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dhaneshwardutt
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25/M/India Dhaneshwar Dutt is an Indian writer, poet and social activist. His way of writing novels and poems is amazing. He likes to write poems and stories on subjects like crime, fantasy, horror, Adult Erotic and teenage love.
Having a boyfriend or girlfriend is not love....But Having someone in your life on whom you have blind faith that even if you hurt them to the extreme they will still hold your hand and say:..."I was, I am, and I will always be yours" That's Love ......
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Jun 22, 2021
Jun 22, 2021 at 1:31 AM UTC
That Is Love ❤️
It’s so difficult to describe depression to someone who’s never been there, because it’s not sadness. I know sadness. Sadness is to cry and to feel. But it’s that cold absence of feeling— that really hollowed-out feeling.
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Jun 17, 2021
Jun 17, 2021 at 4:34 PM UTC
Depression
Nowadays people have forgotten to love. Everyday people are changing girlfriends and boyfriends like changing clothes. People have made love for business nowadays. Nobody appreciates true feelings and Everyone is giving more importance to body and money. Nowadays no one loves the heart, even though someone loves the heart but no one appreciates their love. If both lovers are true lovers, then this society and their family never allows their love to succeed.
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Jun 9, 2021
Jun 9, 2021 at 6:08 AM UTC
Love In Nowadays
चाँद चांदनी को चाहता है जिस कदर, वैसे चाहूँ मैं तुझे। मेरी एक ख्वाहिश तू मेरी बन जा या अपना बना ले मुझे। मुझे अच्छी तरह याद है वो दिन, जब हम बस में मिले थे। जाने अनजाने सही दिल मे प्यार के कुछ फूल खिले थे ये भी याद है तुम ने उस दिन क्या पहना हुआ था, तुमसे क्या बोलू ये सोचकर दिल बहुत सहमा हुआ था। बस उस दिन के बाद मेरा दिल तेरी याद में सदा डूबे, तुम्हारे बिना इस दिल को और कुछ भी नहीं सूझे, तुम मेरे पास होती हो तो मुझे लगता है इस दुनिया की हर ख़ुशी है मेरे पास है तुम नही हो अगर इस ज़िंदगी मे…. फिर इस जिंदगी का हर एक पल उदास है। मैं समझ जाऊँ सबकुछ कभी इशारों में कहो तुम क्या हो मेरे लिए, तुम कितनी जरूरी हो दिल नही जानता मोहब्बत, क्या है गलत क्या सही दिल की कुछ हज़ारो बाते जो मैंने तुमसे नही कही। तुम्हारी बातों से हो जाता हूँ मदहोश दिल को नही रह पाता है कुछ भी होश। दिल पर मेरे अब मेरा बस नही ज़िंदगी तुम्हारे बिना ज़िंदगी नही ये दिल बस तुम्हें खुश देखना चाहता है, मोहब्बत के सिवा मुझे कुछ नही आता है जब