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**** होली **** जब से कर ली तूने मेरे दिल की चोरी, कन्हैया, चूनर- चोली मोरी रहती है कोरी बरसे रंग नीले पीले, लाल, गुलाल; पर काया मोरी, रह गई कोरी कि कोरी तुझ बिन होली नहीं भाये, कौन करे ठिठोली , न कोई करे मुझसे बरजोरी मोहन, तरस गई है अखियान मोरी, और रातो की नींदे भी तूने कर ली चोरी अब रंग न भाये मोहे, न भावे साज- श्रंगार , मांग मोरी सुनी है, और कलाई कोरी खेलना तू मस्ती में आज, तेरे मथुरा में होली, क्युकी आयेगी न वहां अब ब्रिजवासीयो की टोली ! "फिर भी मोરે कान्हाइ, तुझे देती हूं मैं होली की हार्दिक बधाई", रोती हुई राधिका बोली। "अनार "
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Mar 4
Mar 4, 2026 at 1:27 AM UTC
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**** होली **** जब से कर ली तूने मेरे दिल की चोरी, कन्हैया, चूनर- चोली मोरी रहती है कोरी बरसे रंग नीले पीले, लाल, गुलाल; पर काया मोरी, रह गई कोरी कि कोरी तुझ बिन होली नहीं भाये, कौन करे ठिठोली , न कोई करे मुझसे बरजोरी मोहन, तरस गई है अखियान मोरी, और रातो की नींदे भी तूने कर ली चोरी अब रंग न भाये मोहे, न भावे साज- श्रंगार , मांग मोरी सुनी है, और कलाई कोरी खेलना तू मस्ती में आज, तेरे मथुरा में होली, क्युकी आयेगी न वहां अब ब्रिजवासीयो की टोली ! "फिर भी मोરે कान्हाइ, तुझे देती हूं मैं होली की हार्दिक बधाई", रोती हुई राधिका बोली। "अनार "
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