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arvind-bhardwaj
arvind-bhardwaj
राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ मात-पिता की, आज्ञा लीन्ही, वल्कल ओढ़ ले चल वन दीन्ही॥ राम मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ बुद्धि कैकयी मात हर लीन्ही, तब, वास- वन, राम को, दीन्ही॥ कैकयी मात, जो मात, हो आयीं, “हाय राम…” कहकर, पछतायीं॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ बेटा एक, नहीं, दोउ खोये, बोझ, कुमाता, का रही ढोये॥ हाय विधाता, क्या कर दीन्हा, पति-पुत्र, मुझसे, सब छीना॥ राम ,मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ कैकयी मात, रही अब रोये, कालचक्र कैसा, यह होये॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ गए वशिष्ठ, लेने रघुराई, चली संग फिर, कैकयी माई॥ कुंठित भीतर, शब्द न होये, राम मात जब, सम्मुख होये॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ कैकयी, भेंट प्रथम तब कीन्हा, कुंठित मात, जान, सब लीन्हा॥ गले राम लग, मात जो रोयीं, ज्यों वृष्टि, अंबर से होयी॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ राम चलो अब, लौट चलो तुम, क्षमा करो मुझे, क्षमा करो तुम॥ कैकयी मात कहे रघुराई, नेत्र अश्रुधार बहाई॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ “मात कथन, सुन लो, तुम रामा, प्रथम, तुम्हारी, आज्ञा माना॥ मात-पित आज्ञा, gar न निभाऊँ, मात, राम, कैसे कहलाऊँ॥” राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम ,मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ मात सुनो अब, बात सुनो तुम, मात मेरी हो, मात सदा तुम॥ कौशल्या सम, तुम सब माता, माता तुम हो, नहीं कुमाता॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ हे नद-झरने सुन लो आकर, कैकेयी मात, प्रेम की सागर॥ मात दया, तुम, मुझ पर कीन्हा, दे वनवास, राम मम कीन्हा॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम ,मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ सुन कही राम, कैकयी माता, “सदा राम दे मुझे विधाता॥” धन्य हुई पाकर, तुम्हें मैं रामा, राम न तुम सम जग में जाना॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ करो दया, "अवि" पर रामा, करो दया, सभी पर रामा॥ राम राम हे, राम हो रामा, राम न तुम सम, जग में जाना॥ करो दया अब, हम पर रामा, करें सदा, तेरे, गुण गाना॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम…
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May 20
May 20, 2026 at 5:08 AM UTC
Ram Mere Ram
राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ मात-पिता की, आज्ञा लीन्ही, वल्कल ओढ़ ले चल वन दीन्ही॥ राम मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ बुद्धि कैकयी मात हर लीन्ही, तब, वास- वन, राम को, दीन्ही॥ कैकयी मात, जो मात, हो आयीं, “हाय राम…” कहकर, पछतायीं॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ बेटा एक, नहीं, दोउ खोये, बोझ, कुमाता, का रही ढोये॥ हाय विधाता, क्या कर दीन्हा, पति-पुत्र, मुझसे, सब छीना॥ राम ,मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ कैकयी मात, रही अब रोये, कालचक्र कैसा, यह होये॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ गए वशिष्ठ, लेने रघुराई, चली संग फिर, कैकयी माई॥ कुंठित भीतर, शब्द न होये, राम मात जब, सम्मुख होये॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ कैकयी, भेंट प्रथम तब कीन्हा, कुंठित मात, जान, सब लीन्हा॥ गले राम लग, मात जो रोयीं, ज्यों वृष्टि, अंबर से होयी॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ राम चलो अब, लौट चलो तुम, क्षमा करो मुझे, क्षमा करो तुम॥ कैकयी मात कहे रघुराई, नेत्र अश्रुधार बहाई॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ “मात कथन, सुन लो, तुम रामा, प्रथम, तुम्हारी, आज्ञा माना॥ मात-पित आज्ञा, gar न निभाऊँ, मात, राम, कैसे कहलाऊँ॥” राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम ,मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ मात सुनो अब, बात सुनो तुम, मात मेरी हो, मात सदा तुम॥ कौशल्या सम, तुम सब माता, माता तुम हो, नहीं कुमाता॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ हे नद-झरने सुन लो आकर, कैकेयी मात, प्रेम की सागर॥ मात दया, तुम, मुझ पर कीन्हा, दे वनवास, राम मम कीन्हा॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम ,मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ सुन कही राम, कैकयी माता, “सदा राम दे मुझे विधाता॥” धन्य हुई पाकर, तुम्हें मैं रामा, राम न तुम सम जग में जाना॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ करो दया, "अवि" पर रामा, करो दया, सभी पर रामा॥ राम राम हे, राम हो रामा, राम न तुम सम, जग में जाना॥ करो दया अब, हम पर रामा, करें सदा, तेरे, गुण गाना॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम…
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मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् । वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ॥ हे दुख भंजन, केसरी नंदन, सेवक तुम श्रीराम । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ तुम महावीर, अंजनेय नाम, तुम ही सँवारे, राम के काम ॥ तुम महावीर, अंजनेय नाम, तुम ही सँवारे, राम के काम ॥ सँवारो मेरे काम, हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ हे दुख भंजन, केसरी नंदन, सेवक तुम श्रीराम । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ तुम्हारी भक्ति, राम को भाई, लक्ष्मण मूर्छा, पार लगाई । लक्ष्मण मूर्छा, पार लगाई, उबारे लक्ष्मण प्राण । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ हे दुख भंजन, केसरी नंदन, सेवक तुम श्रीराम । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ सीता मात की, सुध तुम लीनी, मुद्रिका मात, राम की दीनी । नाम राम से, परिचय दीनी, हरषी सुन, पिय ko नाम । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ हे दुख भंजन, केसरी नंदन, मारुति तुम हनुमान । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ राम भक्ति के, तुम आधार, बुद्धि बल के, तुम विस्तार । करो कृपा, हे सेवक राम । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ हे दुख भंजन, केसरी नंदन, मारुति तुम हनुमान । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ हे दुख भंजन, केसरी नंदन, मारुति तुम हनुमान । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥
