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#hindipoetry
मैं खुद को किनारे पर ले आता हूँ, फिर न जाने क्यों अपने आप को समुंदर की गहराइयों में पाता हूँ। टूट जाता हूँ अक्सर, जब लहरों से दोबारा जकड़ लिया जाता हूँ। कोशिश कितनी भी करूँ किनारे पर आने की, वो लहरें फिर से मुझे अपने साथ खींच ले जाती हैं। देखता हूँ खुद को, तो फिर मैं अपने आप को दोबारा समुंदर की गहराइयों में पाता हूँ। कभी-कभी थक जाता हूँ, किनारे पर नहीं आना चाहता हूँ मैं। समझ आता है— किनारा सुंदर है, पर अपनी खामियों के साथ ही लहरों में बहता रहना चाहता हूँ मैं। जिस सुकून में मैं जीना चाहता हूँ, वो मुझे किनारे पर भी न मिले— इसी डर के साए में मैं फिर से लहरों में उलझता चला जाता हूँ।
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May 18
May 18, 2026 at 9:23 PM UTC
Untitled
मैं खुद को किनारे पर ले आता हूँ, फिर न जाने क्यों अपने आप को समुंदर की गहराइयों में पाता हूँ। टूट जाता हूँ अक्सर, जब लहरों से दोबारा जकड़ लिया जाता हूँ। कोशिश कितनी भी करूँ किनारे पर आने की, वो लहरें फिर से मुझे अपने साथ खींच ले जाती हैं। देखता हूँ खुद को, तो फिर मैं अपने आप को दोबारा समुंदर की गहराइयों में पाता हूँ। कभी-कभी थक जाता हूँ, किनारे पर नहीं आना चाहता हूँ मैं। समझ आता है— किनारा सुंदर है, पर अपनी खामियों के साथ ही लहरों में बहता रहना चाहता हूँ मैं। जिस सुकून में मैं जीना चाहता हूँ, वो मुझे किनारे पर भी न मिले— इसी डर के साए में मैं फिर से लहरों में उलझता चला जाता हूँ।
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डर है,   हाँ है,   डर तुझे खोने का,   तेरा मेरे पास न होने का,   तेरे लिए होकर भी न होने का,   या फिर शायद तेरा किसी और का हो जाने का।   कैसे भूलूं तेरे साथ बिताए हुए सारे पल,   कैसे संभालूं खुद को जब तू नहीं होगा मेरे पास कल,   अपना होकर भी अपना नहीं तू,   बस इसी बात से खफ़ा हूँ।   इतना भी क्या ज़रूरी है तेरा जाना?   नहीं हूँ तेरे लायक, चल ये भी माना,   पर क्या इतना आसान है तेरे लिए मुझे खोना,   आसान है सब कुछ ख़त्म कर भूल जाना?   ना जाने कैसा खेल खेल रही है ज़िंदगी,   हर चीज़ पर रुला रही ये मुझे,   सब कुछ सही हो जाएगा,   बस एक बार कह दे,   कि तू कहीं नहीं जाएगा!
