तुम मिलना पर... परेशान न होना...
मुझसे मिलकर... हैरान न होना
जैसा भी हूँ... बस तुम्हारा हूँ मैं...
कहानी सुनकर... अंजान न होना
वक़्त गुज़ारा है... तेरे बग़ैर कैसे...
मैं सब कहूँगा... बेज़ुबान न होना
तेरे बाद का वक़्त... बस ख़ाली था...
मुझको पढ़कर... नादान न होना
आशियाना मेरा... बंजर था बिन तेरे...
अफ़सोस न करना... वीरान न होना
अतीत में छोड़कर... आ गया तुम्हें...
चाहकर भी अब... वर्तमान न होना
जीने की उम्मीद... छोड़ी मुद्दतों पहले...
अब आओ तो... एहसान न होना
अपने से रहे हो तुम... मेरी नज़्मों में...
लौटकर मुझपर... मेहरबान न होना
तुम मिलना पर... परेशान न होना...
के मुझसे मिलकर... हैरान न होना..
May 31, 2021
May 31, 2021 at 11:13 AM UTC
तुम मिलना पर... परेशान न होना...
मुझसे मिलकर... हैरान न होना
जैसा भी हूँ... बस तुम्हारा हूँ मैं...
कहानी सुनकर... अंजान न होना
वक़्त गुज़ारा है... तेरे बग़ैर कैसे...
मैं सब कहूँगा... बेज़ुबान न होना
तेरे बाद का वक़्त... बस ख़ाली था...
मुझको पढ़कर... नादान न होना
आशियाना मेरा... बंजर था बिन तेरे...
अफ़सोस न करना... वीरान न होना
अतीत में छोड़कर... आ गया तुम्हें...
चाहकर भी अब... वर्तमान न होना
जीने की उम्मीद... छोड़ी मुद्दतों पहले...
अब आओ तो... एहसान न होना
अपने से रहे हो तुम... मेरी नज़्मों में...
लौटकर मुझपर... मेहरबान न होना
तुम मिलना पर... परेशान न होना...
के मुझसे मिलकर... हैरान न होना..