Hello Poetry
Submit your work and get some sparkles! Create free account
या कुन्देन्दु तुषार हार धवला, या शुभ्र वस्त्रावृता, या वीणा वरदण्ड मंडित करा, या श्वेत पद्मासना। माँ देवी सरस्वती, देवी सरस्वती, नमो नमः। वीणा वादिनी, विद्या दायिनी, सुर प्रदायिनी, माँ सरस्वती। कंठ विराजे, साज़ भी बाजे, तुमसे ही सब माँ, सरस्वती। वीणा वादिनी, विद्या दायिनी, सुर प्रदायिनी, माँ सरस्वती। पुस्तक धारिणी, ब्रह्मचारिणी, हे वरदायिनी, सरस्वती। कला प्रदायिनी, कलम विराजे, वीणा बाजे माँ सरस्वती। वीणा वादिनी, विद्या दायिनी, सुर प्रदायिनी, माँ सरस्वती। ज्ञान की देवी, ज्ञान से भर दो, पूरण कर दो माँ सरस्वती। ज्ञान की देवी, ज्ञान से भर दो, पूरण कर दो माँ सरस्वती। हे माँ शारदे, हंसवाहिनी, शुभ्र सुरेश्वरी सरस्वती। वीणा वादिनी, विद्या दायिनी, सुर प्रदायिनी, माँ सरस्वती। ज्ञान की देवी, ज्ञान से भर दो, पूरण कर दो माँ सरस्वती। पूरण कर दो माँ सरस्वती। पूरण कर दो माँ सरस्वती।
0
May 14
May 14, 2026 at 2:25 AM UTC
Veena Vaadini
या कुन्देन्दु तुषार हार धवला, या शुभ्र वस्त्रावृता, या वीणा वरदण्ड मंडित करा, या श्वेत पद्मासना। माँ देवी सरस्वती, देवी सरस्वती, नमो नमः। वीणा वादिनी, विद्या दायिनी, सुर प्रदायिनी, माँ सरस्वती। कंठ विराजे, साज़ भी बाजे, तुमसे ही सब माँ, सरस्वती। वीणा वादिनी, विद्या दायिनी, सुर प्रदायिनी, माँ सरस्वती। पुस्तक धारिणी, ब्रह्मचारिणी, हे वरदायिनी, सरस्वती। कला प्रदायिनी, कलम विराजे, वीणा बाजे माँ सरस्वती। वीणा वादिनी, विद्या दायिनी, सुर प्रदायिनी, माँ सरस्वती। ज्ञान की देवी, ज्ञान से भर दो, पूरण कर दो माँ सरस्वती। ज्ञान की देवी, ज्ञान से भर दो, पूरण कर दो माँ सरस्वती। हे माँ शारदे, हंसवाहिनी, शुभ्र सुरेश्वरी सरस्वती। वीणा वादिनी, विद्या दायिनी, सुर प्रदायिनी, माँ सरस्वती। ज्ञान की देवी, ज्ञान से भर दो, पूरण कर दो माँ सरस्वती। पूरण कर दो माँ सरस्वती। पूरण कर दो माँ सरस्वती।
arvind-bhardwaj
Written by
May 14
May 14, 2026 at 2:25 AM UTC
Request permission to use this poem