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May 20
May 20, 2026 at 5:07 AM UTC
he anjani putra mahabalwan
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् । वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ॥ हे दुख भंजन, केसरी नंदन, सेवक तुम श्रीराम । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ तुम महावीर, अंजनेय नाम, तुम ही सँवारे, राम के काम ॥ तुम महावीर, अंजनेय नाम, तुम ही सँवारे, राम के काम ॥ सँवारो मेरे काम, हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ हे दुख भंजन, केसरी नंदन, सेवक तुम श्रीराम । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ तुम्हारी भक्ति, राम को भाई, लक्ष्मण मूर्छा, पार लगाई । लक्ष्मण मूर्छा, पार लगाई, उबारे लक्ष्मण प्राण । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ हे दुख भंजन, केसरी नंदन, सेवक तुम श्रीराम । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ सीता मात की, सुध तुम लीनी, मुद्रिका मात, राम की दीनी । नाम राम से, परिचय दीनी, हरषी सुन, पिय ko नाम । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ हे दुख भंजन, केसरी नंदन, मारुति तुम हनुमान । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ राम भक्ति के, तुम आधार, बुद्धि बल के, तुम विस्तार । करो कृपा, हे सेवक राम । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ हे दुख भंजन, केसरी नंदन, मारुति तुम हनुमान । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ हे दुख भंजन, केसरी नंदन, मारुति तुम हनुमान । हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥ हे अंजनी पुत्र, महाबलवान ॥
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रात की तन्हाइयों में, चाँद सोया है बगल में, पूछता हूँ जुगनुओं से, कोई खोया था क्या कल में, ढूँढ ले आना अगर वो, मिले तुम्हारी रोशनी में। रात की तन्हाइयों में, चाँद सोया है बगल में। कानों को हैं सताते, किस्से कुछ अनकहे से, कानों को हैं सताते, किस्से कुछ अनकहे से, आँखों में हैं दबे कुछ, आँसू वो अनबहे से, आँसू वो अनबहे से। रात की तन्हाइयों में, चाँद सोया है बगल में, पूछता हूँ जुगनुओं से, कोई खोया था क्या कल में। लगता ऐसे है जैसे, मेरा सब कुछ खो गया है, शहरों के शोर में भी, सन्नाटा हो गया है। अक्स था जो साथ चलता, वो मुझमें खो गया है, ये क्या अब हो गया है, ये क्या अब हो गया है। रात की तन्हाइयों में, चाँद सोया है बगल में, पूछता हूँ जुगनुओं से, कोई खोया था क्या कल में, जाने ये क्या हो गया है, जो था कल तक खो गया है, जो था कल तक खो गया है, जाने ये क्या हो गया है।
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May 16
May 16, 2026 at 3:24 PM UTC
Koi kho gaya hai
