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!! कई दिनों के बाद !! . कई दिनों के बाद कलम ने परिचित सा व्यहार किया कई दिनों के बाद कलम ने है खुद को सृगार किया !! . कई दिनों के बाद कलम ने सूरज तुझे बुलाया है ? . कई दिनों के बाद कलम कुछ परिचित प्रश्न उठाते है कई दिनों के बाद कलम ने दर्पण सा व्यहार किया !! . प्रश्न कलम के लाखो है पर मै किस पर बिचार करुं जतीबाद पर लिखूँ या मै नारीबाद पर वार करुं !! . राजनिती के इन मुद्दो पर श्याही नही बहाऊँगा राजनिती के कुछ मुद्दो को राष्ट्रवाद तक लाऊँगा !! . - सूरज कुमार सिँह 01-11-2016
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Nov 3, 2016
Nov 3, 2016 at 1:03 AM UTC
कई दिनों के बाद /After long time my pen treated me as a known/ suraj kumar singh
!! कई दिनों के बाद !! . कई दिनों के बाद कलम ने परिचित सा व्यहार किया कई दिनों के बाद कलम ने है खुद को सृगार किया !! . कई दिनों के बाद कलम ने सूरज तुझे बुलाया है ? . कई दिनों के बाद कलम कुछ परिचित प्रश्न उठाते है कई दिनों के बाद कलम ने दर्पण सा व्यहार किया !! . प्रश्न कलम के लाखो है पर मै किस पर बिचार करुं जतीबाद पर लिखूँ या मै नारीबाद पर वार करुं !! . राजनिती के इन मुद्दो पर श्याही नही बहाऊँगा राजनिती के कुछ मुद्दो को राष्ट्रवाद तक लाऊँगा !! . - सूरज कुमार सिँह 01-11-2016
After long time my pen treated me as a known, After long time my pen Reacts as a Mirror !! Few Lines Of My New Poem....
suraj-kumar-singh
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Nov 3, 2016
Nov 3, 2016 at 1:03 AM UTC
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