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PInsightWrites
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क्या खुबसूरत है, ये रिश्तों का समा भी, जो दूर है, उनसे एक पल का भी फासला नही, और जो साथ है, उनसे फास्लों के अलावा कुछ नही, कुछ अपने होकर भी पराये है, तो कुछ पराय होकर भी अपने, रिश्तों के इस सफर में, ये रिश्तों के धागे, कुछ अलग ही उलझे है, कुछ उलझे हुए ही ठीक है, तो कुछ सुलझ जाए तो ही बेहतर है! फिर भी खुबसूरत है, ये रिश्तों का समा!!!
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Jun 22, 2020
Jun 22, 2020 at 1:42 AM UTC
Rishton ka Sama
बारिश की बुंदों से कुछ यूं गुफ्तगू करना चहता हुँ, भरे हुए मन को बस खाली करना चाहता हूँ! इन बुंदों के साथ साथ, कुछ आँसू बहाना चाहता हूँ, और इन बुंदों को मेहसूस कर, फिर मुस्कुरुना भी चाहता हुँ! इन बुंदों की आड़ में, कुछ अपने दर्द चुपाना चाहता हुँ, और इन बुंदों के साथ साथ, अपनो का कुछ दर्द भी बाटना चाहता हुँ! बारिश की बुंदों से मैं, कुछ यूं गुफ्तगू करना चहता हुँ!
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Jun 22, 2020
Jun 22, 2020 at 1:41 AM UTC
Baarish ki boonde
कुछ ज़ख्मो के निशान इस कदर रह जाते है, जो ज़िन्दगी भर साथ निभा जाते है, ये ज़ख्म कुछ ज़िन्दगी से मिले, तो कुछ रिश्तों से, हम कितने भी आगे बढ़ जाये ज़िन्दगी में, फिर भी उन ज़ख्मो को भर नही सकते, वो हमेशा हमें उस वक़्त की याद दिलाते रहते है! ज़िन्दगी के ज़ख्मो ने सिखाई, इस सफलता की किमत, और रिश्तों के ज़ख्मो सिखाया अपने और पराय का फर्क! इसलिये अगर ये ज़ख्म ना भी भर सेक तो कोई अफसोस नही, मैने सिख लिया है इन ज़ख्मो के साथ ज़िन्दगी जीना, क्युंकि इन रिश्तों ने भी तो इन ज़ख्मो के बावजूद हर पल है साथ निभाया मेरा!! हर पल है साथ निभाया मेरा!!
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Jun 22, 2020
Jun 22, 2020 at 1:37 AM UTC
Zakhm
इन साँसों को मज़ाक मत समझा करो जनाब, इनकी एहमियत तुम्हे नही होगी शायद, मगर एकबार अपनो को पुछकर तो देखना! इन साँसो के साथ खेलने से पेहले, तुने क्या खोया ये नही, तुने क्या पाया, ये सोचकर तो देखना एकबार! कभी जो चाहा वो ना हुआ तो क्या? क्या खुद पर इत्ना भी विश्वास नही, हिम्मत नही, की अपनी परेशानियों से लड़ सको? क्या इन परेशानियों से बढकर है,इस जिन्दगी की किमत? अगर कुछ हांसिल ना कर सेक तो क्या, जिंदगी आगे नही बढेगी, क्या वही थम जायेगी ? बस एकबार सोचकर तो देखना, इन साँसों के साथ खेलने से पहले!!!
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Jun 22, 2020
Jun 22, 2020 at 1:32 AM UTC
Saansen
Kuch is kadar shor kar jati hai Khamoshiyan! Bin kuch kahe, bahot kuch keh jaati hai ye Khamoshiyan, Jo baaten kabhi lafzon se bhi bayan na ** sake, Wo kabhi kabhi khamoshiyan keh jaati hai, Kabhi bigdi baat bana jati hai, To kabhi Bannti baat bigad bhi jati hai! Bas Kuch is kadar shor kar jati hai yeh Khamaoshiyan!
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Jun 12, 2020
Jun 12, 2020 at 1:43 AM UTC
Khamoshiyan
ये आंखें बहोत कुछ केह जाती है, अगर तुम सुन सको, इसमे चुपा दर्द भी, और कुछ खुशी भी, इन आंखों में नमी की वजह भी, और कुछ छुपे हुए राज़ भी, बस अगर तुम सको तो, ये आंखे बहोत कुछ केह जाती है!!!!
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Jun 12, 2020
Jun 12, 2020 at 1:43 AM UTC
Aankhen
काश इन परेशानियों का भी कोई आशियाना होता, कम्बख्त रोज़ तो मेरे यहाँ यूं ना चली आती, या फिर काश ये कोई चीज़ ही होती, ताकी इसे मैं किसी अटेची में भरकर, किसी विरानी सी जगह छोड ही आता, काश इन्हे खुद पर कुछ तो गुरूर होता, तो ये रोज़ तो मेरे यहाँ यूं ना चली आती! तो ये रोज़ तो मेरे यहाँ यूं ना चली आती!!!!
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Jun 12, 2020
Jun 12, 2020 at 1:43 AM UTC
Pareshaiyan
E mann tu kyu rota hai, Kuch 2 pal ki hi to hai zindagi, Phir tu itna kyun sochta hai, Har pal ek naya daur hai, Ek naya savera, aur ek nai ummeed hai, Bas itni si baat hai Zindagi, Kuch pal haseen, to kuch bas yuhin hai zindagi, Bas 2 pal ki hi to hai Zindagi!! Bas 2 pal ki hi to hai Zindagi!!
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Jun 12, 2020
Jun 12, 2020 at 1:42 AM UTC
Bas 2 pal ki hit to hai Zindagi!
ए इन्सान तू इत्ना तो सोचना कभी, की इत्ना गुरूर खुद पर किस बात का? जबकी तेरा खुद का तो कुछ भी नही, तुझे जन्म देने वाला भी कोई और, और चिता देने वाला भी कोई और, तू लेकर भी कुछ ना आया था, और ना लेकर कुछ भी जायेगा, तो फिर गुरूर किस बात का? ए इन्सान, बस तू इत्ना तो सोचना कभी! बस तू इत्ना तो सोचना कभी!
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Jun 12, 2020
Jun 12, 2020 at 1:41 AM UTC
Tu kabhi itna to sochna!
आज कुछ शुक्रियादा ही कर लेते है, जो मिला है उसके लिये! शिकायत तो फिर कभी कर लेंगे, जो चाहा था वो ना मिला उसके लिये! आज थोडा ठहर जाते है, और वक़्त को गुज़र जाने देते है! जो चाहा था वो वक़्त ना मिला, उसके लिये शिकायत तो फिर कभी कर लेंगे! जो कुछ थोडा मिला है उसके लिये, आज कुछ शुक्रियादा ही कर लेते है!
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Jun 12, 2020
Jun 12, 2020 at 1:41 AM UTC
Shukriyada