रात की तन्हाइयों में, चाँद सोया है बगल में, पूछता हूँ जुगनुओं से, कोई खोया था क्या कल में, ढूँढ ले आना अगर वो, मिले तुम्हारी रोशनी में। रात की तन्हाइयों में, चाँद सोया है बगल में। कानों को हैं सताते, किस्से कुछ अनकहे से, कानों को हैं सताते, किस्से कुछ अनकहे से, आँखों में हैं दबे कुछ, आँसू वो अनबहे से, आँसू वो अनबहे से। रात की तन्हाइयों में, चाँद सोया है बगल में, पूछता हूँ जुगनुओं से, कोई खोया था क्या कल में। लगता ऐसे है जैसे, मेरा सब कुछ खो गया है, शहरों के शोर में भी, सन्नाटा हो गया है। अक्स था जो साथ चलता, वो मुझमें खो गया है, ये क्या अब हो गया है, ये क्या अब हो गया है। रात की तन्हाइयों में, चाँद सोया है बगल में, पूछता हूँ जुगनुओं से, कोई खोया था क्या कल में, जाने ये क्या हो गया है, जो था कल तक खो गया है, जो था कल तक खो गया है, जाने ये क्या हो गया है।
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ॐ कालकालाय विद्महे, कालातीताय धीमहि, तन्नो महाकाल प्रचोदयात्॥ शिवो शिवम्, शिवो शिवम् शिवो शिवम्, शिवो शिवम्॥ शिवो शिवम्, शिवो शिवम्॥ बम बबम, बम बबम बम बबम, बम बबम॥ भस्म तुझमें ही रमा है, शिव ही तू दया-क्षमा है। शंख का निनाद तू है, तू अगम विराट तू है। तू भविष्य भूत तू है, मस्त अभिभूत तू है॥ बम बबम, बम बबम बम बबम, बम बबम॥ शिवो शिवम्, शिवो शिवम् शिवो शिवम्, शिवो शिवम्॥ रौद्र तू, प्रचंड तू है, सृष्टि खंड-खंड तू है। तू दया है, काल तू है, अघोर विकराल तू है॥ बम बबम, बम बबम बम बबम, बम बबम॥ शिवो शिवम्, शिवो शिवम् शिवो शिवम्, शिवो शिवम्॥ ओजस भी तू, अनंत तू है, शील भी ज्वलंत तू है। शांत भी, अघोर तू है, रात्रि भी है, भोर तू है॥ बम बबम, बम बबम बम बबम, बम बबम॥ शिवो शिवम्, शिवो शिवम् शिवो शिवम्, शिवो शिवम्॥ अनहद भी तू है, शोर तू है, व्याप्त चारों ओर तू है। त्रिनेत्र चंद्रभाल तू है, निनाद महाकाल तू है॥ शिवो शिवम्, शिवो शिवम् शिवो शिवम्, शिवो शिवम्॥ बम बबम, बम बबम बम बबम, बम बबम॥ तू धरा, आकाश तू है, मोक्ष महापाश तू है। ज्ञान महाज्ञान तू है, मृत्यु तू है, प्राण तू है॥ बम बबम, बम बबम बम बबम, बम बबम॥ शिवो शिवम्, शिवो शिवम् शिवो शिवम्, शिवो शिवम्॥ अलख भी तू है, व्योम तू है, रोम भी और ॐ तू है। तेजोमयी अथर्व तू है, त्रिपुरारि मृत्यु पर्व तू है॥ बम बबम, बम बबम बम बबम, बम बबम॥ शिवो शिवम्, शिवो शिवम् शिवो शिवम्, शिवो शिवम्॥
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May 15
May 15, 2026 at 3:00 PM UTC
Bam babam
ॐ कालकालाय विद्महे, कालातीताय धीमहि, तन्नो महाकाल प्रचोदयात्॥ शिवो शिवम्, शिवो शिवम् शिवो शिवम्, शिवो शिवम्॥ शिवो शिवम्, शिवो शिवम्॥ बम बबम, बम बबम बम बबम, बम बबम॥ भस्म तुझमें ही रमा है, शिव ही तू दया-क्षमा है। शंख का निनाद तू है, तू अगम विराट तू है। तू भविष्य भूत तू है, मस्त अभिभूत तू है॥ बम बबम, बम बबम बम बबम, बम बबम॥ शिवो शिवम्, शिवो शिवम् शिवो शिवम्, शिवो शिवम्॥ रौद्र तू, प्रचंड तू है, सृष्टि खंड-खंड तू है। तू दया है, काल तू है, अघोर विकराल तू है॥ बम बबम, बम बबम बम बबम, बम बबम॥ शिवो शिवम्, शिवो शिवम् शिवो शिवम्, शिवो शिवम्॥ ओजस भी तू, अनंत तू है, शील भी ज्वलंत तू है। शांत भी, अघोर तू है, रात्रि भी है, भोर तू है॥ बम बबम, बम बबम बम बबम, बम बबम॥ शिवो शिवम्, शिवो शिवम् शिवो शिवम्, शिवो शिवम्॥ अनहद भी तू है, शोर तू है, व्याप्त चारों ओर तू है। त्रिनेत्र चंद्रभाल तू है, निनाद महाकाल तू है॥ शिवो शिवम्, शिवो शिवम् शिवो शिवम्, शिवो शिवम्॥ बम बबम, बम बबम बम बबम, बम बबम॥ तू धरा, आकाश तू है, मोक्ष महापाश तू है। ज्ञान महाज्ञान तू है, मृत्यु तू है, प्राण तू है॥ बम बबम, बम बबम बम बबम, बम बबम॥ शिवो शिवम्, शिवो शिवम् शिवो शिवम्, शिवो शिवम्॥ अलख भी तू है, व्योम तू है, रोम भी और ॐ तू है। तेजोमयी अथर्व तू है, त्रिपुरारि मृत्यु पर्व तू है॥ बम बबम, बम बबम बम बबम, बम बबम॥ शिवो शिवम्, शिवो शिवम् शिवो शिवम्, शिवो शिवम्॥
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श्री रामचंद्र कृपालु भज मन, हरण भव भय दारुणम्। नव कंज लोचन, कंज मुख, कर कंज पद कंजारुणम्॥ श्री रामचंद्र कृपालु भज मन, हरण भव भय दारुणम्। नव कंज लोचन, कंज मुख, कर कंज पद कंजारुणम्॥ श्री राम, श्री राम, मेरे राम, मेरे राम॥ आन विराजे अवध पुरी तुम, ओ मोहे दशरथ नंदन, ओ मोहे दशरथ नंदन॥ कब से नैना दरस को प्यासे, ओ मोहे रघुकुल नंदन, ओ मोहे रघुकुल नंदन॥ आन विराजे हो अब तुम तो, देखूँ अखियाँ भर के, रख लो मुझको अपने चरणन, पास रहूँ तेरे दर के, पास रहूँ तेरे दर के॥ रामलला तुम्हें देख रहा हूँ, नैना हटती नहीं हैं, कितना सुंदर है ये मुखड़ा, अँखियाँ बरस रही हैं, प्रभु ये अँखियाँ बरस रही हैं॥ फिर ना करना दूर हमें तुम, मैं भी भरत हो जाऊँ, काटे दिन कैसे तेरे बिन , कैसे ये बतलाऊँ, कैसे ये बतलाऊँ॥ तुम बिन सूनी थी ये अयोध्या, था सूना वन उपवन, तुम बिन सूने थे नद झरने, सूना था हर जन-जन॥ तुम जो लौटे तो लौटी हैं, खुशियाँ हर घर आँगन सबकी अँखियाँ बरस रही हैं, प्रेम से हो गई सावन॥ तुमको पाकर हो गया मेरा, तन मन पावन चंदन॥ रखना हमेशा दास अवि को, प्रभु तुम अपने चरणन॥ गाता रहूँ मैं तेरा भजन, यूँ करता रहूँ तेरा वंदन, करता रहूँ तेरा वंदन॥ रामलला तेरा वंदन, हे रामलला तेरा वंदन, मेरे रामलला तेरा वंदन, हे रामलला तेरा वंदन॥ मेरे रामलला की जय, मेरे प्रभु रामचंद्र की जय॥
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May 14
May 14, 2026 at 2:26 AM UTC
Aan viraaje raamlala
श्री रामचंद्र कृपालु भज मन, हरण भव भय दारुणम्। नव कंज लोचन, कंज मुख, कर कंज पद कंजारुणम्॥ श्री रामचंद्र कृपालु भज मन, हरण भव भय दारुणम्। नव कंज लोचन, कंज मुख, कर कंज पद कंजारुणम्॥ श्री राम, श्री राम, मेरे राम, मेरे राम॥ आन विराजे अवध पुरी तुम, ओ मोहे दशरथ नंदन, ओ मोहे दशरथ नंदन॥ कब से नैना दरस को प्यासे, ओ मोहे रघुकुल नंदन, ओ मोहे रघुकुल नंदन॥ आन विराजे हो अब तुम तो, देखूँ अखियाँ भर के, रख लो मुझको अपने चरणन, पास रहूँ तेरे दर के, पास रहूँ तेरे दर के॥ रामलला तुम्हें देख रहा हूँ, नैना हटती नहीं हैं, कितना सुंदर है ये मुखड़ा, अँखियाँ बरस रही हैं, प्रभु ये अँखियाँ बरस रही हैं॥ फिर ना करना दूर हमें तुम, मैं भी भरत हो जाऊँ, काटे दिन कैसे तेरे बिन , कैसे ये बतलाऊँ, कैसे ये बतलाऊँ॥ तुम बिन सूनी थी ये अयोध्या, था सूना वन उपवन, तुम बिन सूने थे नद झरने, सूना था हर जन-जन॥ तुम जो लौटे तो लौटी हैं, खुशियाँ हर घर आँगन सबकी अँखियाँ बरस रही हैं, प्रेम से हो गई सावन॥ तुमको पाकर हो गया मेरा, तन मन पावन चंदन॥ रखना हमेशा दास अवि को, प्रभु तुम अपने चरणन॥ गाता रहूँ मैं तेरा भजन, यूँ करता रहूँ तेरा वंदन, करता रहूँ तेरा वंदन॥ रामलला तेरा वंदन, हे रामलला तेरा वंदन, मेरे रामलला तेरा वंदन, हे रामलला तेरा वंदन॥ मेरे रामलला की जय, मेरे प्रभु रामचंद्र की जय॥
