#jazbaat
बात कभी लफ्ज़ोन् या तस्वीरों की थी ही नहीं
बात तो सिर्फ ये है
जो सियाहि से उतरा हो, वो खूबसुरत बन गए
जो सीधे दिल से उतरा हो, वो सुकून दे गए
Mar 30, 2021
Mar 30, 2021 at 5:06 AM UTC
ज़िदगी में एक बार तो दिल ठूठना ज़रूरी है
ताकि ये पता चले कि उसे किस से बचाना है
पत्थर से ठोकर खाने से हर बार चोट नही लगती
कभी कभी तो खुद को संभालना भी आ जाता है।
Mar 23, 2021
Mar 23, 2021 at 2:34 AM UTC
हमारी दोस्ती..
बादल और बारिश कि तरह हैं
हमारी दोस्ती..
सूरज और धूप कि तरह हैं
हमारी दोस्ती..
समुंदर और लेसरों कि तरह हैं
हमारी दोस्ती..
आसमान और पंछियों कि तरह हैं
हमारी दोस्ती
और क्या कहें जनाब....
एक के बिना दूसरा अधूरा हैं
और दोनों एक साथ हो, तो पूरा हैं।
Mar 19, 2021
Mar 19, 2021 at 3:38 AM UTC
उसके घने ज़ुल्फ़ों से हमे मोहब्बत थी
उसके प्यारे लफ़्ज़ों से हमे मोहब्बत थी
उसके प्यार हमारेलिए इबादत थी
मगर, उसे हमेशा हमसे शिकायत थी
उसके साथ गुज़रे हुए हर लम्हा खुबसूरत थी
उससेे बिछड़ने के बाद उसकी हर याद हमारे आखोँ में बेमौसम बरसात थी।
Mar 16, 2021
Mar 16, 2021 at 2:30 AM UTC
जिन पलकों ने ख्वाबों की परियो को पनाह दिया था
आज वही सपने टूठकर आंखों में नमी लाने की सज़ा सुनाया हैं।
Mar 13, 2021
Mar 13, 2021 at 1:56 AM UTC
हर तरफ गूंज रहे थे हमारी पुकार, आप आये ही नही
हर गली ढूँढ रहे थे हमारी नज़र, आप आये ही नही
हर पल कर रहे थे आपका इंतिज़ार, आप आये ही नही
तैयार खडे़ थे हमारेलिए खफ़न के दरबार, आप आये ही नही
समझना मुशिकल था, कि खत्म हुऐ थे आपके जिंदगी में हमारे किरदार
कयोंकि आप कभी आये ही नही ।
Mar 12, 2021
Mar 12, 2021 at 12:12 AM UTC