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सोइ नही हे आँख क्यू तेरी आँसु गिर रहा हे , क्या कही —२ व तेरा य मेरा फिरसे कौन कहेगा मीट्टीको कैसे, कहाँ कोइ इन्सान छोडेगा व पहेली बक्तपे, किसने क्या ले आएँ मीट्टीही  एक थी जो ए सोच  रहीथी —२ व पीछली बक्तपे किसने सँग क्या ले गएँ मीट्टीही एक थी जो ए देख रहीथी सोइ नही  हे आँख क्यू तेरी आँसु गिर रहा हे क्याँ कही फूलका वासमे भमरे क्यू डूले रोसनी वाद ही चाँद फिर क्यू डुले दर्दसेही आखोँमे आँसुव क्यू  गीरे सोइ नहीहे आँख क्यू तेरी     आँसु गिर रहा हे, क्याँ कही फूलका  वासमे भमरे क्यू भूले रोशनी बादही चाँद फिर क्यू  डुले दर्दसेही  आँखमे आँसुव क्यू गिरे सोइ नही हे आँख क्यू तेरी आँसु गिर रहा हे क्याँ कही व तेरा ए मेरा फिरसे कौन कहेगा लहुके , रंगमे होली फिरसे कौन खेलेगा दर्देदिल देखकर लोग फिर  क्यू  हसँे सोइ नही हे आँख क्यू तेरी सोइ नही हे आँख क्यू तेरी आँसु गिर  रहा  हे, क्या कही—२
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Mar 25, 2019
Mar 25, 2019 at 10:53 AM UTC
मीट्टीके पुकार
सोइ नही हे आँख क्यू तेरी आँसु गिर रहा हे , क्या कही —२ व तेरा य मेरा फिरसे कौन कहेगा मीट्टीको कैसे, कहाँ कोइ इन्सान छोडेगा व पहेली बक्तपे, किसने क्या ले आएँ मीट्टीही  एक थी जो ए सोच  रहीथी —२ व पीछली बक्तपे किसने सँग क्या ले गएँ मीट्टीही एक थी जो ए देख रहीथी सोइ नही  हे आँख क्यू तेरी आँसु गिर रहा हे क्याँ कही फूलका वासमे भमरे क्यू डूले रोसनी वाद ही चाँद फिर क्यू डुले दर्दसेही आखोँमे आँसुव क्यू  गीरे सोइ नहीहे आँख क्यू तेरी     आँसु गिर रहा हे, क्याँ कही फूलका  वासमे भमरे क्यू भूले रोशनी बादही चाँद फिर क्यू  डुले दर्दसेही  आँखमे आँसुव क्यू गिरे सोइ नही हे आँख क्यू तेरी आँसु गिर रहा हे क्याँ कही व तेरा ए मेरा फिरसे कौन कहेगा लहुके , रंगमे होली फिरसे कौन खेलेगा दर्देदिल देखकर लोग फिर  क्यू  हसँे सोइ नही हे आँख क्यू तेरी सोइ नही हे आँख क्यू तेरी आँसु गिर  रहा  हे, क्या कही—२
Genre: Observational Theme: Motherland || Mud || Nature
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Mar 25, 2019
Mar 25, 2019 at 10:53 AM UTC
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