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ManojKumaryakta
On one side is a village and on the other is a temple. If a **** occurs in the village, screams are heard. The villagers gather. Try the same thing in the temple, nothing happens... No one listens. Why is this? Because there is no God in the idol. The idol contains only superstition, the consciousness of hypocrisy, the conscience of hypocrisy, which is what is entangled you.
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Feb 24
Feb 24, 2026 at 2:02 AM UTC
consciousness of hypocrisy
एक तरफ गाँव हो एक तरफ मन्दिर गाँव में बलात्कार हो तो चीखें सुनाई पड़ती है गाँव के लोग इकठ्ठा हो जाते हैं वही मँदिर में करके देखिए कुछ नहीं.. कोई नहीं सुनता है। ऐसा क्यों? क्योंकि मूर्ति में कोई भगवान नहीं है मूर्ति में सिर्फ अंधविश्वास है, पाखंडों की चेतना है, पाखंडों के विवेक है, जो आपको उलझाए हुए है।
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Feb 24
Feb 24, 2026 at 1:56 AM UTC
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एक तरफ गाँव हो एक तरफ मन्दिर गाँव में बलात्कार हो तो चीखें सुनाई पड़ती है गाँव के लोग इकठ्ठा हो जाते हैं वही मँदिर में करके देखिए कुछ नहीं.. कोई नहीं सुनता है। ऐसा क्यों? क्योंकि मूर्ति में कोई भगवान नहीं है मूर्ति में सिर्फ अंधविश्वास है, पाखंडों की चेतना है, पाखंडों के विवेक है, जो आपको उलझाए हुए है।
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Feb 24, 2026 at 1:56 AM UTC
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एक तरफ गाँव हो एक तरफ मन्दिर गाँव में बलात्कार हो तो चीखें सुनाई पड़ती है गाँव के लोग इकठ्ठा हो जाते हैं वही मँदिर में करके देखिए कुछ नहीं.. कोई नहीं सुनता है। ऐसा क्यों? क्योंकि मूर्ति में कोई भगवान नहीं है मूर्ति में सिर्फ अंधविश्वास है, पाखंडों की चेतना है, पाखंडों के विवेक है, जो आपको उलझाए हुए है।
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एक तरफ गाँव हो एक तरफ मन्दिर गाँव में बलात्कार हो तो चीखें सुनाई पड़ती है गाँव के लोग इकठ्ठा हो जाते हैं वही मँदिर में करके देखिए कुछ नहीं.. कोई नहीं सुनता है। ऐसा क्यों? क्योंकि मूर्ति में कोई भगवान नहीं है मूर्ति में सिर्फ अंधविश्वास है, पाखंडों की चेतना है, पाखंडों के विवेक है, जो आपको उलझाए हुए है।
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एक तरफ गाँव हो एक तरफ मन्दिर गाँव में बलात्कार हो तो चीखें सुनाई पड़ती है गाँव के लोग इकठ्ठा हो जाते हैं वही मँदिर में करके देखिए कुछ नहीं.. कोई नहीं सुनता है। ऐसा क्यों? क्योंकि मूर्ति में कोई भगवान नहीं है मूर्ति में सिर्फ अंधविश्वास है, पाखंडों की चेतना है, पाखंडों के विवेक है, जो आपको उलझाए हुए है।
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एक तरफ गाँव हो एक तरफ मन्दिर गाँव में बलात्कार हो तो चीखें सुनाई पड़ती है गाँव के लोग इकठ्ठा हो जाते हैं वही मँदिर में करके देखिए कुछ नहीं.. कोई नहीं सुनता है। ऐसा क्यों? क्योंकि मूर्ति में कोई भगवान नहीं है मूर्ति में सिर्फ अंधविश्वास है, पाखंडों की चेतना है, पाखंडों के विवेक है, जो आपको उलझाए हुए है।
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