Hello Poetry
Submit your work and get some sparkles! Create free account
Rashmi_Kiran
F/India I'm a poet and a writer.
क्यों प्रेम किया क्यों निभा रहे तुम बसंत बने ज़ख्म भर जो रहे क्या दे सकती मृत प्रीत मेरी है नासूर मेरे विष वमन करें ये विषपान सह लोगे क्या तुम शिव मेरे हो कर ~~रश्मि किरण Why you loved me Why you are fulfilling Like spring You are healing my wound What I can offer you I have my dead love with me My canker sores Vomiting poison Those poisonous drink Can you sustain within Becoming my lord Shiva (English translation of the above poem ) ~~ Rashmi Kiran
0
Feb 18, 2018
Feb 18, 2018 at 6:51 AM UTC
Choka poem in hindi
~~प्रकृति के चुंबन ~~ ओ सजना सुनों ना भंवरे क्यूं गूंजन करते डोले हैं फूलों का मधुपान किया करते हैं क्षितिज अनंत तक देखो ना कैसे नभ धरा पर झुकते हैं बार बार सागर से लहरें क्यों उठतीं हैं यह सब क्यों होता है बोलो ना लहर किनारों को सिक्त करतीं हैं ठहर वहाँ मेह क्यों बरस पडते हैं साजन श्रृंगों पर मेह दल को देखो ना पात पात की रंगत क्यूं निखरी है किरणों ने हर पात पे देखो अधर धरा है नादान बन यूँ अब मुझको देखो ना प्रकृति में सब चुम्बन में डूबे हुये हैं कुछ तो समझो तुमसे क्या कहते हैं ओ सजना सुनों ना ~~रश्मि किरण
0
Feb 15, 2018
Feb 15, 2018 at 6:26 AM UTC
Kiss of nature