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सासँ वही धढ्कने वही, वहीहे सबका आखिरी सडक आज हम कल तुम, पर आवगे एकही तरफ हवोका साथ चल्नेवाले मुसाफिर  कहाँका हे तुम्हारा सफर मन्जिल कब पहुँचेगा अगर हवाँ बदले दुसरी तरफ कब आएका अप्नी वारी किसिको नही हे ए खबर आज हम कल तुम पर आवगे एकही तरफ दिन अगर तुम्हारा हे तो, देताहे धुप चेहेरेमे चमक रात अगर दुःखी  निक्ला तो, छोडदेता सायाँभी अप्नी सफर कब आएका, अप्नी————— आज हम कल तुम————— समयके साथ बदलताहे ऋतु रंग और मौसमे  ———२ बस् वँहीँ रहेता हँे लकिरेँ और चाँद ए सुरज कब आएका, अप्नी  —————— आज हम कल तुम—————— साँस वही, धढ्कने वही, वहीहे सबका आखिरी सडक ———२ दिन अगर तुम्हारा हे तो, देताहे धुप चेहेरेमे चमक ———२ रात अगर दुःखी निक्ला तो, छोडदेता साँयाँभी अप्नी सफर साँस वही धड्कने वही, वहीहे सबका आखिरी सडक   ——३
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Mar 21, 2019
Mar 21, 2019 at 1:13 PM UTC
जिवनका सफर
सासँ वही धढ्कने वही, वहीहे सबका आखिरी सडक आज हम कल तुम, पर आवगे एकही तरफ हवोका साथ चल्नेवाले मुसाफिर  कहाँका हे तुम्हारा सफर मन्जिल कब पहुँचेगा अगर हवाँ बदले दुसरी तरफ कब आएका अप्नी वारी किसिको नही हे ए खबर आज हम कल तुम पर आवगे एकही तरफ दिन अगर तुम्हारा हे तो, देताहे धुप चेहेरेमे चमक रात अगर दुःखी  निक्ला तो, छोडदेता सायाँभी अप्नी सफर कब आएका, अप्नी————— आज हम कल तुम————— समयके साथ बदलताहे ऋतु रंग और मौसमे  ———२ बस् वँहीँ रहेता हँे लकिरेँ और चाँद ए सुरज कब आएका, अप्नी  —————— आज हम कल तुम—————— साँस वही, धढ्कने वही, वहीहे सबका आखिरी सडक ———२ दिन अगर तुम्हारा हे तो, देताहे धुप चेहेरेमे चमक ———२ रात अगर दुःखी निक्ला तो, छोडदेता साँयाँभी अप्नी सफर साँस वही धड्कने वही, वहीहे सबका आखिरी सडक   ——३
Genre: Gazal Theme: Life as a journey || Examined Life
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Mar 21, 2019
Mar 21, 2019 at 1:13 PM UTC
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