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#newpoetsociety
मेरे पास छोड़ जाओ, अपनी खुशबू, अपनी बाते। उन्हें सम्भाल कर रखूंगी मैं, चाहे दिन हो या हो रातें।
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Aug 21, 2020
Aug 21, 2020 at 3:07 AM UTC
मेरे पास
कभी चाहते थे, तुम्हें ना खोना। अभी चाहते हैं, की काश तुम हमे कभी मिले ही ना होते।
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Aug 14, 2020
Aug 14, 2020 at 3:12 AM UTC
कभी-अभी
How hard it is, To find peace. Simple, as much as, Feeling the fresh breeze.
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Aug 9, 2020
Aug 9, 2020 at 3:09 AM UTC
Peace
ये आँखे आत्मा का दरपन है, बिन बोले सब बयान कर देती है। छिपाती नहीं कुछ भी ये, इंसान का हर राज़ बतादेती है। झूठ इनकी फ़ितरत में नहीं, ये तों सच का साथ ही देती है। झाँकना हो किसीकी मन में तों, रास्ता भी यहीं बतादेती है।
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Jun 16, 2020
Jun 16, 2020 at 2:31 PM UTC
आँखे
कौन क़ुबूल करता है, की कोन कितना सच्चा है। चाहे पतझड़ कितना भी लम्बा हो, फूल तों फिर भी खिलता है। क्या तुमने कभी किसीको मानते देखा है, की वो मन से आज भी एक बच्चा है। जितना जिसकी किस्मत में हो, उतना उसको जरूर मिलता है।
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Jul 23, 2020
Jul 23, 2020 at 5:37 PM UTC
कौन क़ुबूल करता है,