तुम खुश होती हो तो मुझे सारी कयानात खुश नज़र आती है, जब तुम कभी उदास होती हो तब मेरी दुनियाँ उदास हो जाती है। ना मेरे पास ज़्यादा पैसा, ना ज़्यादा दौलत, ना शौहरत। ये चीज़े नही काम की बस ज़िंदगी में है तुम्हारी जरूरत मगर दिल चाहता है तुमको वो हर चीज़ जरूर मिले। हम दोनों के बीच कभी ना हो कोई शिखवा और गीले। प्यार नही है तुमसे, चली जाओ, मैं ऐसा कभी ना कहूँगा तुम्हें प्यार करता था, करता हूँ और हमेेेशा करता रहूँगा।
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Mar 16, 2021
Mar 16, 2021 at 10:49 PM UTC
Love Poetry By Dhaneshwar Dutt (प्रेम कविता)
चाँद चांदनी को चाहता है जिस कदर, वैसे चाहूँ मैं तुझे। मेरी एक ख्वाहिश तू मेरी बन जा या अपना बना ले मुझे। मुझे अच्छी तरह याद है वो दिन, जब हम बस में मिले थे। जाने अनजाने सही दिल मे प्यार के कुछ फूल खिले थे ये भी याद है तुम ने उस दिन क्या पहना हुआ था, तुमसे क्या बोलू ये सोचकर दिल बहुत सहमा हुआ था। बस उस दिन के बाद मेरा दिल तेरी याद में सदा डूबे, तुम्हारे बिना इस दिल को और कुछ भी नहीं सूझे, तुम मेरे पास होती हो तो मुझे लगता है इस दुनिया की हर ख़ुशी है मेरे पास है तुम नही हो अगर इस ज़िंदगी मे…. फिर इस जिंदगी का हर एक पल उदास है। मैं समझ जाऊँ सबकुछ कभी इशारों में कहो तुम क्या हो मेरे लिए, तुम कितनी जरूरी हो दिल नही जानता मोहब्बत, क्या है गलत क्या सही दिल की कुछ हज़ारो बाते जो मैंने तुमसे नही कही। तुम्हारी बातों से हो जाता हूँ मदहोश दिल को नही रह पाता है कुछ भी होश। दिल पर मेरे अब मेरा बस नही ज़िंदगी तुम्हारे बिना ज़िंदगी नही ये दिल बस तुम्हें खुश देखना चाहता है, मोहब्बत के सिवा मुझे कुछ नही आता है जब तुम खुश होती हो तो मुझे सारी कयानात खुश नज़र आती है, जब तुम कभी उदास होती हो तब मेरी दुनियाँ उदास हो जाती है। ना मेरे पास ज़्यादा पैसा, ना ज़्यादा दौलत, ना शौहरत। ये चीज़े नही काम की बस ज़िंदगी में है तुम्हारी जरूरत मगर दिल चाहता है तुमको वो हर चीज़ जरूर मिले। हम दोनों के बीच कभी ना हो कोई शिखवा और गीले। प्यार नही है तुमसे, चली जाओ, मैं ऐसा कभी ना कहूँगा तुम्हें प्यार करता था, करता हूँ और हमेेेशा करता रहूँगा।
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अब बात नही होती अब मिलते भी नही है अब ब्लॉक भी कर दिया है अब सारी तस्वीरे भी जला दी है अब फोन का नम्बर तक डिलीट कर दिया है उसकी यादे भी अपने दिल में दबा दी है। अब उसको याद करके रोया भी नही जाता। लगभग कुछ भी नही बचा अब हम दोनों के बीच . . . . मगर ये कैसा इश्क़ है खत्म होने का नाम ही नही लेता
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Aug 7, 2019
Aug 7, 2019 at 4:49 AM UTC
ab baat nhi Hoti (अब बात नही होती)
