गुज़र जातें हैं
लम्हे ये सोचने में की काश,
कभी तुम भी हमारी ओर आने वाला रास्ता चुनते।
और सोचने सोचने में अक्सर,
सारे रिश्ते, नाते, बातें, वादे,
सभी यादें बनकर रह जातें हैं।
Jun 29, 2020
Jun 29, 2020 at 2:55 PM UTC
गुज़र जातें हैं
लम्हे ये सोचने में की काश,
कभी तुम भी हमारी ओर आने वाला रास्ता चुनते।
और सोचने सोचने में अक्सर,
सारे रिश्ते, नाते, बातें, वादे,
सभी यादें बनकर रह जातें हैं।