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या कुन्देन्दु तुषार हार धवला, या शुभ्र वस्त्रावृता, या वीणा वरदण्ड मंडित करा, या श्वेत पद्मासना। माँ देवी सरस्वती, देवी सरस्वती, नमो नमः। वीणा वादिनी, विद्या दायिनी, सुर प्रदायिनी, माँ सरस्वती। कंठ विराजे, साज़ भी बाजे, तुमसे ही सब माँ, सरस्वती। वीणा वादिनी, विद्या दायिनी, सुर प्रदायिनी, माँ सरस्वती। पुस्तक धारिणी, ब्रह्मचारिणी, हे वरदायिनी, सरस्वती। कला प्रदायिनी, कलम विराजे, वीणा बाजे माँ सरस्वती। वीणा वादिनी, विद्या दायिनी, सुर प्रदायिनी, माँ सरस्वती। ज्ञान की देवी, ज्ञान से भर दो, पूरण कर दो माँ सरस्वती। ज्ञान की देवी, ज्ञान से भर दो, पूरण कर दो माँ सरस्वती। हे माँ शारदे, हंसवाहिनी, शुभ्र सुरेश्वरी सरस्वती। वीणा वादिनी, विद्या दायिनी, सुर प्रदायिनी, माँ सरस्वती। ज्ञान की देवी, ज्ञान से भर दो, पूरण कर दो माँ सरस्वती। पूरण कर दो माँ सरस्वती। पूरण कर दो माँ सरस्वती।
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May 14
May 14, 2026 at 2:25 AM UTC
Veena Vaadini
या कुन्देन्दु तुषार हार धवला, या शुभ्र वस्त्रावृता, या वीणा वरदण्ड मंडित करा, या श्वेत पद्मासना। माँ देवी सरस्वती, देवी सरस्वती, नमो नमः। वीणा वादिनी, विद्या दायिनी, सुर प्रदायिनी, माँ सरस्वती। कंठ विराजे, साज़ भी बाजे, तुमसे ही सब माँ, सरस्वती। वीणा वादिनी, विद्या दायिनी, सुर प्रदायिनी, माँ सरस्वती। पुस्तक धारिणी, ब्रह्मचारिणी, हे वरदायिनी, सरस्वती। कला प्रदायिनी, कलम विराजे, वीणा बाजे माँ सरस्वती। वीणा वादिनी, विद्या दायिनी, सुर प्रदायिनी, माँ सरस्वती। ज्ञान की देवी, ज्ञान से भर दो, पूरण कर दो माँ सरस्वती। ज्ञान की देवी, ज्ञान से भर दो, पूरण कर दो माँ सरस्वती। हे माँ शारदे, हंसवाहिनी, शुभ्र सुरेश्वरी सरस्वती। वीणा वादिनी, विद्या दायिनी, सुर प्रदायिनी, माँ सरस्वती। ज्ञान की देवी, ज्ञान से भर दो, पूरण कर दो माँ सरस्वती। पूरण कर दो माँ सरस्वती। पूरण कर दो माँ सरस्वती।
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करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा। तेरी गणेशा, सुत गौरी महेशा, तेरी गणेशा ,सुत गौरी महेशा। करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा॥ सब सज्जन के, हो रखवाले, सब सज्जन के, हो रखवाले। तू ही जो हर, विघ्न को टाले, तू ही जो, हर विघ्नों, को टाले। मेरे मिटाओ सब, संकट कलेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा॥ गजमुखासुर, तुमसे हारा, तुम्हरी बुद्धि ने उसे तारा। गजमुखासुर, तुमसे हारा, तुम्हरी बुद्धि, ने उसे तारा। बना के वाहन, रखा हमेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा॥ बुद्धि का फल, देने वाले, बुद्धि का फल, देने वाले। हम सब तो हैं, तेरे हवाले, हम सब तो, प्रभु तेरे हवाले। रहे अवि, तेरा दास हमेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा॥ तेरी गणेशा, सुत गौरी महेशा, तेरी गणेशा, सुत गौरी महेशा। करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा॥ हे वक्रतुंड, धूम्रवर्ण, भालचंद्र, एकदंत। भक्तों की रक्षा कीजै, दीजै बुद्धि और बल अखंड॥ ॐ गणपति गौरीसुत गणेश की जय॥
