मज़हब सभी प्यार का सबक़ पढ़ाते हैं,
पर प्यार को किसी मज़हब की हद नहीं।
दिल की ज़ुबां को कौन क़ैद कर सके,
इश्क़ के रास्तों में सरहद नहीं।
Dec 25, 2024
Dec 25, 2024 at 11:01 AM UTC
मज़हब सभी प्यार का सबक़ पढ़ाते हैं,
पर प्यार को किसी मज़हब की हद नहीं।
दिल की ज़ुबां को कौन क़ैद कर सके,
इश्क़ के रास्तों में सरहद नहीं।
