बात कभी लफ्ज़ोन् या तस्वीरों की थी ही नहीं
बात तो सिर्फ ये है
जो सियाहि से उतरा हो, वो खूबसुरत बन गए
जो सीधे दिल से उतरा हो, वो सुकून दे गए
Mar 30, 2021
Mar 30, 2021 at 5:06 AM UTC
बात कभी लफ्ज़ोन् या तस्वीरों की थी ही नहीं
बात तो सिर्फ ये है
जो सियाहि से उतरा हो, वो खूबसुरत बन गए
जो सीधे दिल से उतरा हो, वो सुकून दे गए
The one (any kind of art)descended from ink was beautiful and the one descended directly from heart was peaceful...