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निकला हु अकेला पहाड़ों में अकेलापन सुकून की चाहत में | कहानी मंज़र बदलेगा जरूर मेरा ये हवायें कहती है तम्माम तकलीफों का इल्लज यही हैं ||
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Sep 25, 2021
Sep 25, 2021 at 2:21 PM UTC
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पहाड़ों में सुकून
निकला हु अकेला पहाड़ों में अकेलापन सुकून की चाहत में | कहानी मंज़र बदलेगा जरूर मेरा ये हवायें कहती है तम्माम तकलीफों का इल्लज यही हैं ||
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