Hello Poetry
Submit your work and get some sparkles! Create free account
लम्बी हँे रात काली, कल होगा फिर सबेरा ——२ धड्कन बढालो तुम दिलके अप्नी रातमे कोई जगेगा गातँेरहो गीत तुम अप्नी कल कोइ सुनेगा धड्कन बढालो तुम दिलके अप्नी रातमे कोइ  जगेगा लम्बी हे रात काली कल होगा फिर सबेरा ——२ उम्मीदँे फरियादँे तुम गा कर सुनाव ——२ दर्द भरी पलको तुम रो कर सुनाव ——२ बातँे बारसातके तुम हस् कर सुनाव ——२ खाब भरी पलको तुम गा कर सुनाव ——२ गातेरहो गीत तुम अप्नी कल कोइ सुनेगा   धड्कन बढालो तुम दिलके अप्नी रातमे कोइ जगेगा लम्बी हे रात काली कल होगा फिर सबेरा गातेरहो गीत तुम अप्नी कल कोइ सुनेगा समरती पाऊ आकर कल तुुम्से  मीलेँगा खुली आँख आकर तुम्से वातेँ करेगा दिप साफ आकर तुम्को राहँे दिखाएगा गाते रहो गीत तुम अप्नी कल कोइ सुनेगा लम्बी हे रात काली ,कल होगा फिर सबेरा गाते रहो गीत तुम अप्नी  कल कोइ सुनेगा ——२
0
Mar 18, 2019
Mar 18, 2019 at 11:06 AM UTC
कल होगा सबेरा
लम्बी हँे रात काली, कल होगा फिर सबेरा ——२ धड्कन बढालो तुम दिलके अप्नी रातमे कोई जगेगा गातँेरहो गीत तुम अप्नी कल कोइ सुनेगा धड्कन बढालो तुम दिलके अप्नी रातमे कोइ  जगेगा लम्बी हे रात काली कल होगा फिर सबेरा ——२ उम्मीदँे फरियादँे तुम गा कर सुनाव ——२ दर्द भरी पलको तुम रो कर सुनाव ——२ बातँे बारसातके तुम हस् कर सुनाव ——२ खाब भरी पलको तुम गा कर सुनाव ——२ गातेरहो गीत तुम अप्नी कल कोइ सुनेगा   धड्कन बढालो तुम दिलके अप्नी रातमे कोइ जगेगा लम्बी हे रात काली कल होगा फिर सबेरा गातेरहो गीत तुम अप्नी कल कोइ सुनेगा समरती पाऊ आकर कल तुुम्से  मीलेँगा खुली आँख आकर तुम्से वातेँ करेगा दिप साफ आकर तुम्को राहँे दिखाएगा गाते रहो गीत तुम अप्नी कल कोइ सुनेगा लम्बी हे रात काली ,कल होगा फिर सबेरा गाते रहो गीत तुम अप्नी  कल कोइ सुनेगा ——२
mystic-ink-plus
Written by
Mar 18, 2019
Mar 18, 2019 at 11:06 AM UTC
Request permission to use this poem