चेहरे पर सुकून बस दिखाने भर का है ,
वरना बेचैन तो बस तुझे देखने का है|
हिम्मत नहीं , तुझे खोने की ,
तलब कुछ मेरे अंदर है |
चाहत बता रहीं फ़ासलो की मोहब्बत ,
अब बस तुमसे मिल कर,
थोड़ा गुरुर लाना है ||
Dec 31, 2020
Dec 31, 2020 at 12:58 PM UTC
चेहरे पर सुकून बस दिखाने भर का है ,
वरना बेचैन तो बस तुझे देखने का है|
हिम्मत नहीं , तुझे खोने की ,
तलब कुछ मेरे अंदर है |
चाहत बता रहीं फ़ासलो की मोहब्बत ,
अब बस तुमसे मिल कर,
थोड़ा गुरुर लाना है ||
