अरे मनुष्य कुछ कर दिखा,
किस्मत को मत बोझ बता।
दिया है रब ने बहुत तुझे,
उसका ना तू मोल लगा।
बदल सकता है दुनिया तू,
गलत को करके सही दिखा।
बन जाएगा तू महान,
ना तू इतना ज़ोर लगा।
मेहनत को ना रोक कभी,
रोज़ तू आगे कदम भड़ा।
भीड़ बहुत है दुनिया में,
तू अलग अपनी पहचान बना।
नहीं हो तेरे साथ कोई तो,
तू बस रब का ध्यान लगा।
रोक सके ना कोई तुझे,
तू रास्ता अपना अलग बना।
रास्ते में हैं काटें कई,
तू दे फूल से उसे सज़ा।
भूल सके ना कोई तुझे,
इतना तू अब नाम कमा।
दर्द गुब्बारे में करके कैद,
आकाश में दे तू उसे उड़ा।
खुशियों का कर फिर तू स्वागत,
खोई हसी तू वापस ला।
कभी ना ज़िन्दगी को तू अब,
खुदा की दी हुई बोझ बता।
ये ज़िन्दगी ही दोस्त है तेरी,
इसका तू बस साथ निभा।
Oct 30, 2018
Oct 30, 2018 at 3:46 AM UTC
अरे मनुष्य कुछ कर दिखा,
किस्मत को मत बोझ बता।
दिया है रब ने बहुत तुझे,
उसका ना तू मोल लगा।
बदल सकता है दुनिया तू,
गलत को करके सही दिखा।
बन जाएगा तू महान,
ना तू इतना ज़ोर लगा।
मेहनत को ना रोक कभी,
रोज़ तू आगे कदम भड़ा।
भीड़ बहुत है दुनिया में,
तू अलग अपनी पहचान बना।
नहीं हो तेरे साथ कोई तो,
तू बस रब का ध्यान लगा।
रोक सके ना कोई तुझे,
तू रास्ता अपना अलग बना।
रास्ते में हैं काटें कई,
तू दे फूल से उसे सज़ा।
भूल सके ना कोई तुझे,
इतना तू अब नाम कमा।
दर्द गुब्बारे में करके कैद,
आकाश में दे तू उसे उड़ा।
खुशियों का कर फिर तू स्वागत,
खोई हसी तू वापस ला।
कभी ना ज़िन्दगी को तू अब,
खुदा की दी हुई बोझ बता।
ये ज़िन्दगी ही दोस्त है तेरी,
इसका तू बस साथ निभा।