अब सब कुछ धुंदला सा दिखता हैं मुझे ,
क्या ये मेरी आँखों पर पर्दा हैं , या उम्र का तकाज़ा हैं।
तेरा चेहरा फिर भी साफ़ दिखता हैं मुझे ,
ये मेरे मन का वहम हैं, या तेरी यादों का साया हैं।
कैसे कटता हैं मेरा दिन , ये सिर्फ मैं ही जानता हूँ ,
या खुदा ये कैसा हाल बनाया है।
Feb 20, 2025
Feb 20, 2025 at 2:55 PM UTC
अब सब कुछ धुंदला सा दिखता हैं मुझे ,
क्या ये मेरी आँखों पर पर्दा हैं , या उम्र का तकाज़ा हैं।
तेरा चेहरा फिर भी साफ़ दिखता हैं मुझे ,
ये मेरे मन का वहम हैं, या तेरी यादों का साया हैं।
कैसे कटता हैं मेरा दिन , ये सिर्फ मैं ही जानता हूँ ,
या खुदा ये कैसा हाल बनाया है।
Everything appears blurry, whether due to aging or destiny,
Yet your face remains vivid, lingering in my heart like an unshaken memory.