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Mar 23, 2025
Mar 23, 2025 at 11:36 PM UTC
Dar tujhe khone ka
ख्वाबों की दुनिया में खोए, हम चलते हैं, हर मोड़ पर नए रंगों से भरते हैं। सपने जो आँखों में पलते हैं, उनकी हकीकत की तलाश में, हम बढ़ते हैं। कभी चाँद की रोशनी में, कभी सूरज की किरणों में, ज़िंदगी के सफर में, हम खुद को खोजते हैं। हर मुश्किल को हंसते-हंसते, पार करते हैं, क्योंकि उम्मीद की किरण में, हम जीते हैं। सच्चाई की राह पर, कदम बढ़ाते हैं, अपने अंदर की आवाज़ को सुनते हैं। हर पल में छिपा है एक नया अध्याय, हम अपने ख्वाबों को सच में बदलने का जज़्बा रखते हैं। हर सुबह नई उम्मीदों से भरी होती है, सपनों की बुनाई में, ज़िंदगी की लकीरें होती हैं। कभी मुस्कान, कभी आँसू, हर रंग का स्वाद चखते हैं, इस खूबसूरत सफर में, हम खुद को और गहराई से समझते हैं। फूलों की खुशबू में, हम प्यार को महसूस करते हैं, हर रिश्ते की मिठास में, हम अपनेपन को खोजते हैं। कभी बादलों की छांव में, कभी बारिश की बूँदों में, हम अपनी खुशियों की कहानी, हर लम्हे में लिखते हैं। इस जीवन की किताब में, हर दिन नया पन्ना है, हम अपने सपनों को जीने का, हर पल एक नया मौका पाते हैं। चलते रहें इस राह पर, हाथों में हाथ लिए, क्योंकि हर कदम पर है, एक नई कहानी लिखने का जज़्बा लिए।
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Jan 2, 2025
Jan 2, 2025 at 4:07 PM UTC
जिंदगी की राह में!
ख्वाबों की दुनिया में खोए, हम चलते हैं, हर मोड़ पर नए रंगों से भरते हैं। सपने जो आँखों में पलते हैं, उनकी हकीकत की तलाश में, हम बढ़ते हैं। कभी चाँद की रोशनी में, कभी सूरज की किरणों में, ज़िंदगी के सफर में, हम खुद को खोजते हैं। हर मुश्किल को हंसते-हंसते, पार करते हैं, क्योंकि उम्मीद की किरण में, हम जीते हैं। सच्चाई की राह पर, कदम बढ़ाते हैं, अपने अंदर की आवाज़ को सुनते हैं। हर पल में छिपा है एक नया अध्याय, हम अपने ख्वाबों को सच में बदलने का जज़्बा रखते हैं। हर सुबह नई उम्मीदों से भरी होती है, सपनों की बुनाई में, ज़िंदगी की लकीरें होती हैं। कभी मुस्कान, कभी आँसू, हर रंग का स्वाद चखते हैं, इस खूबसूरत सफर में, हम खुद को और गहराई से समझते हैं। फूलों की खुशबू में, हम प्यार को महसूस करते हैं, हर रिश्ते की मिठास में, हम अपनेपन को खोजते हैं। कभी बादलों की छांव में, कभी बारिश की बूँदों में, हम अपनी खुशियों की कहानी, हर लम्हे में लिखते हैं। इस जीवन की किताब में, हर दिन नया पन्ना है, हम अपने सपनों को जीने का, हर पल एक नया मौका पाते हैं। चलते रहें इस राह पर, हाथों में हाथ लिए, क्योंकि हर कदम पर है, एक नई कहानी लिखने का जज़्बा लिए।
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बात कभी लफ्ज़ोन् या तस्वीरों की थी ही नहीं बात तो सिर्फ ये है जो सियाहि से उतरा हो, वो खूबसुरत बन गए जो सीधे दिल से उतरा हो, वो सुकून दे गए
