मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् ।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ॥
हे दुख भंजन,
केसरी नंदन,
सेवक तुम श्रीराम ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
तुम महावीर,
अंजनेय नाम,
तुम ही सँवारे,
राम के काम ॥
तुम महावीर,
अंजनेय नाम,
तुम ही सँवारे,
राम के काम ॥
सँवारो मेरे काम,
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
हे दुख भंजन,
केसरी नंदन,
सेवक तुम श्रीराम ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
तुम्हारी भक्ति,
राम को भाई,
लक्ष्मण मूर्छा,
पार लगाई ।
लक्ष्मण मूर्छा,
पार लगाई,
उबारे लक्ष्मण प्राण ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
हे दुख भंजन,
केसरी नंदन,
सेवक तुम श्रीराम ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
सीता मात की,
सुध तुम लीनी,
मुद्रिका मात,
राम की दीनी ।
नाम राम से,
परिचय दीनी,
हरषी सुन,
पिय ko नाम ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
हे दुख भंजन,
केसरी नंदन,
मारुति तुम हनुमान ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
राम भक्ति के,
तुम आधार,
बुद्धि बल के,
तुम विस्तार ।
करो कृपा,
हे सेवक राम ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
हे दुख भंजन,
केसरी नंदन,
मारुति तुम हनुमान ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
हे दुख भंजन,
केसरी नंदन,
मारुति तुम हनुमान ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
May 20
May 20, 2026 at 5:07 AM UTC
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् ।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ॥
हे दुख भंजन,
केसरी नंदन,
सेवक तुम श्रीराम ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
तुम महावीर,
अंजनेय नाम,
तुम ही सँवारे,
राम के काम ॥
तुम महावीर,
अंजनेय नाम,
तुम ही सँवारे,
राम के काम ॥
सँवारो मेरे काम,
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
हे दुख भंजन,
केसरी नंदन,
सेवक तुम श्रीराम ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
तुम्हारी भक्ति,
राम को भाई,
लक्ष्मण मूर्छा,
पार लगाई ।
लक्ष्मण मूर्छा,
पार लगाई,
उबारे लक्ष्मण प्राण ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
हे दुख भंजन,
केसरी नंदन,
सेवक तुम श्रीराम ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
सीता मात की,
सुध तुम लीनी,
मुद्रिका मात,
राम की दीनी ।
नाम राम से,
परिचय दीनी,
हरषी सुन,
पिय ko नाम ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
हे दुख भंजन,
केसरी नंदन,
मारुति तुम हनुमान ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
राम भक्ति के,
तुम आधार,
बुद्धि बल के,
तुम विस्तार ।
करो कृपा,
हे सेवक राम ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
हे दुख भंजन,
केसरी नंदन,
मारुति तुम हनुमान ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
हे दुख भंजन,
केसरी नंदन,
मारुति तुम हनुमान ।
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
हे अंजनी पुत्र,
महाबलवान ॥
