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यह इतना धैर्य तुम कहाँ से लाएं तभी तो तुम शहीद् कहलाए शस्त्र तुम्हारे हाथ में था देश के मान के लिए अडे रहे अपने बाहुबल से ही शत्रु मार गिराए तभी तो तुम शहीद् कहलाए घर तुम्हारा भी था बैठा था परिवार आंखें बिछाऐ तुमने देश वासी हीं रिशतेदार बनाऐ तभी तो तुम शहीद् कहलाए सपने संजोने का हक तुम्हारा भी था पूरा करने का इंतजार लिए देश के लिए बलिवेदी पर चढाऐ तभी तो तुम शहीद् कहलाए यह इतना धैर्य तुम कहाँ से लाएं तभी तो तुम शहीद् कहलाए।
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Aug 15, 2020
Aug 15, 2020 at 1:29 PM UTC
शहीद्
यह इतना धैर्य तुम कहाँ से लाएं तभी तो तुम शहीद् कहलाए शस्त्र तुम्हारे हाथ में था देश के मान के लिए अडे रहे अपने बाहुबल से ही शत्रु मार गिराए तभी तो तुम शहीद् कहलाए घर तुम्हारा भी था बैठा था परिवार आंखें बिछाऐ तुमने देश वासी हीं रिशतेदार बनाऐ तभी तो तुम शहीद् कहलाए सपने संजोने का हक तुम्हारा भी था पूरा करने का इंतजार लिए देश के लिए बलिवेदी पर चढाऐ तभी तो तुम शहीद् कहलाए यह इतना धैर्य तुम कहाँ से लाएं तभी तो तुम शहीद् कहलाए।
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Aug 15, 2020
Aug 15, 2020 at 1:29 PM UTC
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