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उसके घने ज़ुल्फ़ों से हमे मोहब्बत थी उसके प्यारे लफ़्ज़ों से हमे मोहब्बत थी उसके प्यार हमारेलिए इबादत थी मगर, उसे हमेशा हमसे शिकायत थी उसके साथ गुज़रे हुए हर लम्हा खुबसूरत थी उससेे बिछड़ने के बाद उसकी हर याद हमारे आखोँ में बेमौसम बरसात थी।
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Mar 16, 2021
Mar 16, 2021 at 2:30 AM UTC
मोहब्बत
उसके घने ज़ुल्फ़ों से हमे मोहब्बत थी उसके प्यारे लफ़्ज़ों से हमे मोहब्बत थी उसके प्यार हमारेलिए इबादत थी मगर, उसे हमेशा हमसे शिकायत थी उसके साथ गुज़रे हुए हर लम्हा खुबसूरत थी उससेे बिछड़ने के बाद उसकी हर याद हमारे आखोँ में बेमौसम बरसात थी।
Written by
Telangana, India
Mar 16, 2021
Mar 16, 2021 at 2:30 AM UTC
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