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ज़िंदगी था इक सहरा जैसा, और हम उसपे घूमते हुए आवारा। तलाश था इस प्यासे को पानी का, अचानक था आमद उस जलपरी का। रास्ते पर था बहुत सारे तालाब और झीलें, पर मेरा मन उसपे ही अटका हुआ था। आखिर जब पहुंचे उसकी क़रीब हम, निकली थी वो सिर्फ़ एक वहम। प्यास तो अब भी था, और खोज मेरा अधूरा। चलता रहा मैं इस बेकार सफर पे, फिर अता किया ख़ुदा ने उस नखलिस्तान को। तब समझ में आया कि ये था इश्क़, ये थी मोहब्बत, आखिर जो मिला मुझे मेरे हयात की राहत।
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Dec 10, 2024
Dec 10, 2024 at 2:26 PM UTC
تلاش
ज़िंदगी था इक सहरा जैसा, और हम उसपे घूमते हुए आवारा। तलाश था इस प्यासे को पानी का, अचानक था आमद उस जलपरी का। रास्ते पर था बहुत सारे तालाब और झीलें, पर मेरा मन उसपे ही अटका हुआ था। आखिर जब पहुंचे उसकी क़रीब हम, निकली थी वो सिर्फ़ एक वहम। प्यास तो अब भी था, और खोज मेरा अधूरा। चलता रहा मैं इस बेकार सफर पे, फिर अता किया ख़ुदा ने उस नखलिस्तान को। तब समझ में आया कि ये था इश्क़, ये थी मोहब्बत, आखिर जो मिला मुझे मेरे हयात की राहत।
Life was like a desert, And I wandered through it like a nomad. This thirsty soul was searching for water, And suddenly, there came the arrival of a mermaid. On the path, there were many ponds and lakes, Yet my heart remained stuck on her alone. Finally, when I reached close to her, She turned out to be nothing but an illusion. The thirst remained, And my search was incomplete. I continued on this futile journey, Until God granted me that oasis. That’s when I realized this was love, this was passion, And in the end, I found the solace of my life.
vish_r
Written by
23/M
Dec 10, 2024
Dec 10, 2024 at 2:26 PM UTC
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