क्या कहें क्या दिल को चाहिए,
क्या इसको मिलता हैं।
कहाँ सुबह होती हैं,
कहाँ दिन ढलता हैं।
बिना उसकी मर्जी के,
क्या एक भी पत्ता हिलता हैं।
किस्मत पर कहाँ जनाब,
किसका ज़ोर चलता हैं।
Jul 12, 2020
Jul 12, 2020 at 3:01 PM UTC
क्या कहें क्या दिल को चाहिए,
क्या इसको मिलता हैं।
कहाँ सुबह होती हैं,
कहाँ दिन ढलता हैं।
बिना उसकी मर्जी के,
क्या एक भी पत्ता हिलता हैं।
किस्मत पर कहाँ जनाब,
किसका ज़ोर चलता हैं।