क्या बताऊँ उसकी तारीफ़ में, चाँद सा मुखड़ा, अदाओं में नखरा, उसका यू मुस्कुरना और
मुस्कुरा के यू शर्माना, कितना अच्छा लगता है, अब क्या बताऊँ मैं, कैसी है मेरी दोस्त,
फूलो से अच्छी उसकी खुशबू है, कलियों से प्यारी उसकी मुस्कान,
कोयल से प्यारी उसकी बोली, अब क्या बताऊँ मैं, कैसी है मेरी दोस्त,
नटखट है पर सबसे प्यारी है मेरी दोस्त, सब से अलग वो तो दिवानी है मेरी दोस्त
हंसती है और मुझको भी खूब हँसाती है, जब कभी मै दुखी हो जाऊँ तो मेरे साथ बैठकर
मुझको खूब समझाती है, मुझे ज़िंदगी जीने का वो सपना दिखाती है, अब क्या बताऊँ मैं, कैसी है मेरी दोस्त
मेरी प्यारी दोस्त।।
Aug 31, 2019
Aug 31, 2019 at 2:33 AM UTC
क्या बताऊँ उसकी तारीफ़ में, चाँद सा मुखड़ा, अदाओं में नखरा, उसका यू मुस्कुरना और
मुस्कुरा के यू शर्माना, कितना अच्छा लगता है, अब क्या बताऊँ मैं, कैसी है मेरी दोस्त,
फूलो से अच्छी उसकी खुशबू है, कलियों से प्यारी उसकी मुस्कान,
कोयल से प्यारी उसकी बोली, अब क्या बताऊँ मैं, कैसी है मेरी दोस्त,
नटखट है पर सबसे प्यारी है मेरी दोस्त, सब से अलग वो तो दिवानी है मेरी दोस्त
हंसती है और मुझको भी खूब हँसाती है, जब कभी मै दुखी हो जाऊँ तो मेरे साथ बैठकर
मुझको खूब समझाती है, मुझे ज़िंदगी जीने का वो सपना दिखाती है, अब क्या बताऊँ मैं, कैसी है मेरी दोस्त
मेरी प्यारी दोस्त।।