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Mar 30, 2021
Mar 30, 2021 at 5:06 AM UTC
Sukoon
हर रात अपने साथ एक नई दिन लेकर आति हैं, और हर शाम एक नई सुबह हर ग़म अपने साथ एक नई खुशी लेकर आति हैं, और हर आँसु मुस्कुराने कि एक नई वजह हर नींद अपने साथ एक नई ख्वाब लेकर आति हैं, और हर सपना खिलति है एक रोशनि की तरह मुश्किलों के डर से हम जीना नहीं भूल सकते क्यूँ की "इतना बड़ा समुन्दर के अंदर भी एक सुकून होता है बस ज़िन्दगी जीने के लिए एक जुनून चाहिए होता है"
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Mar 27, 2021
Mar 27, 2021 at 12:29 PM UTC
Passion
ज़िदगी में एक बार तो दिल ठूठना ज़रूरी है ताकि ये पता चले कि उसे किस से बचाना है पत्थर से ठोकर खाने से हर बार चोट नही लगती कभी कभी तो खुद को संभालना भी आ जाता है।
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Mar 23, 2021
Mar 23, 2021 at 2:34 AM UTC
Heart-break
हमारी दोस्ती.. बादल और बारिश कि तरह हैं हमारी दोस्ती.. सूरज और धूप कि तरह हैं हमारी दोस्ती.. समुंदर और लेसरों कि तरह हैं हमारी दोस्ती.. आसमान और पंछियों कि तरह हैं हमारी दोस्ती और क्या कहें जनाब.... एक के बिना दूसरा अधूरा हैं और दोनों एक साथ हो, तो पूरा हैं।
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Mar 19, 2021
Mar 19, 2021 at 3:38 AM UTC
Dosti
उसके घने ज़ुल्फ़ों से हमे मोहब्बत थी उसके प्यारे लफ़्ज़ों से हमे मोहब्बत थी उसके प्यार हमारेलिए इबादत थी मगर, उसे हमेशा हमसे शिकायत थी उसके साथ गुज़रे हुए हर लम्हा खुबसूरत थी उससेे बिछड़ने के बाद उसकी हर याद हमारे आखोँ में बेमौसम बरसात थी।
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Mar 16, 2021
Mar 16, 2021 at 2:30 AM UTC
मोहब्बत
जिन पलकों ने ख्वाबों की परियो को पनाह दिया था आज वही सपने टूठकर आंखों में नमी लाने की सज़ा सुनाया हैं।
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Mar 13, 2021
Mar 13, 2021 at 1:56 AM UTC
भलाई का ज़माना न रहा साहैब
खाली हैं मेरी हर शाम जितना काला हैं ये आसमान खूबसूरत हैं तेरी हर याद जितना कि तेरी ये मुसकान
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Mar 12, 2021
Mar 12, 2021 at 10:41 AM UTC
दोस्ती
हर तरफ गूंज रहे थे हमारी पुकार, आप आये ही नही  हर गली ढूँढ रहे थे हमारी नज़र, आप आये ही नही  हर पल कर रहे थे आपका इंतिज़ार, आप आये ही नही  तैयार खडे़ थे हमारेलिए खफ़न के दरबार, आप आये ही नही  समझना मुशिकल था, कि खत्म हुऐ थे आपके जिंदगी में हमारे किरदार कयोंकि आप कभी आये ही नही ।
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Mar 12, 2021
Mar 12, 2021 at 12:12 AM UTC
मगर...आप आये ही नही...
दिन ढल रहा है रात आ रही है मगर कुछ मुझसे, ये शाम कह रही है क्यूं होते हो निराश अब उठ जाओ मत होने दो अंधेरा दीपक जलाओ कल फिर आएगा सूरज एक नई चमक लेकर बस इस आस में एक नया "जहां सजाओ"!!
