Hello Poetry
Submit your work and get some sparkles! Create free account
इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हँे व उसका हम उसके बाकि सव हमारँे हँे इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हँे रातके साथ दिपका, दिनके साथ धुपका ——२ गगनके साथ बरिसका और मिट्टीके साथ पेडका ——२ इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हेँ व उसका हम उसके, बाकि सब हमारँे हँे इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हँे सराबीका साथ मेहकदाका, भमरेका साथ रंगका ——२ हाथका साथ हाथोका और दिलका साथ दिलवालोका ——२ इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हँे व उसका हम उसके, बाकि सब हामारे हँे ——२ इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हे ——२
0
Mar 17, 2019
Mar 17, 2019 at 10:19 PM UTC
नही कोइ पराया
इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हँे व उसका हम उसके बाकि सव हमारँे हँे इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हँे रातके साथ दिपका, दिनके साथ धुपका ——२ गगनके साथ बरिसका और मिट्टीके साथ पेडका ——२ इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हेँ व उसका हम उसके, बाकि सब हमारँे हँे इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हँे सराबीका साथ मेहकदाका, भमरेका साथ रंगका ——२ हाथका साथ हाथोका और दिलका साथ दिलवालोका ——२ इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हँे व उसका हम उसके, बाकि सब हामारे हँे ——२ इस दुनीयामे कहाँ कोइ पराया हे ——२
mystic-ink-plus
Written by
Mar 17, 2019
Mar 17, 2019 at 10:19 PM UTC
Request permission to use this poem