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राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ मात-पिता की, आज्ञा लीन्ही, वल्कल ओढ़ ले चल वन दीन्ही॥ राम मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ बुद्धि कैकयी मात हर लीन्ही, तब, वास- वन, राम को, दीन्ही॥ कैकयी मात, जो मात, हो आयीं, “हाय राम…” कहकर, पछतायीं॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ बेटा एक, नहीं, दोउ खोये, बोझ, कुमाता, का रही ढोये॥ हाय विधाता, क्या कर दीन्हा, पति-पुत्र, मुझसे, सब छीना॥ राम ,मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ कैकयी मात, रही अब रोये, कालचक्र कैसा, यह होये॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ गए वशिष्ठ, लेने रघुराई, चली संग फिर, कैकयी माई॥ कुंठित भीतर, शब्द न होये, राम मात जब, सम्मुख होये॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ कैकयी, भेंट प्रथम तब कीन्हा, कुंठित मात, जान, सब लीन्हा॥ गले राम लग, मात जो रोयीं, ज्यों वृष्टि, अंबर से होयी॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ राम चलो अब, लौट चलो तुम, क्षमा करो मुझे, क्षमा करो तुम॥ कैकयी मात कहे रघुराई, नेत्र अश्रुधार बहाई॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ “मात कथन, सुन लो, तुम रामा, प्रथम, तुम्हारी, आज्ञा माना॥ मात-पित आज्ञा, gar न निभाऊँ, मात, राम, कैसे कहलाऊँ॥” राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम ,मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ मात सुनो अब, बात सुनो तुम, मात मेरी हो, मात सदा तुम॥ कौशल्या सम, तुम सब माता, माता तुम हो, नहीं कुमाता॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ हे नद-झरने सुन लो आकर, कैकेयी मात, प्रेम की सागर॥ मात दया, तुम, मुझ पर कीन्हा, दे वनवास, राम मम कीन्हा॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम ,मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ सुन कही राम, कैकयी माता, “सदा राम दे मुझे विधाता॥” धन्य हुई पाकर, तुम्हें मैं रामा, राम न तुम सम जग में जाना॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ करो दया, "अवि" पर रामा, करो दया, सभी पर रामा॥ राम राम हे, राम हो रामा, राम न तुम सम, जग में जाना॥ करो दया अब, हम पर रामा, करें सदा, तेरे, गुण गाना॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम…
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May 20, 2026 at 5:08 AM UTC
Ram Mere Ram
राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ मात-पिता की, आज्ञा लीन्ही, वल्कल ओढ़ ले चल वन दीन्ही॥ राम मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ बुद्धि कैकयी मात हर लीन्ही, तब, वास- वन, राम को, दीन्ही॥ कैकयी मात, जो मात, हो आयीं, “हाय राम…” कहकर, पछतायीं॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ बेटा एक, नहीं, दोउ खोये, बोझ, कुमाता, का रही ढोये॥ हाय विधाता, क्या कर दीन्हा, पति-पुत्र, मुझसे, सब छीना॥ राम ,मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ कैकयी मात, रही अब रोये, कालचक्र कैसा, यह होये॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ गए वशिष्ठ, लेने रघुराई, चली संग फिर, कैकयी माई॥ कुंठित भीतर, शब्द न होये, राम मात जब, सम्मुख होये॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ कैकयी, भेंट प्रथम तब कीन्हा, कुंठित मात, जान, सब लीन्हा॥ गले राम लग, मात जो रोयीं, ज्यों वृष्टि, अंबर से होयी॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ राम चलो अब, लौट चलो तुम, क्षमा करो मुझे, क्षमा करो तुम॥ कैकयी मात कहे रघुराई, नेत्र अश्रुधार बहाई॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ “मात कथन, सुन लो, तुम रामा, प्रथम, तुम्हारी, आज्ञा माना॥ मात-पित आज्ञा, gar न निभाऊँ, मात, राम, कैसे कहलाऊँ॥” राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम ,मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ मात सुनो अब, बात सुनो तुम, मात मेरी हो, मात सदा तुम॥ कौशल्या सम, तुम सब माता, माता तुम हो, नहीं कुमाता॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ हे नद-झरने सुन लो आकर, कैकेयी मात, प्रेम की सागर॥ मात दया, तुम, मुझ पर कीन्हा, दे वनवास, राम मम कीन्हा॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम ,मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ सुन कही राम, कैकयी माता, “सदा राम दे मुझे विधाता॥” धन्य हुई पाकर, तुम्हें मैं रामा, राम न तुम सम जग में जाना॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ करो दया, "अवि" पर रामा, करो दया, सभी पर रामा॥ राम राम हे, राम हो रामा, राम न तुम सम, जग में जाना॥ करो दया अब, हम पर रामा, करें सदा, तेरे, गुण गाना॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम… राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम॥ राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, राम…
arvind-bhardwaj
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May 20, 2026 at 5:08 AM UTC
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