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May 12
May 12, 2026 at 8:36 AM UTC
Ganesh Aarti
करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा। तेरी गणेशा, सुत गौरी महेशा, तेरी गणेशा ,सुत गौरी महेशा। करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा॥ सब सज्जन के, हो रखवाले, सब सज्जन के, हो रखवाले। तू ही जो हर, विघ्न को टाले, तू ही जो, हर विघ्नों, को टाले। मेरे मिटाओ सब, संकट कलेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा॥ गजमुखासुर, तुमसे हारा, तुम्हरी बुद्धि ने उसे तारा। गजमुखासुर, तुमसे हारा, तुम्हरी बुद्धि, ने उसे तारा। बना के वाहन, रखा हमेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा॥ बुद्धि का फल, देने वाले, बुद्धि का फल, देने वाले। हम सब तो हैं, तेरे हवाले, हम सब तो, प्रभु तेरे हवाले। रहे अवि, तेरा दास हमेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा॥ तेरी गणेशा, सुत गौरी महेशा, तेरी गणेशा, सुत गौरी महेशा। करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा, करूँ मैं आरती तेरी, गणेशा॥ हे वक्रतुंड, धूम्रवर्ण, भालचंद्र, एकदंत। भक्तों की रक्षा कीजै, दीजै बुद्धि और बल अखंड॥ ॐ गणपति गौरीसुत गणेश की जय॥
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हे मेरे प्रभु, आओ आओ प्रभु, मैं खड़ी सजाए थाल, प्रभु अब आकर भोग लगाओ। आओ आओ प्रभु जी, भोग लगाओ प्रभु जी, मैं खड़ी सजाए थाल, प्रभु अब आकर भोग लगाओ, आकर भोग लगाओ। माखन मिश्री, फल और मेवा, माखन मिश्री, फल और मेवा, करूं तुम्हारी मन से सेवा। माखन मिश्री, फल और मेवा, माखन मिश्री, फल और मेवा, करूं तुम्हारी मन से सेवा। कर दो बेड़ा पार प्रभु, अब आकर भोग लगाओ, मैं खड़ी सजाए थाल, प्रभु अब आकर भोग लगाओ। आओ आओ प्रभु जी, भोग लगाओ प्रभु जी। भोग लगाओ कर दो अमृत, भोग लगाओ कर दो अमृत, अधर लगा लो ये चरणामृत, पावन कर जाओ, प्रभु अब आकर भोग लगाओ। मैं खड़ी सजाए थाल, प्रभु अब आकर भोग लगाओ, प्रभु अब आकर भोग लगाओ। जो भी है सब तुझको अर्पण, कर दूँ सब तुझको ये समर्पण, मेरा मान बढ़ाओ, प्रभु अब आकर भोग लगाओ। मैं खड़ी सजाए थाल, प्रभु अब आकर भोग लगाओ, प्रभु अब आकर भोग लगाओ।
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May 12
May 12, 2026 at 5:28 AM UTC
Hey mere prabhu
हे मेरे प्रभु, आओ आओ प्रभु, मैं खड़ी सजाए थाल, प्रभु अब आकर भोग लगाओ। आओ आओ प्रभु जी, भोग लगाओ प्रभु जी, मैं खड़ी सजाए थाल, प्रभु अब आकर भोग लगाओ, आकर भोग लगाओ। माखन मिश्री, फल और मेवा, माखन मिश्री, फल और मेवा, करूं तुम्हारी मन से सेवा। माखन मिश्री, फल और मेवा, माखन मिश्री, फल और मेवा, करूं तुम्हारी मन से सेवा। कर दो बेड़ा पार प्रभु, अब आकर भोग लगाओ, मैं खड़ी सजाए थाल, प्रभु अब आकर भोग लगाओ। आओ आओ प्रभु जी, भोग लगाओ प्रभु जी। भोग लगाओ कर दो अमृत, भोग लगाओ कर दो अमृत, अधर लगा लो ये चरणामृत, पावन कर जाओ, प्रभु अब आकर भोग लगाओ। मैं खड़ी सजाए थाल, प्रभु अब आकर भोग लगाओ, प्रभु अब आकर भोग लगाओ। जो भी है सब तुझको अर्पण, कर दूँ सब तुझको ये समर्पण, मेरा मान बढ़ाओ, प्रभु अब आकर भोग लगाओ। मैं खड़ी सजाए थाल, प्रभु अब आकर भोग लगाओ, प्रभु अब आकर भोग लगाओ।
