बीच रात मैं सताया एक ख्वाब ,
कर गया नींद को पूरा बर्बाद।
अब जाग ही गए तो कैसे सोये ,
करवट बदल - बदल हम बैचैन होये ।
मसनद से कह डाली दिल की बातें ,
मेहबूब मान उसे हम रोते रहे रातें।
उस ख्वाब ने जो दर्द जगाया ,
तन्हाई को और बढ़ाया।
Feb 20, 2025
Feb 20, 2025 at 2:53 PM UTC
बीच रात मैं सताया एक ख्वाब ,
कर गया नींद को पूरा बर्बाद।
अब जाग ही गए तो कैसे सोये ,
करवट बदल - बदल हम बैचैन होये ।
मसनद से कह डाली दिल की बातें ,
मेहबूब मान उसे हम रोते रहे रातें।
उस ख्वाब ने जो दर्द जगाया ,
तन्हाई को और बढ़ाया।
A dream disturbed my sleep, leaving me restless and lost in thought,
Awakening old wounds, it deepened my loneliness through the night.