नशे की यह लत करदेती है बेकार। अच्छा खासा उजड़ जाता है परिवार। नशे की यह आदत कितनो को खा गई। अच्छी खासी ज़िन्दगी पानी में मिला गई। ज़िन्दगी में हर पल क्यों रहता है परेशान । नशे का गुलाम ख़ुद करता है अपना नुकसान अकेला रह जाता है, साथ छूट जाता है। तब ज़िन्दगी में नही बच पाता है प्यार। नशे की यह लत कर देती है बेकार। अच्छा खासा उजड़ जाता है परिवार। ये ज़हर पहले तू ख़ुद पी जाता है। फिर बाद में दुसरो को पिलाता है। कभी दो घूंट लगाता है, धुँआ उड़ाता है। नशा करके शायद तुझे बड़ा मज़ा आता है। क्या यह नशा ही अब तेरी जरूरत है। बिना नशे के यह दुनियाँ बहुत खूबसूरत है। बिक चुके सबके घर, मैदान, खेत और चौबारे। नशा करके घूम रहे है, आज युवा सारे। नशे की लत से हो चुके सब बेरोजगार। कोई और नही तुम स्वयं हो इसके जिम्मेदार। नशे की यह लत कर देती है बेकार। अच्छा खासा उजड़ जाता है परिवार। नशा कर देगा ज़िन्दगी में घाव बहुत गहरा। अंधेरे में जियेगा, ना हो पायेगा कभी सवेरा। नशे की आदत में खुद नष्ट हो जायेगा। एक दिन इस दुनियाँ से ही खो जायेगा। छोड़ दे यह नशा आदत बहुत बेकार है। इससे तू नही हर कोई आज परेशान है। किसने नशा बनाया कौन है सबका गुनहगार। पता नही कब बंद होगा यह सारा कारोबार। नशे की यह आदत कर देती है बेकार। अच्छा खासा उजड़ जाता है परिवार। Dhaneshwar Dutt
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Jul 26, 2019
Jul 26, 2019 at 4:45 AM UTC
Poetry On Drugs Addict
नशे की यह लत करदेती है बेकार। अच्छा खासा उजड़ जाता है परिवार। नशे की यह आदत कितनो को खा गई। अच्छी खासी ज़िन्दगी पानी में मिला गई। ज़िन्दगी में हर पल क्यों रहता है परेशान । नशे का गुलाम ख़ुद करता है अपना नुकसान अकेला रह जाता है, साथ छूट जाता है। तब ज़िन्दगी में नही बच पाता है प्यार। नशे की यह लत कर देती है बेकार। अच्छा खासा उजड़ जाता है परिवार। ये ज़हर पहले तू ख़ुद पी जाता है। फिर बाद में दुसरो को पिलाता है। कभी दो घूंट लगाता है, धुँआ उड़ाता है। नशा करके शायद तुझे बड़ा मज़ा आता है। क्या यह नशा ही अब तेरी जरूरत है। बिना नशे के यह दुनियाँ बहुत खूबसूरत है। बिक चुके सबके घर, मैदान, खेत और चौबारे। नशा करके घूम रहे है, आज युवा सारे। नशे की लत से हो चुके सब बेरोजगार। कोई और नही तुम स्वयं हो इसके जिम्मेदार। नशे की यह लत कर देती है बेकार। अच्छा खासा उजड़ जाता है परिवार। नशा कर देगा ज़िन्दगी में घाव बहुत गहरा। अंधेरे में जियेगा, ना हो पायेगा कभी सवेरा। नशे की आदत में खुद नष्ट हो जायेगा। एक दिन इस दुनियाँ से ही खो जायेगा। छोड़ दे यह नशा आदत बहुत बेकार है। इससे तू नही हर कोई आज परेशान है। किसने नशा बनाया कौन है सबका गुनहगार। पता नही कब बंद होगा यह सारा कारोबार। नशे की यह आदत कर देती है बेकार। अच्छा खासा उजड़ जाता है परिवार। Dhaneshwar Dutt
