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तेरी आँखों में यूँ डूब सा गया, तेरे चेहरे में यूँ खो सा गया। शायर था, पर शायरी लिखना भूल गया, सोचा था लफ़्ज़ों में उतारूँ तुझे, पर वो लफ़्ज़ ही नहीं मिले, जो निखार सकें तुझे
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Feb 3, 2025
Feb 3, 2025 at 11:56 PM UTC
लफ़्ज कम पड़ गए
तेरी आँखों में यूँ डूब सा गया, तेरे चेहरे में यूँ खो सा गया। शायर था, पर शायरी लिखना भूल गया, सोचा था लफ़्ज़ों में उतारूँ तुझे, पर वो लफ़्ज़ ही नहीं मिले, जो निखार सकें तुझे
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Written by
15/M/Maharashtra
Feb 3, 2025
Feb 3, 2025 at 11:56 PM UTC
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