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Feb 21, 2021
Feb 21, 2021 at 9:41 AM UTC
"सांझ की आस"
वो बहती हवा है वो बहती रही हमेशासे मै ठहरा राहु सिधासा वो बहती हवा है वो कहती मुझिसे ना देखू खुदको धीमासा वो बहती हवा है वो कहती मुझसे तू साथ रहना हमेशा ये रात अभी तो हैना तुझी को सबकुछ कहना तू धीमे धीमे बेहना
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Oct 22, 2020
Oct 22, 2020 at 12:33 PM UTC
वो बहती हवा है
मेरे पास छोड़ जाओ, अपनी खुशबू, अपनी बाते। उन्हें सम्भाल कर रखूंगी मैं, चाहे दिन हो या हो रातें।
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Aug 21, 2020
Aug 21, 2020 at 3:07 AM UTC
मेरे पास
कभी चाहते थे, तुम्हें ना खोना। अभी चाहते हैं, की काश तुम हमे कभी मिले ही ना होते।
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Aug 14, 2020
Aug 14, 2020 at 3:12 AM UTC
कभी-अभी
क्षणभर विश्रांती चा विचार केला की आठवणींची चाहुल मात्र लुडबुड करायाला लागते जनू खुप काळ निघुन गेला पण आठवण मात्र तशीच राहते, दडलेल एक पखरू मनातलं तसच मनात वावरत आहे आठवणींचे क्षण मात्र उमलू लागले आहेत आणी भेटण्यासाठी अततुरतेने वाट पाहत आहेत कळत नाही कसे सांगावे मनाला त्या क्षणभर विश्रांतीला आराम तरी कासा द्यावा क्षण असा यावा की नुक्ताच भेटुन खुप आनंद वाटावा, त्याचा हसरा चेहरा बघूनी मन आनंदाने फुलावे नजरेचा प्रत्येक तो अनमोल क्षण सरळ चेहरावर हस्य बनुन यावे यावे हे क्षण लवकरच ज्याने तुला पाहुनी मनाची आसना उमलावी क्षणातच
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Aug 12, 2020
Aug 12, 2020 at 12:38 PM UTC
आठवणीतले क्षण
मन माझे अतूर झाले बोल तुझे ऐकण्यासाठी, का शरीर थकुनही मन मात्र थके ना ... रुंणगुणनारे गीत तुझे एकूनी रोज मी उठते, स्पर्श तुझा घेता मनी ते माझ्या रुजुनी जाते ... ये ना सख्या लवकर बघ मी आले, तोच किनारा तोच समुद्र जणू आपलीच वाट पाहत आहे ... दाटून आले क्षण असे फक्त तुझे नी माझे, सांगते मला हरवुनी जावे तुझ्यात कोवळे हे मन माझे ...
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Aug 12, 2020
Aug 12, 2020 at 12:37 PM UTC
मन
सूर तूझे जुळले असे   मनी माझ्या रमले असे ताल तू घेता स्वर हि आले धावून आवाजाने तुझ्या मीच गेल गुंगून
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Aug 12, 2020
Aug 12, 2020 at 12:26 PM UTC
सूर
मन काग़ज़ की नाव, जज़्बातों के समन्दर में बस बहें जा रहा है। जो ये थम गया तो हैं डूब जाने का डर, फिर भी ये आगे बढे जा रहा हैं।
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Aug 7, 2020
Aug 7, 2020 at 2:43 PM UTC
मन काग़ज़ की नाव
Tere kadam kya padhe dwar pe, Tanhai ne toh hume bewafaa karaar kar diya..
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Aug 7, 2020
Aug 7, 2020 at 3:23 AM UTC
Tanhaii
Afraid, Afraid if someone will know my inner side, undress my soul and uncover my scary wounds.
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Aug 4, 2020
Aug 4, 2020 at 4:22 PM UTC
Me
I wish to retire from this one sided love story..
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Aug 3, 2020
Aug 3, 2020 at 12:27 PM UTC
I wish..
मेरे जग की सुन्दरता तोह तेरी अखां विच बसी है, गरजने पे में सहमुन, तेरे बरसने पे मैं तेरे साथ झुमलूँ, ओर खिलखिलाने पे एकदम सूरजमुखी की तरह खिल उठूँ, मेरे जग की सुन्दरता तोह तेरी अखां विच बसी है ।।
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Aug 1, 2020
Aug 1, 2020 at 6:31 AM UTC
मेरा जग ।।
घर वो जहाँ रूह को सुकून मिलें , वो सुकून मुझे तेरी बाहों में मिलता है ।।
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Jul 31, 2020
Jul 31, 2020 at 1:24 PM UTC
घर ।।
गणीत में बड़ा कच्चा है तू, मेरी प्यार की गहराई को कभी नाप ही ना पाया।
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Jul 30, 2020
Jul 30, 2020 at 11:02 AM UTC
गहराइयाँ ।।