Hello Poetry
Submit your work and get some sparkles! Create free account
जो हमे नामंजूर है वो कसूर बार बार करते हो, प्यार हमे है तुमसे, और तुम गेरों से आंखे चार करते हो भूल जाते हैं हम भी गीले शिकवे सारे, जब तुम मुस्कुराते हो, और कहते हो के हमे प्यार करते हो
0
Dec 12, 2019
Dec 12, 2019 at 12:43 PM UTC
Shikwa
जो हमे नामंजूर है वो कसूर बार बार करते हो, प्यार हमे है तुमसे, और तुम गेरों से आंखे चार करते हो भूल जाते हैं हम भी गीले शिकवे सारे, जब तुम मुस्कुराते हो, और कहते हो के हमे प्यार करते हो
itssadyboy
Written by
21/M/India
Dec 12, 2019
Dec 12, 2019 at 12:43 PM UTC
Request permission to use this poem