मेरे जग की सुन्दरता तोह तेरी अखां विच बसी है,
गरजने पे में सहमुन, तेरे बरसने पे मैं तेरे साथ झुमलूँ,
ओर खिलखिलाने पे एकदम सूरजमुखी की तरह खिल उठूँ,
मेरे जग की सुन्दरता तोह तेरी अखां विच बसी है ।।
Aug 1, 2020
Aug 1, 2020 at 6:31 AM UTC
मेरे जग की सुन्दरता तोह तेरी अखां विच बसी है,
गरजने पे में सहमुन, तेरे बरसने पे मैं तेरे साथ झुमलूँ,
ओर खिलखिलाने पे एकदम सूरजमुखी की तरह खिल उठूँ,
मेरे जग की सुन्दरता तोह तेरी अखां विच बसी है ।।