"khadoos" poems
Oye सुन! बचपन से ही तेरा और मेरा ये रिश्ता बहुत ही अनोखा और चटपटा रहा है, अन्य सभी रिश्तो से बढ़कर क्योंकि बचपन हम दोनों के बीच में हमेशा नोकझोंक होती रहती, लेकिन बड़े होने पर मुझे ससुराल भेज दिया…
अब हम दोनों अलग हो गये हैं….
क्या हम दोबारा से उन पलों यादगार बनाए,
जब मेरा हक तुम पे ज्यादा होता….
भाई तू Mehta की जान है
मेरा पहला - पहला प्यार है तू, मेरी खुशियों से भरा संसार है तू,
सदा खुश रहना तू,
क्योंकि मेरी खुशियों का राज है तू,
तू सिर्फ मेरे भाई नहीं हम तीनों बहनों की जान है ।
माँ की आँखों का तारा ही नहीं बल्कि उनका गुरूर है तू
Oye सुन ! तू भी कितना अजीब है पर मेरे दिल के करीब है,
क्यों इतना khadoos बनता है तू ?
भाई तू Mehta की जान है, मेरा प्यारा भाई है तू,
मुझ से छोटा है तू पर बातें ऐसे करता है जैसे मेरे से बडा है तू …
लेकिन तुम रिश्ते यूँ निभाते रहना,
हम तीनों बहनों के संग तू हमेशा रहना,
चाहे दुःख हो या सुख हो तू हमेशा हमारी हिम्मत बने रहना….
भाई तू Mehta की जान है
मेरा तेरा रिश्ता भाई - बहन का बहुत ही प्यारा है
सबसे अलग सबसे अनोखा सबसे प्यारा है तू...
कभी खट्टा, कभी मीठा ये रिश्ता है हमारा कभी रूठना, कभी मनाना,
कभी झगड़ा, कभी रोना,
भाई तू Mehta की जान है…
Aug 31, 2019
Aug 31, 2019 at 2:36 AM UTC