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सपना कभी सही राह नहीं होता, अपना हमेशा सही इंसान नहीं होता, कभी गैरों पर भरोसा करके देखो, कभी क़ाबिलियत से आसमान छूकर देखो। राहें तो बदलती हैं, पर इरादे नहीं बदलने चाहिए, विश्वास भी टूटे, तो खट्टे आमों में, मिठा वाला ढूंढ़ना चाहिए।
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Feb 2, 2025
Feb 2, 2025 at 10:26 PM UTC
क्या सही
सपना कभी सही राह नहीं होता, अपना हमेशा सही इंसान नहीं होता, कभी गैरों पर भरोसा करके देखो, कभी क़ाबिलियत से आसमान छूकर देखो। राहें तो बदलती हैं, पर इरादे नहीं बदलने चाहिए, विश्वास भी टूटे, तो खट्टे आमों में, मिठा वाला ढूंढ़ना चाहिए।
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Written by
15/M/Maharashtra
Feb 2, 2025
Feb 2, 2025 at 10:26 PM UTC
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