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#jai
🥀 || बालकृष्ण मिश्रा ✒️ || 🥀 || मातृभूमि ( माँ ) तुझे प्रणाम ✒️ || ___________________________________ उगता सूरज तिलक लगाता उज्जवल चंद्र किरण की वर्षा , नतमस्तक तेरे चरणों में जिन चरणों में चारों धाम | मातृभूमि ( माँ ) तुझे प्रणाम || तेरी माटी शीतल चंदन , जिसमें खेले खुद रघुनन्दन । जिसमें कान्हा ने जन्म लिया , कभी खाई , कभी लेप किया । सीता की मर्यादा यहाँ , यहाँ मीरा का प्रेम | मन के दर्पण का तू दर्शन तेरे आँचल में संस्कृति का मान। मातृभूमि ( माँ ) तुझे प्रणाम || कल कल करती नदियां अपनी संगीत सुनाए। चू चू करती चिड़िया अपनी गीत सुनाए। मातृभूमि की पावन धरा , हर हृदय में प्रेम संजोए काशी विश्वनाथ की आरती, हर मन में दीप जलाए | आध्यात्म की गहराई यहाँ और विज्ञान की उड़ान | मातृभूमि ( माँ ) तुझे प्रणाम || दिव्य अलौकिक अजर अमर कंकर भी बन जाता यहाँ शंकर | बलिदानों की गाथा तू , तू वीरों की पहचान | जय-जय माँ भारती, जय यह पवित्र धरा महान मातृभूमि ( माँ ) तुझे प्रणाम || ___________________________________ ✍️ रचनाकार -- श्री बाल कृष्ण मिश्रा 🏠 स्थान -- नई दिल्ली 📧 ई-मेल -- [email protected]                   📱 चलभाष -- 8700462852          Bal Krishna Mishra ___________________________________
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Dec 27, 2025
Dec 27, 2025 at 2:05 PM UTC
|| मातृभूमि ( माँ ) तुझे प्रणाम ✒️ ||
🥀 || बालकृष्ण मिश्रा ✒️ || 🥀 || मातृभूमि ( माँ ) तुझे प्रणाम ✒️ || ___________________________________ उगता सूरज तिलक लगाता उज्जवल चंद्र किरण की वर्षा , नतमस्तक तेरे चरणों में जिन चरणों में चारों धाम | मातृभूमि ( माँ ) तुझे प्रणाम || तेरी माटी शीतल चंदन , जिसमें खेले खुद रघुनन्दन । जिसमें कान्हा ने जन्म लिया , कभी खाई , कभी लेप किया । सीता की मर्यादा यहाँ , यहाँ मीरा का प्रेम | मन के दर्पण का तू दर्शन तेरे आँचल में संस्कृति का मान। मातृभूमि ( माँ ) तुझे प्रणाम || कल कल करती नदियां अपनी संगीत सुनाए। चू चू करती चिड़िया अपनी गीत सुनाए। मातृभूमि की पावन धरा , हर हृदय में प्रेम संजोए काशी विश्वनाथ की आरती, हर मन में दीप जलाए | आध्यात्म की गहराई यहाँ और विज्ञान की उड़ान | मातृभूमि ( माँ ) तुझे प्रणाम || दिव्य अलौकिक अजर अमर कंकर भी बन जाता यहाँ शंकर | बलिदानों की गाथा तू , तू वीरों की पहचान | जय-जय माँ भारती, जय यह पवित्र धरा महान मातृभूमि ( माँ ) तुझे प्रणाम || ___________________________________ ✍️ रचनाकार -- श्री बाल कृष्ण मिश्रा 🏠 स्थान -- नई दिल्ली 📧 ई-मेल -- [email protected]                   📱 चलभाष -- 8700462852          Bal Krishna Mishra ___________________________________
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O mighty Lord Shiva! You chose to come to life in Hanuman, The all powerful life long bachelor Who set new standards of service. Hanuman avatar was the ultimate, Powerful and immortal, Hanuman still lives in the mountain.
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Jul 8, 2017
Jul 8, 2017 at 3:14 AM UTC
Jai Hanuman