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Prathyusha1
Telangana, India A medical professional...being led by passion.
बात कभी लफ्ज़ोन् या तस्वीरों की थी ही नहीं बात तो सिर्फ ये है जो सियाहि से उतरा हो, वो खूबसुरत बन गए जो सीधे दिल से उतरा हो, वो सुकून दे गए
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Mar 30, 2021
Mar 30, 2021 at 5:06 AM UTC
Sukoon
हर रात अपने साथ एक नई दिन लेकर आति हैं, और हर शाम एक नई सुबह हर ग़म अपने साथ एक नई खुशी लेकर आति हैं, और हर आँसु मुस्कुराने कि एक नई वजह हर नींद अपने साथ एक नई ख्वाब लेकर आति हैं, और हर सपना खिलति है एक रोशनि की तरह मुश्किलों के डर से हम जीना नहीं भूल सकते क्यूँ की "इतना बड़ा समुन्दर के अंदर भी एक सुकून होता है बस ज़िन्दगी जीने के लिए एक जुनून चाहिए होता है"
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Mar 27, 2021
Mar 27, 2021 at 12:29 PM UTC
Passion
ज़िदगी में एक बार तो दिल ठूठना ज़रूरी है ताकि ये पता चले कि उसे किस से बचाना है पत्थर से ठोकर खाने से हर बार चोट नही लगती कभी कभी तो खुद को संभालना भी आ जाता है।
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Mar 23, 2021
Mar 23, 2021 at 2:34 AM UTC
Heart-break
हमारी दोस्ती.. बादल और बारिश कि तरह हैं हमारी दोस्ती.. सूरज और धूप कि तरह हैं हमारी दोस्ती.. समुंदर और लेसरों कि तरह हैं हमारी दोस्ती.. आसमान और पंछियों कि तरह हैं हमारी दोस्ती और क्या कहें जनाब.... एक के बिना दूसरा अधूरा हैं और दोनों एक साथ हो, तो पूरा हैं।
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Mar 19, 2021
Mar 19, 2021 at 3:38 AM UTC
Dosti
उसके घने ज़ुल्फ़ों से हमे मोहब्बत थी उसके प्यारे लफ़्ज़ों से हमे मोहब्बत थी उसके प्यार हमारेलिए इबादत थी मगर, उसे हमेशा हमसे शिकायत थी उसके साथ गुज़रे हुए हर लम्हा खुबसूरत थी उससेे बिछड़ने के बाद उसकी हर याद हमारे आखोँ में बेमौसम बरसात थी।
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Mar 16, 2021
Mar 16, 2021 at 2:30 AM UTC
मोहब्बत
जिन पलकों ने ख्वाबों की परियो को पनाह दिया था आज वही सपने टूठकर आंखों में नमी लाने की सज़ा सुनाया हैं।
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Mar 13, 2021
Mar 13, 2021 at 1:56 AM UTC
भलाई का ज़माना न रहा साहैब
खाली हैं मेरी हर शाम जितना काला हैं ये आसमान खूबसूरत हैं तेरी हर याद जितना कि तेरी ये मुसकान
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Mar 12, 2021
Mar 12, 2021 at 10:41 AM UTC
दोस्ती
हर तरफ गूंज रहे थे हमारी पुकार, आप आये ही नही  हर गली ढूँढ रहे थे हमारी नज़र, आप आये ही नही  हर पल कर रहे थे आपका इंतिज़ार, आप आये ही नही  तैयार खडे़ थे हमारेलिए खफ़न के दरबार, आप आये ही नही  समझना मुशिकल था, कि खत्म हुऐ थे आपके जिंदगी में हमारे किरदार कयोंकि आप कभी आये ही नही ।
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Mar 12, 2021
Mar 12, 2021 at 12:12 AM UTC
मगर...आप आये ही नही...