एक तरफ गाँव हो एक तरफ मन्दिर
गाँव में बलात्कार हो तो चीखें सुनाई पड़ती है
गाँव के लोग इकठ्ठा हो जाते हैं
वही मँदिर में करके देखिए कुछ नहीं..
कोई नहीं सुनता है।
ऐसा क्यों? क्योंकि मूर्ति में कोई भगवान नहीं है
मूर्ति में सिर्फ अंधविश्वास है, पाखंडों की चेतना है,
पाखंडों के विवेक है, जो आपको उलझाए हुए है।
Feb 24
Feb 24, 2026 at 1:56 AM UTC
एक तरफ गाँव हो एक तरफ मन्दिर
गाँव में बलात्कार हो तो चीखें सुनाई पड़ती है
गाँव के लोग इकठ्ठा हो जाते हैं
वही मँदिर में करके देखिए कुछ नहीं..
कोई नहीं सुनता है।
ऐसा क्यों? क्योंकि मूर्ति में कोई भगवान नहीं है
मूर्ति में सिर्फ अंधविश्वास है, पाखंडों की चेतना है,
पाखंडों के विवेक है, जो आपको उलझाए हुए है।
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