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बाँसुरी चली आओ होंठो का निमंत्रण है तुम्हे बुलाया कान्हा ने आज दिया आमंत्रण है बिन तुम्हारे कान्हा अधूरा है गोपियों के मन में उलझन है बाँसुरी चली आओ होंठों का निमंत्रण है जितनी राधा प्यारी है उतनी तुम भी प्यारी हो होंठों से कुछ ऐसी धुन निकलू जो सबसे निराली हो बिन तुम्हारे हर तरफ कितनी उदासी है तुमसे मिलने को अब तक मेरी आँखें प्यासी है मेरे होंठों से निकला हर स्वर तुमको अर्पण है बाँसुरी चली आओ होंठों का निमंत्रण है हर तरफ इस दुनिया में कितना अंधकार है बिन तुम्हारे जीना मुझे नही स्वीकार है तुम्हारी प्यारी धुन गोपियों को सुनानी है मेरे संग यह गोपियाँ भी तुम्हारी दीवानी है तान भावना की है शब्द शब्द तर्पण है बांसुरी चली आओ होंठों का निमंत्रण है बिन तुम्हारे मेरी हस्ती अधूरी है तुम चली आओ गीत गाना जरूरी है तुम नही आयी तो गीत गा नही पाऊँगा स्वर तो खीचूँगा पर सजा नही पाऊँगा अंधकार को मिटाने की बस एक ही किरण है बाँसुरी चली आओ होंठों का निमंत्रण है
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Jul 26, 2019
Jul 26, 2019 at 4:41 AM UTC
Bansuri Chali Aao
बाँसुरी चली आओ होंठो का निमंत्रण है तुम्हे बुलाया कान्हा ने आज दिया आमंत्रण है बिन तुम्हारे कान्हा अधूरा है गोपियों के मन में उलझन है बाँसुरी चली आओ होंठों का निमंत्रण है जितनी राधा प्यारी है उतनी तुम भी प्यारी हो होंठों से कुछ ऐसी धुन निकलू जो सबसे निराली हो बिन तुम्हारे हर तरफ कितनी उदासी है तुमसे मिलने को अब तक मेरी आँखें प्यासी है मेरे होंठों से निकला हर स्वर तुमको अर्पण है बाँसुरी चली आओ होंठों का निमंत्रण है हर तरफ इस दुनिया में कितना अंधकार है बिन तुम्हारे जीना मुझे नही स्वीकार है तुम्हारी प्यारी धुन गोपियों को सुनानी है मेरे संग यह गोपियाँ भी तुम्हारी दीवानी है तान भावना की है शब्द शब्द तर्पण है बांसुरी चली आओ होंठों का निमंत्रण है बिन तुम्हारे मेरी हस्ती अधूरी है तुम चली आओ गीत गाना जरूरी है तुम नही आयी तो गीत गा नही पाऊँगा स्वर तो खीचूँगा पर सजा नही पाऊँगा अंधकार को मिटाने की बस एक ही किरण है बाँसुरी चली आओ होंठों का निमंत्रण है
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दिल से दिल का यह रिश्ता हमारा तुम हो मेरी और मैं हूँ तुम्हारा मौसम है यह कितना सुहाना मुझको दिल का है राज़ बताना मैंने तुमसे प्यार किया है तुमको अपना दिल यह दिया है तेरी चाहत में हूँ दीवाना तेरे संग जीवन है बिताना दिल से दिल का यह रिश्ता हमारा तुम हो मेरी और मैं हूँ तुम्हारा तेरी यादें दिल को जलाये रातो को मुझे नींद ना आये दिल चाहता है करना बाते जब आती है तेरी यादें तेरे बिन तो मैं हूँ अधूरा तुम मिल जाओ तो मैं हूँ पूरा तेरे संग यह ज़िंदगी गुज़ारु तुझको आपने दिल में छुपा लू तुझको दिल के मैं राज़ बताऊ तुझसे किया हर वादा निभाऊ तुझसे मेरा यह रिश्ता है गहरा हर पल दिखता है चेहरा तेरा ज़िंदगी में है अब हर पल अँधेरा तुम आजाओ तो होगा सवेरा दिल से दिल का यह रिश्ता हमारा तुम हो मेरी और मैं हूँ तुम्हारा Dhaneshwar
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Jul 26, 2019
Jul 26, 2019 at 4:32 AM UTC
Tum ** Meri
