तुम्हारे दिल का इंतेज़ार हु में।
तुम्हारे ज़ेहन का एतबार हु में।
तू नींद , में ख्वाब हु।
तुम्हारे जीस्त की में आफताब हु।
तुम्हारे हर सवाल का में जवाब हु।
Jun 21, 2018
Jun 21, 2018 at 11:52 PM UTC
तुम्हारे दिल का इंतेज़ार हु में।
तुम्हारे ज़ेहन का एतबार हु में।
तू नींद , में ख्वाब हु।
तुम्हारे जीस्त की में आफताब हु।
तुम्हारे हर सवाल का में जवाब हु।