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मन काग़ज़ की नाव, जज़्बातों के समन्दर में बस बहें जा रहा है। जो ये थम गया तो हैं डूब जाने का डर, फिर भी ये आगे बढे जा रहा हैं।
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Aug 7, 2020
Aug 7, 2020 at 2:43 PM UTC
मन काग़ज़ की नाव
मन काग़ज़ की नाव, जज़्बातों के समन्दर में बस बहें जा रहा है। जो ये थम गया तो हैं डूब जाने का डर, फिर भी ये आगे बढे जा रहा हैं।
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Aug 7, 2020
Aug 7, 2020 at 2:43 PM UTC
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