दिल से दिल का यह रिश्ता हमारा तुम हो मेरी और मैं हूँ तुम्हारा मौसम है यह कितना सुहाना मुझको दिल का है राज़ बताना मैंने तुमसे प्यार किया है तुमको अपना दिल यह दिया है तेरी चाहत में हूँ दीवाना तेरे संग जीवन है बिताना दिल से दिल का यह रिश्ता हमारा तुम हो मेरी और मैं हूँ तुम्हारा तेरी यादें दिल को जलाये रातो को मुझे नींद ना आये दिल चाहता है करना बाते जब आती है तेरी यादें तेरे बिन तो मैं हूँ अधूरा तुम मिल जाओ तो मैं हूँ पूरा तेरे संग यह ज़िंदगी गुज़ारु तुझको आपने दिल में छुपा लू तुझको दिल के मैं राज़ बताऊ तुझसे किया हर वादा निभाऊ तुझसे मेरा यह रिश्ता है गहरा हर पल दिखता है चेहरा तेरा ज़िंदगी में है अब हर पल अँधेरा तुम आजाओ तो होगा सवेरा दिल से दिल का यह रिश्ता हमारा तुम हो मेरी और मैं हूँ तुम्हारा Dhaneshwar
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ओ मेरे पहले प्रेम तू मुझे याद ना आया कर तेरे बिन अधूरा हूँ मैं तू ना मुझे सताया कर याद तेरी जब आती है अंदर से टूट जाता हूँ कितने आँसू आते है मगर किसी को ना बताता हूँ अब रातो में आकर तू ना मुझे जगाया कर ओ मेरे पहले प्रेम तू मुझे याद ना आया कर देखा था जब मैंने तुझको तू थोड़ा शरमाई थी अपने दिल के अंदर तूने कितनी बात छुपाई थी जब मेरे वादे सुनकर तेरी आँखें भर आई थी मुझसे मिलने के लिए तू मेरे घर तक आई थी अब अपनी यादोें के सहारे तू मुझको ना रुलाया कर ओ मेरे पहले प्रेम तू मुझे याद ना आया कर याद है मुझको वो हर पल जो तेरे साथ बिताया था ढूंढ रहा हूँ तेरा घर जो तूने मुझे दिखाया था कोई मेरा प्यार क्या समझे तू तो बस मेरा है बिन तेरे इस ज़िंदगी में हर तरफ अँधेरा है तेरी खातिर मैंने कितना दर्द यह झेला है कुछ गलत ना कर बैठे दिल बहुत अकेला है अब मुझे दूर रहकर तू इस दिल को ना जलाया कर ओ मेरे पहले प्रेम तू मुझे याद ना आया कर Dhaneshwar Dutt
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Jul 26, 2019
Jul 26, 2019 at 4:26 AM UTC
My first Love
ओ मेरे पहले प्रेम तू मुझे याद ना आया कर तेरे बिन अधूरा हूँ मैं तू ना मुझे सताया कर याद तेरी जब आती है अंदर से टूट जाता हूँ कितने आँसू आते है मगर किसी को ना बताता हूँ अब रातो में आकर तू ना मुझे जगाया कर ओ मेरे पहले प्रेम तू मुझे याद ना आया कर देखा था जब मैंने तुझको तू थोड़ा शरमाई थी अपने दिल के अंदर तूने कितनी बात छुपाई थी जब मेरे वादे सुनकर तेरी आँखें भर आई थी मुझसे मिलने के लिए तू मेरे घर तक आई थी अब अपनी यादोें के सहारे तू मुझको ना रुलाया कर ओ मेरे पहले प्रेम तू मुझे याद ना आया कर याद है मुझको वो हर पल जो तेरे साथ बिताया था ढूंढ रहा हूँ तेरा घर जो तूने मुझे दिखाया था कोई मेरा प्यार क्या समझे तू तो बस मेरा है बिन तेरे इस ज़िंदगी में हर तरफ अँधेरा है तेरी खातिर मैंने कितना दर्द यह झेला है कुछ गलत ना कर बैठे दिल बहुत अकेला है अब मुझे दूर रहकर तू इस दिल को ना जलाया कर ओ मेरे पहले प्रेम तू मुझे याद ना आया कर Dhaneshwar Dutt
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