा जवानी का घर
तेरी सर्पिली स्टेशन रोड
जो अभी बता देगी
कितना मैं जीवन में चला पैदल
और कितना था मेरा बाल स्वावलंबन
इस रोड़ पर आगे कितना सुंदर
रामचंद्र गनेड़ीवाला मंदिर
जिसकी संगमरमर की जड़ाई
मेरे बाल मन को सदा ही भायी
इसका‌ प्यारा पादप उद्यान
देता पर्यावरण का विशेष भान
हवाओं फिर से दो एक ऐसा झोंका
जिससे मिल जाये एक महक का मौका।

चोपड़ आकृति पर बसा यह शहर
जिसके हर छोर पर सैलानी स्थल
उत्तर में विशाल रामचंद्र पार्क
जिससे सटी हनुमान व्यामशाला
कभी होता था यहां अखाड़ा निराला
पश्चिम में हनुमान पार्क
जिसमें तरणताल विशाल
दक्षिण में मंदिर गनेड़ीवाला
संगमरमर जड़ाई की अद्भुत कला
पूर्व में मेहंदीपुर बालाजी
जिसके महंत हैं लालजी
मध्य में सफेद घंटाघर
सेठ हरदेव दास जालान वाला
जिसमें गोल वाचनालय निराला
ऐसा मेरा शहर है बचपन वाला।

बिजली का यह बड़ा ठिकाना
33kv से 400kv तक का ग्रिड
हर किसी के लिए ना‌ अंजाना
टावर ज्यादा‌ आबादी कम
रोशनी की प्यारी चमाचम
बिजली के हर ऑफिस में
गलाई थी मैंने अपनी जवानी
खोई खोई सी परेशान
किसी भी फाइल पर
आज भी लिखावट में मिल जायेगी‌
मेरे व्यक्तित्व की निशानी।

रघुनाथ विधालय का विशाल दालान
ज्ञान का तीर्थ जिसके मुंहाने पाया मान
इसकी डेस्कों पर आज भी चिपकी होगी रूह मेरी
पढ रही होगी कोई उम्दा तहरीर
आज भी इसके किसी रजिस्टर के खानों में
होगी मेरे नाम की कोई पुरातन सी लकीर
शहर का 'सूर्य' सिनेमा हाल बतायेगा
कितनी बार मैंने थर्ड में बैठकर देखी फिल्म
और हॉस्टल से बाहर रहने का किया था जुल्म।

संतों में संत तो विश्वनाथ
जिस की बगीची अग्नि कोण
की जिसने नि:स्वार्थ उनकी सेवा
उसने जाना मानवता का दृष्टिकोण
विद्वानो की खान यह‌ शहर
जहां जन्में 'कल्याण' संस्थापक
भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार
किशोर कल्पना कांत और सूर्य शंकर
सरीखे राजस्थानी के रहे यहां धुरंधर
परमहंस के धोरे पर
अक्ष है इसके वजूद का
जाओ वहां तो पाओगे
संबंध है कोई सदियों का

परोपकारिकता की अद्भुत मिशाल
यहां के जालान,भुवालका सरीखे नाम
स्कूल, कालेज और चिकित्सालय
सब इनके हैं नि:स्वार्थ काम
धर्मशालाएं , पुस्तकालय और
बस स्टैंड जैसे हों देवालय कोई सुन्दर
मलाई वाला‌ दूध यहां मिलता था कभी निरंतर।

संस्कृत,संस्कृति और आयुर्वेद का संगम
हवेलियों के‌ अद्भुत चित्र हैं नयनाभिराम
श्याम मंदिर चोबीस घंटे रटा जाये राम
जो दिलाये इसको दूसरा‌ काशी‌ नाम।।
Godawan Oct 4
Natural law of Justice
Cause invites decision
Law of politics
Decision invites cause
Law of happy married life
Avoid decision, fulfill cause
Law of religion
No cause, no decision
Everything is a false perception
Law of poetry
Go through every cause & every decision
Present them into words as a fiction
With quite precision.
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