Hello Poetry
Submit your work and get some sparkles! Create free account
ओ मेरे पहले प्रेम तू मुझे याद ना आया कर तेरे बिन अधूरा हूँ मैं तू ना मुझे सताया कर याद तेरी जब आती है अंदर से टूट जाता हूँ कितने आँसू आते है मगर किसी को ना बताता हूँ अब रातो में आकर तू ना मुझे जगाया कर ओ मेरे पहले प्रेम तू मुझे याद ना आया कर देखा था जब मैंने तुझको तू थोड़ा शरमाई थी अपने दिल के अंदर तूने कितनी बात छुपाई थी जब मेरे वादे सुनकर तेरी आँखें भर आई थी मुझसे मिलने के लिए तू मेरे घर तक आई थी अब अपनी यादोें के सहारे तू मुझको ना रुलाया कर ओ मेरे पहले प्रेम तू मुझे याद ना आया कर याद है मुझको वो हर पल जो तेरे साथ बिताया था ढूंढ रहा हूँ तेरा घर जो तूने मुझे दिखाया था कोई मेरा प्यार क्या समझे तू तो बस मेरा है बिन तेरे इस ज़िंदगी में हर तरफ अँधेरा है तेरी खातिर मैंने कितना दर्द यह झेला है कुछ गलत ना कर बैठे दिल बहुत अकेला है अब मुझे दूर रहकर तू इस दिल को ना जलाया कर ओ मेरे पहले प्रेम तू मुझे याद ना आया कर Dhaneshwar Dutt
0
Jul 26, 2019
Jul 26, 2019 at 4:26 AM UTC
My first Love
ओ मेरे पहले प्रेम तू मुझे याद ना आया कर तेरे बिन अधूरा हूँ मैं तू ना मुझे सताया कर याद तेरी जब आती है अंदर से टूट जाता हूँ कितने आँसू आते है मगर किसी को ना बताता हूँ अब रातो में आकर तू ना मुझे जगाया कर ओ मेरे पहले प्रेम तू मुझे याद ना आया कर देखा था जब मैंने तुझको तू थोड़ा शरमाई थी अपने दिल के अंदर तूने कितनी बात छुपाई थी जब मेरे वादे सुनकर तेरी आँखें भर आई थी मुझसे मिलने के लिए तू मेरे घर तक आई थी अब अपनी यादोें के सहारे तू मुझको ना रुलाया कर ओ मेरे पहले प्रेम तू मुझे याद ना आया कर याद है मुझको वो हर पल जो तेरे साथ बिताया था ढूंढ रहा हूँ तेरा घर जो तूने मुझे दिखाया था कोई मेरा प्यार क्या समझे तू तो बस मेरा है बिन तेरे इस ज़िंदगी में हर तरफ अँधेरा है तेरी खातिर मैंने कितना दर्द यह झेला है कुछ गलत ना कर बैठे दिल बहुत अकेला है अब मुझे दूर रहकर तू इस दिल को ना जलाया कर ओ मेरे पहले प्रेम तू मुझे याद ना आया कर Dhaneshwar Dutt
dhaneshwardutt
Written by
25/M/India
Jul 26, 2019
Jul 26, 2019 at 4:26 AM UTC
Request permission to use this poem