कैसे छटपटाया है वो
उसने कोई दलील ना छोड़ी
कोई अदालत नहीं छोड़ी
कड़ियां तक भी तोड़ी
फिर भी जिंदगी हार गया
जब वो हारा कोई रो ना पाया
इसी तरह छटपटाई होगी वो
उसने भी बहुत मिन्नत की होगी
उसने सबको फरियाद की होगी
हिम्मत भी नहीं छोड़ी होगी
फिर भी जिंदगी हार गई
जब वो हारी तब सब रोयें
उसको भुला नहीं पाए।
-अनु सिगंला
Jul 21, 2020
Jul 21, 2020 at 4:57 AM UTC
कैसे छटपटाया है वो
उसने कोई दलील ना छोड़ी
कोई अदालत नहीं छोड़ी
कड़ियां तक भी तोड़ी
फिर भी जिंदगी हार गया
जब वो हारा कोई रो ना पाया
इसी तरह छटपटाई होगी वो
उसने भी बहुत मिन्नत की होगी
उसने सबको फरियाद की होगी
हिम्मत भी नहीं छोड़ी होगी
फिर भी जिंदगी हार गई
जब वो हारी तब सब रोयें
उसको भुला नहीं पाए।
-अनु सिगंला