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कैसे छू लूं मैं तुमको, कहीं तेरा मैं हो ना जाऊँ, कैसे कह दूँ मैं तुमको, जो मैं कभी ना कह पाऊँ। कैसी कश्मकश है ये तो, बैठी तुम हो पर फिर भी मैं, कहना चाहूँ पर फिर भी, लब को कैसे समझाऊँ। कैसे छू लूं मैं तुमको, कहीं तेरा मैं हो ना जाऊँ, कैसे छू लूं मैं तुमको, कहीं तेरा मैं हो ना जाऊँ। नाज़ुक सा दिल है तेरा, ना टूटे ये डर लगता है, बढ़ कर इस रिश्ते से, कुछ है पर क्यों कम लगता है। होना मैं चाहूँ तेरा, क्या तू भी चाहे कुछ ऐसा, किस्से अपनी यादों के, पन्नों में ना यूँ रह जाएँ। कैसे छू लूं मैं तुमको, कहीं तेरा मैं हो ना जाऊँ, कैसे छू लूं मैं तुमको, कहीं तेरा मैं हो ना जाऊँ। देखूँ मैं तुझको बस यूँ, आँखों से समझ तुम जाना, पलकों की दस्तक से तुम, अपने दिल को समझाना। कैसे छू लूं मैं तुमको, कहीं तेरा मैं हो ना जाऊँ, कैसे कह दूँ मैं तुमको, जो मैं कभी ना कह पाऊँ।
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May 12
May 12, 2026 at 4:58 AM UTC
Untitled
कैसे छू लूं मैं तुमको, कहीं तेरा मैं हो ना जाऊँ, कैसे कह दूँ मैं तुमको, जो मैं कभी ना कह पाऊँ। कैसी कश्मकश है ये तो, बैठी तुम हो पर फिर भी मैं, कहना चाहूँ पर फिर भी, लब को कैसे समझाऊँ। कैसे छू लूं मैं तुमको, कहीं तेरा मैं हो ना जाऊँ, कैसे छू लूं मैं तुमको, कहीं तेरा मैं हो ना जाऊँ। नाज़ुक सा दिल है तेरा, ना टूटे ये डर लगता है, बढ़ कर इस रिश्ते से, कुछ है पर क्यों कम लगता है। होना मैं चाहूँ तेरा, क्या तू भी चाहे कुछ ऐसा, किस्से अपनी यादों के, पन्नों में ना यूँ रह जाएँ। कैसे छू लूं मैं तुमको, कहीं तेरा मैं हो ना जाऊँ, कैसे छू लूं मैं तुमको, कहीं तेरा मैं हो ना जाऊँ। देखूँ मैं तुझको बस यूँ, आँखों से समझ तुम जाना, पलकों की दस्तक से तुम, अपने दिल को समझाना। कैसे छू लूं मैं तुमको, कहीं तेरा मैं हो ना जाऊँ, कैसे कह दूँ मैं तुमको, जो मैं कभी ना कह पाऊँ।
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हे बजरंग, महा बलवाना, पवन सुताः तुम सेवक रामा, हे बजरंग, महा बलवाना, पवन सुताः तुम सेवक रामा। हे बजरंग, महा बलवाना, हे बजरंग, महा बलवाना। कष्ट हरो तुम, संकट टालो, तुम भक्तों को पार उतारो। कष्ट हरो तुम, संकट टालो, तुम भक्तों को पार उतारो। पूरण कर दो सारे कामा, हे बजरंग, महा बलवाना, हे बजरंग, महा बलवाना। तुम्हें पुकारूँ, करूँ मैं वंदन, तुम्हें पुकारूँ, करूँ मैं वंदन। करो कृपा हे अंजनी नंदन, करो कृपा हे अंजनी नंदन। आन विराजो तुम संग रामा, हे बजरंग, महा बलवाना, पवन सुताः तुम सेवक रामा। हे बजरंग, महा बलवाना, पवन सुताः तुम सेवक रामा। हे बजरंग, महा बलवाना, हे बजरंग, महा बलवाना।
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May 11
May 11, 2026 at 11:52 PM UTC
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